Revelation · chapter 13 · verse 10
Revelation 13:10 in Hindi
जिस को कैद में पड़ना है, वह कैद में पड़ेगा, जो तलवार से मारेगा, अवश्य है कि वह तलवार से मारा जाएगा, पवित्रा लोगों का धीरज और विश्वास इसी में है।।
Jis ko kaid mem padanaa hai, vah kaid mem padegaa, jo talavaar se maaregaa, avashy hai ki vah talavaar se maaraa jaaegaa, pavitraa logom kaa dheeraj aur vishvaas isee mem hai..
Revelation 13:10 in English
- King James Version (KJV)
- He that leadeth into captivity shall go into captivity: he that killeth with the sword must be killed with the sword. Here is the patience and the faith of the saints.
- World English Bible (WEB)
- If anyone is to go into captivity, he will go into captivity. If anyone is to be killed with the sword, he must be killed. Here is the endurance and the faith of the saints.
- American Standard Version (ASV)
- If any man [is] for captivity, into captivity he goeth: if any man shall kill with the sword, with the sword must he be killed. Here is the patience and the faith of the saints.
- Bible in Basic English (BBE)
- If any man sends others into prison, into prison he will go: if any man puts to death with the sword, with the sword will he be put to death. Here is the quiet strength and the faith of the saints.
- Darby Translation (DBY)
- If any one [leads] into captivity, he goes into captivity. If any one shall kill with [the] sword, he must with [the] sword be killed. Here is the endurance and the faith of the saints.
- Webster's Bible (WBS)
- He that leadeth into captivity shall go into captivity: he that killeth with the sword must be killed with the sword. Here is the patience and the faith of the saints.
- Young's Literal Translation (YLT)
- if any one a captivity doth gather, into captivity he doth go away; if any one by sword doth kill, it behoveth him by sword to be killed; here is the endurance and the faith of the saints.
Read in context
- 8और पृथ्वी के वे सब रहनेवाले जिन के नाम उस मेम्ने की जीवन की पुस्तक में लिखे नहीं गए, जो जंगल की उत्पत्ति के समय से घात हुआ है, उस पशु की पूजा करेंगे।
- 9जिस के कान हों वह सुने।
- 10जिस को कैद में पड़ना है, वह कैद में पड़ेगा, जो तलवार से मारेगा, अवश्य है कि वह तलवार से मारा जाएगा, पवित्रा लोगों का धीरज और विश्वास इसी में है।।
- 11फिर मैं ने एक और पशु को पृथ्वी में से निकलते हुए देखा, उसके मेम्ने के से दो सींग थे; और वह अजगर की नाईं बोलता था।
- 12और यह उस पहिले पशु का सारा अधिकार उसके साम्हने काम में लाता था, और पृथ्वी और उसके रहनेवालों से उस पहिले पशु की जिस का प्राणघातक घाव अच्छा हो गया था, पूजा कराता था।
Cross references
- Jeremiah 15:2 यिर्मयाह 15:2और यदि वे तुझ से पूछें कि हम कहां निकल जाएं? तो कहना कि यहोवा यों कहता है, जो मरनेवाले हैं, वे मरने को चले जाएं, जो तलवार से मरनेवाले हैं, वे तलवार से मरने को; जो आकाल से मरनेवाले हैं, वे आकाल से मरने को, और जो बंधुए होनेवाले हैं, वे बंधुआई में चले जाएें।
- Isaiah 33:1 यशायाह 33:1हाय तुझ नाश करनेवाले पर जो नाश नहीं किया गया था; हाय तुझ विश्वासघाती पर, जिसके साथ विश्वासघात नहीं किया गया! जब तू नाश कर चुके, तब तू नाश किया जाएगा; और जब तू विश्वासघात कर चुके, तब तेरे साथ विश्वासघात किया जाएगा।।
- Revelation 14:12 प्रकाशितवाक्य 14:12पवित्रा लोगों का धीरज इसी में है, जो परमेश्वर की आज्ञाओं को मानते, और यीशु पर विश्वास रखते हैं।।
- Revelation 3:10 प्रकाशितवाक्य 3:10तू ने मेरे धीरज के वचन को थामा है, इसलिये मैं भी तुझे परीक्षा के उस समय बचा रखूंगा, जो पृथ्वी पर रहनेवालों के परखने के लिये सारे संसार पर आनेवाला है।
- Luke 21:19 लूका 21:19अपने धीरज से तुम अपने प्राणों को बचाए रखोगे।।
- Hebrews 6:12 इब्रानियों 6:12ताकि तुम आलसी न हो जाओ; बरन उन का अनुकरण करो, जो विश्वास और धीरज के द्वारा प्रतिज्ञाओं के वारिस होते हैं।
- Revelation 2:2 प्रकाशितवाक्य 2:2मै तेरे काम, और परिश्रम, और तेरा धीरज जानता हूं; और यह भी, कि तू बुरे लोगों को तो देख नहीं सकता; और जो अपने आप को प्रेरित कहते हैं, और हैं नहीं, उन्हें तू ने परखकर झूठा पाया।
- James 5:7–8 याकूब 5:7–8सो हे भाइयों, प्रभु के आगमन तक धीरज धरो, देखो, गृहस्थ पृथ्वी के बहुमूल्य फल की आशा रखता हुआ प्रथम और अन्तिम वर्षा होने तक धीरज धरता है। तुम भी धीरज धरो, और अपने हृदय को दृढ़ करो, क्योंकि प्रभु का शुभागमन निकट है।
- Luke 18:1–8 लूका 18:1–8फिर उस ने इस के विषय में कि नित्य प्रार्थना करना और हियाव न छोड़ना चाहिए उन से यह दृष्टान्त कहा। कि किसी नगर में एक न्यायी रहता था; जो न परमेश्वर से डरता थ और न किसी मनुष्य की परवाह करता था। और उसी नगर में एक विधवा भी रहती थी: जो उसके पास आ आकर कहा करती थी, कि मेरा न्याय चुकाकर मुझे मु ई से बचा। उस ने कितने समय तक तो न माना परन्तु अन्त में मन में विचारकर कहा, यद्यपि मैं न परमेश्वर से डरता, और न मनुष्यों की कुछ परवाह करता हूं। तौभी यह विधवा मुझे सताती रहती है, इसलिये मैं उसका न्याय चुकाऊंगा कहीं ऐसा न हो कि घड़ी घड़ी आकर अन्त को मेरा नाक में दम करे। प्रभु ने कहा, सुनो, कि यह अधर्मी न्यायी क्या कहता है? सो क्या परमेश्र अपने चुने हुओं का न्याय न चुकाएगा, जो रात- दिन उस की दुहाई देते रहते; और क्या वह उन के विषय में देन करेगा? मैं तुम से कहता हूं; वह तुरन्त उन का न्याय चुकाएगा; तौभी मनुष्य का पुत्रा जब आएगा, तो क्या वह पृथ्वी पर विश्वास पाएगा?
- Matthew 26:52 मत्ती 26:52तब यीशु ने उस से कहा; अपनी तलवार काठी में रख ले क्योंकि जो तलवार चलाते हैं, वे सब तलवार से नाश किए जाएंगे।
- James 1:2–4 याकूब 1:2–4हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो तो इसे पूरे आनन्द की बात समझो, यह जानकर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है। पर धीरज को अपना पूरा काम करने दो, कि तुम पूरे और सिद्ध हो जाओ और तुम में किसी बात की घटी न रहे।।
- Jeremiah 43:11 यिर्मयाह 43:11वह आके मिस्र देश को मारेगा, तब जो मरनेवाले हों वे मृत्यु के वश में, जो बंधुए होनेवाले हों वे बंधुआई में, और जो तलवार के लिये हें वे तलवार के वश में कर दिए जाएंगे।
Original words (Greek)
- He · G5100τὶς tìs
- that · G1487εἰ ei
- into · G4863συνάγω synágō
- captivity · G161αἰχμαλωσία aichmalōsía
- go · G5217ὑπάγω hypágō
- into · G1519εἰς eis
- captivity · G161αἰχμαλωσία aichmalōsía
- he · G5100τὶς tìs
- that · G1487εἰ ei
- killeth · G615ἀποκτείνω apokteínō
- with · G1722ἐν en
- sword · G3162μάχαιρα máchaira
- must · G1163δεῖ deî
- be · G846αὐτός autós
- killed · G615ἀποκτείνω apokteínō
- with · G1722ἐν en
- sword · G3162μάχαιρα máchaira
- Here · G5602ὧδε hōde
- is · G2076ἐστί estí
- patience · G5281ὑπομονή hypomonḗ
- and · G2532καί kaí
- faith · G4102πίστις pístis
- saints · G40ἅγιος hágios