Romans · chapter 1 · verse 23
Romans 1:23 in Hindi
और अविनाशी परमेश्वर की महिमा को नाशमान मनुष्य, और पक्षियों, और चौपायों, और रेंगनेवाले जन्तुओं की मूरत की समानता में बदल डाला।।
Aur avinaashee parameshvar kee mahimaa ko naashamaan manushy, aur pakshiyom, aur chaupaayom, aur renganevaale jantuom kee moorat kee samaanataa mem badal daalaa..
Romans 1:23 in English
- King James Version (KJV)
- And changed the glory of the uncorruptible God into an image made like to corruptible man, and to birds, and fourfooted beasts, and creeping things.
- World English Bible (WEB)
- and traded the glory of the incorruptible God for the likeness of an image of corruptible man, and of birds, four-footed animals, and creeping things.
- American Standard Version (ASV)
- and changed the glory of the incorruptible God for the likeness of an image of corruptible man, and of birds, and four-footed beasts, and creeping things.
- Bible in Basic English (BBE)
- And by them the glory of the eternal God was changed and made into the image of man who is not eternal, and of birds and beasts and things which go on the earth.
- Darby Translation (DBY)
- and changed the glory of the incorruptible God into [the] likeness of an image of corruptible man and of birds and quadrupeds and reptiles.
- Webster's Bible (WBS)
- And changed the glory of the incorruptible God into an image made like to corruptible man, and to birds, and four-footed beasts, and creeping animals.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and changed the glory of the incorruptible God into the likeness of an image of corruptible man, and of fowls, and of quadrupeds, and of reptiles.
Read in context
- 21इस कारण कि परमेश्वर को जानने पर भी उन्हों ने परमेश्वर के योग्य बड़ाई और धन्यवाद न किया, परन्तु व्यर्थ विचार करने लगे, यहां तक कि उन का निर्बुद्धि मन अन्धेरा हो गया।
- 22वे अपने आप को बुद्धिमान जताकर मूर्ख बन गए।
- 23और अविनाशी परमेश्वर की महिमा को नाशमान मनुष्य, और पक्षियों, और चौपायों, और रेंगनेवाले जन्तुओं की मूरत की समानता में बदल डाला।।
- 24इस कारण परमेश्वर ने उन्हें उन के मन के अभिलाषों के अुनसार अशुद्धता के लिये छोड़ दिया, कि वे आपस में अपने शरीरों का अनादर करें।
- 25क्योंकि उन्हों ने परमेश्वर की सच्चाई को बदलकर झूठ बना डाला, और सृष्टि की उपासना और सेवा की, न कि उस सृजनहार की जो सदा धन्य है। आमीन।।
Cross references
- Psalm 106:20 भजन संहिता 106:20यों उन्हों ने अपनी महिमा अर्थात् ईश्वर को घास खानेवाले बैल की प्रतिमा से बदल डाला।
- Jeremiah 2:11 यिर्मयाह 2:11परन्तु मेरी प्रजा ने अपनी महिमा को निकम्मी वस्तु से बदल दिया है।
- Acts 17:29 प्रेरितों के काम 17:29सो परमेश्वर का वंश होकर हमें यह समझता उचित नहीं, कि ईश्वरत्व, सोने या रूपे या पत्थर के समान है, जो मनुष्य की कारीगरी और कल्पता से गढ़े गए हों।
- 1 Peter 4:3 1 पतरस 4:3क्योंकि अन्यजातियों की इच्छा के अनुसार काम करने, और लुचपन की बुरी अभिलाषाओं, मतवालापन, लीलाक्रीड़ा, पियक्कड़पन, और घृणित मूत्तिपूजा में जहां तक हम ने पहिले से समय गंवाया, वही बहुत हुआ।
- Romans 1:25 रोमियों 1:25क्योंकि उन्हों ने परमेश्वर की सच्चाई को बदलकर झूठ बना डाला, और सृष्टि की उपासना और सेवा की, न कि उस सृजनहार की जो सदा धन्य है। आमीन।।
- Psalm 115:5–8 भजन संहिता 115:5–8उनक मुंह तो रहता है परन्तु वे बोल नहीं सकती; उनके आंखें तो रहती हैं परन्तु वे देख नहीं सकतीं। उनके कान तो रहते हैं, परन्तु वे सुन नहीं सकतीं; उनके नाक तो रहती हैं, परन्तु वे सूंघ नहीं सकतीं। उनके हाथ तो रहते हैं, परन्तु वे स्पर्श नहीं कर सकतीं; उनके पांव तो रहते हैं, परन्तु वे चल नहीं सकतीं; और उनके कण्ठ से कुछ भी शब्द नहीं निकाल सकतीं। जैसी वे हैं वैसे ही उनके बनानेवाले हैं; और उन पर भरोसा रखनेवाले भी वैसे ही हो जाएंगे।।
- Ezekiel 8:10 यहेजकेल 8:10सो मैं ने भीतर जाकर देखा कि चारों ओर की भीत पर जाति जाति के रेंगनेवाले जन्तुओं और घृणित पशुओं और इस्राएल के घराने की सब मूरतों के चित्रा खिचे हुए हैं।
- Deuteronomy 5:8 व्यवस्थाविवरण 5:8तु अपने लिये कोई मूर्ति खोदकर न बनाना, न किसी की प्रतिमा बनाना जो आकाश में, वा पृथ्वी के जल में है;
- Psalm 135:15–18 भजन संहिता 135:15–18अन्यजातियों की मूरतें सोना- चान्दी ही हैं, वे मनुष्यों की बनाई हुई हैं। उनके मुंह तो रहता है, परन्तु वे बोल नहीं सकतीं, उनके आंखें तो रहती हैं, परन्तु वे देख नहीं सकतीं, उनके कान तो रहते हैं, परन्तु वे सुन नहीं सकतीं, न उनके कुछ भी सांस चलती है। जैसी वे हैं वैसे ही उनके बनानेवाले भी हैं; और उन पर सब भरोसा रखनेवाले भी वैसे ही हो जाएंगे!
- Deuteronomy 4:15–18 व्यवस्थाविवरण 4:15–18इसलिये तुम अपने विषय में बहुत सावधान रहना। क्योंकि जब यहोवा ने तुम से होरेब पर्वत पर आग के बीच में से बातें की तब तुम को कोई रूप न देख पड़ा, कहीं ऐसा न हो कि तुम बिगड़कर चाहे पुरूष चाहे स्त्री के, चाहे पृथ्वी पर चलनेवाले किसी पशु, चाहे आकाश में उड़नेवाले किसी पक्षी के, चाहे भूमि पर रेंगनेवाले किसी जन्तु, चाहे पृथ्वी के जल में रहनेवाली किसी मछली के रूप की कोई मूर्त्ति खोदकर बना लो,
- Isaiah 40:18 यशायाह 40:18तुम ईश्वर को किस के समान बताओगे और उसकी उपमा किस से दोगे?
- Isaiah 44:13 यशायाह 44:13बढ़ई सूत लगाकर टांकी से रखा करता है और रन्दनी से काम करता और परकार से रेखा खींचता है, वह उसका आकार और मनुष्य की सी सुन्दरता बनाता है ताकि लोग उस घर में रखें।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- changed · G236ἀλλάσσω allássō
- glory · G1391δόξα dóxa
- uncorruptible · G862ἄφθαρτος áphthartos
- God · G2316θεός theós
- into · G1722ἐν en
- image · G1504εἰκών eikṓn
- to · G3667ὁμοίωμα homoíōma
- corruptible · G5349φθαρτός phthartós
- man · G444ἄνθρωπος ánthrōpos
- and · G2532καί kaí
- birds · G4071πετεινόν peteinón
- and · G2532καί kaí
- beasts · G5074τετράπους tetrápous
- and · G2532καί kaí
- things · G2062ἑρπετόν herpetón