James · chapter 5 · verse 7
James 5:7 in Hindi
सो हे भाइयों, प्रभु के आगमन तक धीरज धरो, देखो, गृहस्थ पृथ्वी के बहुमूल्य फल की आशा रखता हुआ प्रथम और अन्तिम वर्षा होने तक धीरज धरता है।
So he bhaaiyom, prabhu ke aagaman tak dheeraj dharo, dekho, gruhasth pruthvee ke bahumooly phal kee aashaa rakhataa huaa pratham aur antim varshaa hone tak dheeraj dharataa hai.
James 5:7 in English
- King James Version (KJV)
- Be patient therefore, brethren, unto the coming of the Lord. Behold, the husbandman waiteth for the precious fruit of the earth, and hath long patience for it, until he receive the early and latter rain.
- World English Bible (WEB)
- Be patient therefore, brothers, until the coming of the Lord. Behold, the farmer waits for the precious fruit of the earth, being patient over it, until it receives the early and late rain.
- American Standard Version (ASV)
- Be patient therefore, brethren, until the coming of the Lord. Behold, the husbandman waiteth for the precious fruit of the earth, being patient over it, until it receive the early and latter rain.
- Bible in Basic English (BBE)
- Go on waiting calmly, my brothers, till the coming of the Lord, like the farmer waiting for the good fruit of the earth till the early and late rains have come.
- Darby Translation (DBY)
- Have patience, therefore, brethren, till the coming of the Lord. Behold, the labourer awaits the precious fruit of the earth, having patience for it until it receive [the] early and [the] latter rain.
- Webster's Bible (WBS)
- Be patient, therefore, brethren, to the coming of the Lord. Behold, the husbandman waiteth for the precious fruit of the earth, and hath long patience for it, until he receiveth the early and the latter rain.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Be patient, then, brethren, till the presence of the Lord; lo, the husbandman doth expect the precious fruit of the earth, being patient for it, till he may receive rain — early and latter;
Read in context
- 5तुम पृथ्वी पर भोग-विलास में लगे रहे और बड़ा ही सुख भोगा; तुम ने इस वध के दिन के लिये अपने हृदय का पालन-पोषण करके मोटा ताजा किया।
- 6तुम ने धर्मी को दोषी ठहरा कर मार डाला; वह तुम्हारा साम्हना नहीं करता॥
- 7सो हे भाइयों, प्रभु के आगमन तक धीरज धरो, देखो, गृहस्थ पृथ्वी के बहुमूल्य फल की आशा रखता हुआ प्रथम और अन्तिम वर्षा होने तक धीरज धरता है।
- 8तुम भी धीरज धरो, और अपने हृदय को दृढ़ करो, क्योंकि प्रभु का शुभागमन निकट है।
- 9हे भाइयों, एक दूसरे पर दोष न लगाओ ताकि तुम दोषी न ठहरो, देखो, हाकिम द्वार पर खड़ा है।
Cross references
- Hebrews 12:1–3 इब्रानियों 12:1–3इस कारण जब कि गवाहों का ऐसा बड़ा बादल हम को घेरे हुए है, तो आओ, हर एक रोकनेवाली वस्तु, और उलझानेवाले पाप को दूर करके, वह दौड़ जिस मे हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें। और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करनेवाले यीशु की ओर से ताकते रहें; जिस ने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्जा की कुछ चिन्ता न करके, क्रूस का दुख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दहिने जा बैठा। इसलिये उस पर ध्यान करो, जिस ने अपने विरोध में पापियों का इतना वाद- विवाद सह लिया कि तुम निराश होकर हियाव न छोड़ दो।
- James 5:8–9 याकूब 5:8–9तुम भी धीरज धरो, और अपने हृदय को दृढ़ करो, क्योंकि प्रभु का शुभागमन निकट है। हे भाइयों, एक दूसरे पर दोष न लगाओ ताकि तुम दोषी न ठहरो, देखो, हाकिम द्वार पर खड़ा है।
- Joel 2:23 योएल 2:23हे सिरयोनियों, तुम अपने परमेश्वर यहोवा के कारण मगन हो, और आनन्द करो; क्योंकि तुम्हारे लिये वह वर्षा, अर्थात् बरसात की पहिली वर्षा बहुतायत से देगा; और पहिले के समान अगली और पिछली वर्षा को भी बरसाएगा।।
- Galatians 6:9 गलातियों 6:9हम भले काम करने में हियाव न छोड़े, क्योंकि यदि हम ढीले न हांे, तो ठीक समय पर कटनी काटेंगे।
- Deuteronomy 11:14 व्यवस्थाविवरण 11:14तो मैं तुम्हारे देश में बरसात के आदि और अन्त दोनों समयों की वर्षा को अपने अपने समय पर बरसाऊंगा, जिस से तू अपना अन्न, नया दाखमधु, और टटका तेल संचय कर सकेगा।
- Colossians 1:11 कुलुस्सियों 1:11और उस की महिमा की शक्ति के अनुसार सब प्रकार की सामर्थ से बलवन्त होते जाओ, यहां तक कि आनन्द के साथ हर प्रकार से धीरज और सहनशीलता दिखा सको।
- 2 Corinthians 6:4–5 2 कुरिन्थियों 6:4–5परन्तु हर बात में परमेश्वर के सेवकों की नाई अपने सद्गुणों को प्रगट करते हैं, बड़े धैर्य से, क्लेशों से, दरिद्रता से, संकटो से। कोड़े खाने से, कैद होने से, हुल्लड़ों से, परिश्रम से, जागते रहने से, उपवास करने से।
- Romans 2:7 रोमियों 2:7जो सुकर्म में स्थिर रहकर महिमा, और आदर, और अमरता की खोज में है, उन्हें अनन्त जीवन देगा।
- Hebrews 6:15 इब्रानियों 6:15और इस रीति से उस ने धीरज धरकर प्रतिज्ञा की हुई बात प्राप्त की।
- Jeremiah 5:24 यिर्मयाह 5:24वे मन में इतना भी नहीं सोचते कि हमारा परमेश्वर यहोवा तो बरसात के आरम्भ और अन्त दोनों समयों का जल समय पर बरसाता है, और कटनी के नियत सप्ताहों को हमारे लिये रखता है, इसलिये हम उसका भय मानें।
- Romans 8:24–25 रोमियों 8:24–25आशा के द्वारा तो हमारा उद्धार हुआ है परन्तु जिस वस्तु की आशा की जाती है जब वह देखने में आए, तो फिर आशा कहां रही? क्योकि जिस वस्तु को कोई देख रहा है उस की आशा क्या करेगा? परन्तु जिस वस्तु को हम नहीं देखते, यदि उस की आशा रखते हैं, तो धीरज से उस की बाट जाहते भी हैं।।
- Galatians 5:5 गलातियों 5:5क्योंकि आत्मा के कारण, हम विश्वास से, आशा की हुई धार्मिकता की बाट जोहते हैं।
Original words (Greek)
- patient · G3114μακροθυμέω makrothyméō
- therefore · G3767οὖν oûn
- brethren · G80ἀδελφός adelphós
- unto · G2193ἕως héōs
- coming · G3952παρουσία parousía
- Lord · G2962κύριος kýrios
- Behold · G2400ἰδού idoú
- husbandman · G1092γεωργός geōrgós
- for · G1551ἐκδέχομαι ekdéchomai
- precious · G5093τίμιος tímios
- fruit · G2590καρπός karpós
- earth · G1093γῆ gē
- patience · G3114μακροθυμέω makrothyméō
- for · G1909ἐπί epí
- it · G846αὐτός autós
- until · G2193ἕως héōs
- receive · G2983λαμβάνω lambánō
- early · G4406πρώϊμος prṓïmos
- and · G2532καί kaí
- latter · G3797ὄψιμος ópsimos
- rain · G5205ὑετός hyetós