Revelation · chapter 22 · verse 11
Revelation 22:11 in Hindi
जो अन्याय करता है, वह अन्याय ही करता रहे; और जो मलिन है, वह मलिन बना रहे; और जो धर्मी है, वह धर्मी बना रहे; और जो पवित्रा है, वह पवित्रा बना रहे।
Jo anyaay karataa hai, vah anyaay hee karataa rahe; aur jo malin hai, vah malin banaa rahe; aur jo dharmee hai, vah dharmee banaa rahe; aur jo pavitraa hai, vah pavitraa banaa rahe.
Revelation 22:11 in English
- King James Version (KJV)
- He that is unjust, let him be unjust still: and he which is filthy, let him be filthy still: and he that is righteous, let him be righteous still: and he that is holy, let him be holy still.
- World English Bible (WEB)
- He who acts unjustly, let him act unjustly still. He who is filthy, let him be filthy still. He who is righteous, let him do righteousness still. He who is holy, let him be holy still.”
- American Standard Version (ASV)
- He that is unrighteous, let him do unrighteousness still: and he that is filthy, let him be made filthy still: and he that is righteous, let him do righteousness still: and he that is holy, let him be made holy still.
- Bible in Basic English (BBE)
- Let the evil man go on in his evil: and let the unclean be still unclean: and let the upright go on in his righteousness: and let the holy be holy still.
- Darby Translation (DBY)
- Let him that does unrighteously do unrighteously still; and let the filthy make himself filthy still; and let him that is righteous practise righteousness still; and he that is holy, let him be sanctified still.
- Webster's Bible (WBS)
- He that is unjust, let him be unjust still: and he who is filthy, let him be filthy still: and he that is righteous, let him be righteous still: and he that is holy, let him be holy still.
- Young's Literal Translation (YLT)
- he who is unrighteous — let him be unrighteous still, and he who is filthy — let him be filthy still, and he who is righteous — let him be declared righteous still, and he who is sanctified — let him be sanctified still:
Read in context
- 9और उस ने मुझ से कहा, देख, ऐसा मत कर; क्योंकि मैं तेरा और तेरे भाई भविष्यद्वक्ताओं और इस पुस्तक की बातों के माननेवालों का संगी दास हूं; परमेश्वर ही को दण्डवत कर।।
- 10फिर उस ने मुझ से कहा, इस पुस्तक की भविष्यद्ववाणी की बातों को बन्द मत कर; क्योंकि समय निकट है।।
- 11जो अन्याय करता है, वह अन्याय ही करता रहे; और जो मलिन है, वह मलिन बना रहे; और जो धर्मी है, वह धर्मी बना रहे; और जो पवित्रा है, वह पवित्रा बना रहे।
- 12देख, मैं शीघ्र आनेवाला हूं; और हर एक के काम के अनुसार बदला देने के लिये प्रतिफल मेरे पास है।
- 13मैं अलफा और ओमिगा, पहिला और पिछला, आदि और अन्त हूं।
Cross references
- Daniel 12:10 दानिय्येल 12:10बहुत लोग तो अपने अपने को निर्मल और उजले करेंगे, और स्वच्छ हो जाएंगे; परन्तु दुष्ट लोग दुष्टता ही करते रहेंगे; और दुष्टों में से कोई ये बातें न समझेगा; परन्तु जो बुद्धिमान है वे ही समझेंगे।
- Proverbs 4:18 नीतिवचन 4:18परन्तु धर्मियों की चाल उस चमकती हुई ज्योति के समान है, जिसका प्रकाश दोपहर तक अधिक अधिक बढ़ता रहता है।
- Ezekiel 3:27 यहेजकेल 3:27परन्तु जब जब मैं तुझ से बातें करूं, तब तब तेरे मुंह को खोलूंगा, और तू उन से ऐसा कहना, कि प्रभु यहोवा यों कहता है, जो सुनता है वह सुन ले और जो नहीं सुनता वह न सुने, वे तो बलवई घराने के हैं ही।
- 2 Timothy 3:13 2 तीमुथियुस 3:13और दुष्ट, और बहकानेवाले धोखा देते हुए, और धोखा खाते हुए, बिगड़ते चले जाएंगे।
- Matthew 15:14 मत्ती 15:14उन को जाने दो; वे अन्धे मार्ग दिखानेवाले हैं: और अन्धा यदि अन्धे को मार्ग दिखाए, तो दोनों गड़हे में गिर पड़ेंगे।
- Job 17:9 अय्यूब 17:9तौभी धम लोग अपना मार्ग पकड़े रहेंगे, और शुठ्ठ काम करनेवाले सामर्थ्य पर सामर्थ्य पाते जाएंगे।
- Matthew 5:6 मत्ती 5:6धन्य हैं वे, जो दयावन्त हैं, क्योंकि उन पर दया की जाएगी।
- Matthew 25:10 मत्ती 25:10जब वे मोल लेने को जा रही थीं, तो दूल्हा आ पहुंचा, और जो तैयार थीं, वे उसके साथ ब्याह के घर में चलीं गई और द्वार बन्द किया गया।
- Proverbs 14:32 नीतिवचन 14:32दुष्ट मनुष्य बुराई करता हुआ नाश हो जाता है, परन्तु धर्मी को मृत्यु के समय भी शरण मिलती है।
- Proverbs 1:24–33 नीतिवचन 1:24–33मैं ने तो पुकारा परन्तु तुम ने इनकार किया, और मैं ने हाथ फैलाया, परन्तु किसी ने ध्यान न दिया, वरन तुम ने मेरी सारी सम्मति को अनसुनी किया, और मेरी ताड़ना का मूल्य न जाना; इसलिये मैं भी तुम्हारी विपत्ति के समय हंसूंगी; और जब तुम पर भय आ पड़ेगा, वरन आंधी की नाई तुम पर भय आ पड़ेगा, और विपत्ति बवण्डर के समान आ पड़ेगी, और तुम संकट और सकेती में फंसोगे, तब मैं ठट्ठा करूंगी। उस समय वे मुझे पुकारेंगे, और मैं न सुनूंगी; वे मुझे यत्न से तो ढूंढ़ेंगे, परन्तु न पाएंगे। क्योंकि उन्हों ने ज्ञान से बैर किया, और यहोवा का भय मानना उनको न भाया। उन्हों ने मेरी सम्पत्ति न चाही वरन मेरी सब ताड़नाओं को तुच्छ जाना। इसलिये वे अपनी करनी का फल आप भोगेंगे, और अपनी युक्तियों के फल से अघा जाएंगे। क्योंकि भोले लोगों का भटक जाना, उनके घात किए जाने का कारण होगा, और निश्चिन्त रहने के कारण मूढ़ लोग नाश होंगे; परन्तु जो मेरी सुनेगा, वह निडर बसा रहेगा, और बेखटके सुख से रहेगा।।
- Jude 1:24 यहूदा 1:24अब जो तुम्हें ठोकर खाने से बचा सकता है, और अपनी महिमा की भरपूरी के साम्हने मगन और निर्दोष करके खड़ा कर सकता है।
- Ephesians 5:27 इफिसियों 5:27और उसे एक ऐसी तेजस्वी कलीसिया बनाकर अपने मास खड़ी करे, जिस में न कलंक, न झुर्री, न कोई ऐसी वस्तु हो, बरन पवित्रा और निर्दोष हो।
Original words (Greek)
- unjust · G91ἀδικέω adikéō
- unjust · G91ἀδικέω adikéō
- still · G2089ἔτι éti
- and · G2532καί kaí
- filthy · G4510ῥυπόω rhypóō
- filthy · G4510ῥυπόω rhypóō
- still · G2089ἔτι éti
- and · G2532καί kaí
- righteous · G1342δίκαιος díkaios
- righteous · G1344δικαιόω dikaióō
- still · G2089ἔτι éti
- and · G2532καί kaí
- holy · G40ἅγιος hágios
- holy · G37ἁγιάζω hagiázō
- still · G2089ἔτι éti