Romans · chapter 1 · verse 25
Romans 1:25 in Hindi
क्योंकि उन्हों ने परमेश्वर की सच्चाई को बदलकर झूठ बना डाला, और सृष्टि की उपासना और सेवा की, न कि उस सृजनहार की जो सदा धन्य है। आमीन।।
Kyonki unhom ne parameshvar kee sachchaaee ko badalakar jhooth banaa daalaa, aur srushti kee upaasanaa aur sevaa kee, na ki us srujanahaar kee jo sadaa dhany hai. Aameen..
Romans 1:25 in English
- King James Version (KJV)
- Who changed the truth of God into a lie, and worshipped and served the creature more than the Creator, who is blessed for ever. Amen.
- World English Bible (WEB)
- who exchanged the truth of God for a lie, and worshiped and served the creature rather than the Creator, who is blessed forever. Amen.
- American Standard Version (ASV)
- for that they exchanged the truth of God for a lie, and worshipped and served the creature rather than the Creator, who is blessed for ever. Amen.
- Bible in Basic English (BBE)
- Because by them the true word of God was changed into that which is false, and they gave worship and honour to the thing which is made, and not to him who made it, to whom be blessing for ever. So be it.
- Darby Translation (DBY)
- who changed the truth of God into falsehood, and honoured and served the creature more than him who had created [it], who is blessed for ever. Amen.
- Webster's Bible (WBS)
- Who changed the truth of God into a lie, and worshiped and served the creature more than the Creator, who is blessed for ever. Amen.
- Young's Literal Translation (YLT)
- who did change the truth of God into a falsehood, and did honour and serve the creature rather than the Creator, who is blessed to the ages. Amen.
Read in context
- 23और अविनाशी परमेश्वर की महिमा को नाशमान मनुष्य, और पक्षियों, और चौपायों, और रेंगनेवाले जन्तुओं की मूरत की समानता में बदल डाला।।
- 24इस कारण परमेश्वर ने उन्हें उन के मन के अभिलाषों के अुनसार अशुद्धता के लिये छोड़ दिया, कि वे आपस में अपने शरीरों का अनादर करें।
- 25क्योंकि उन्हों ने परमेश्वर की सच्चाई को बदलकर झूठ बना डाला, और सृष्टि की उपासना और सेवा की, न कि उस सृजनहार की जो सदा धन्य है। आमीन।।
- 26इसलिये परमशॆवर ने उन्हें नीच कामनाओं के वश में छोड़ दिया; यहां तक कि उन की स्त्रियों ने भी स्वाभाविक व्यवहार को, उस से जो स्वभाव के विरूद्ध है, बदल डाला।
- 27वैसे ही पुरूष भी स्त्रियों के साथ स्वाभाविक व्यवहार छोड़कर आपस में कामातुर होकर जलने लगे, और पुरूषों ने पुरूषों के साथ निर्लज्ज काम करके अपने भ्रम का ठीक फल पाया।।
Cross references
- Habakkuk 2:18 हबक्कूक 2:18खुदी हुई मूरत में क्या लाभ देखकर बनानेवाले ने उसे खोदा है? फिर झूठ सिखानेवाली और ढली हुई मूरत में क्या लाभ देखकर ढालनेवाले ने उस पर इतना भरोसा रखा है कि न बोलनेवाली और निकम्मी मूरत बनाए?
- Jeremiah 13:25 यिर्मयाह 13:25यहोवा की यह वाणी है, तेरा हिस्सा और मुझ से ठहराया हुआ तेरा भाग यही है, क्योंकि तू ने मुझे भूलकर झूठ पर भरोसा रखा है।
- 1 John 2:15–16 1 यूहन्ना 2:15–16तुम न तो संसार से और न संसार में की वस्तुओं से प्रेम रखो: यदि कोई संसार से प्रेम रखता है, तो उस में पिता का प्रेम नहीं है। क्योंकि जो कुछ संसार में है, अर्थात् शरीर की अभिलाषा, और आंखों की अभिलाषा और जीविका का घमण्ड, वह पिता की ओर से नहीं, परन्तु संसार ही की ओर से है।
- Isaiah 44:20 यशायाह 44:20वह राख खाता है; भरमाई हुई बुद्धि के कारण वह भटकाया गया है और वह न अपने को बचा सकता और न यह कह सकता है, क्या मेरे दहिने हाथ में मिथ्या नहीं?
- Amos 2:4 आमोस 2:4यहोवा यों कहता है, यहूदा के तीन क्या, वरन चार अपराधों के कारण, मैं उसका दण्ड न छोडूंगा; क्योंकि उनहों ने यहोवा की व्यवस्था को तुच्छ जाना और मेरी विधियों का नहीं माना; और अपने झूठे देवताओं के कारण जिनके पीछे उनके पुरखा चलते थे, वे भी भटक गए हैं।
- 2 Corinthians 11:31 2 कुरिन्थियों 11:31प्रभु यीशु का परमेश्वर और पिता जो सदा धन्य है, जानता है, कि मैं झूठ नहीं बोलता।
- Romans 9:5 रोमियों 9:5पुरखे भी उन्हीं के हैं, और मसीह भी शरीर के भाव से उन्हीं में से हुआ, जो सब के ऊपर परम परमेश्वर युगानुयुग धन्य है। आमीन।
- Jeremiah 10:14–15 यिर्मयाह 10:14–15सब मनुष्य पशु सरीखे ज्ञानरहित हैं; अपनी खोदी हुई मूरतों के कारण सब सुनारों की आशा टूटती है; क्योंकि उनकी ढाली हुई मूरतें झूठी हैं, और उन में सांस ही नहीं है। वे व्यर्थ और ठट्ठे ही के योग्य हैं; जब उनके दण्ड का समय आएगा तब वे नाश हो जाएंगीं।
- 1 John 5:20 1 यूहन्ना 5:20और यह भी जानते हैं, कि परमेश्वर का पुत्रा आ गया है और उस ने हमें समझ दी है, कि हम उस सच्चे को पहचानें, और हम उस में जो सत्य है, अर्थात् उसके पुत्रा यीशु मसीह में रहते हैं: सच्चा परमेश्वर और अनन्त जीवन यही है।
- Romans 1:23 रोमियों 1:23और अविनाशी परमेश्वर की महिमा को नाशमान मनुष्य, और पक्षियों, और चौपायों, और रेंगनेवाले जन्तुओं की मूरत की समानता में बदल डाला।।
- 2 Timothy 3:4 2 तीमुथियुस 3:4विश्वासघाती, ढीठ, घमण्डी, और परमेश्वर के नहीं बरन सुखविलास ही के चाहनेवाले होंगे।
- Matthew 6:24 मत्ती 6:24कोई मनुष्य दो स्वामियों की सेवा नहीं कर सकता, क्योंकि वह एक से बैर ओर दूसरे से प्रेम रखेगा, वा एक से मिला रहेगा और दूसरे को तुच्छ जानेगा; "तुम परमेश्वर और धन दोनो की सेवा नहीं कर सकते"।
Original words (Greek)
- Who · G3748ὅστις hóstis
- changed · G3337μεταλλάσσω metallássō
- truth · G225ἀλήθεια alḗtheia
- God · G2316θεός theós
- into · G1722ἐν en
- lie · G5579ψεῦδος pseûdos
- and · G2532καί kaí
- worshipped · G4573σεβάζομαι sebázomai
- and · G2532καί kaí
- served · G3000λατρεύω latreúō
- creature · G2937κτίσις ktísis
- than · G3844παρά pará
- Creator · G2936κτίζω ktízō
- who · G3739ὅς hós
- is · G2076ἐστί estí
- blessed · G2128εὐλογητός eulogētós
- for · G1519εἰς eis
- ever · G165αἰών aiṓn
- Amen · G281ἀμήν amḗn