Romans · chapter 12 · verse 18
Romans 12:18 in Hindi
जहां तक हो सके, तुम अपने भरसक सब मनुष्यों के साथ मेल मिलाप रखो।
Jahaam tak ho sake, tum apane bharasak sab manushyom ke saath mel milaap rakho.
Romans 12:18 in English
- King James Version (KJV)
- If it be possible, as much as lieth in you, live peaceably with all men.
- World English Bible (WEB)
- If it is possible, as much as it is up to you, be at peace with all men.
- American Standard Version (ASV)
- If it be possible, as much as in you lieth, be at peace with all men.
- Bible in Basic English (BBE)
- As far as it is possible for you be at peace with all men.
- Darby Translation (DBY)
- if possible, as far as depends on you, living in peace with all men;
- Webster's Bible (WBS)
- If [it is] possible, as much as lieth in you, live peaceably with all men.
- Young's Literal Translation (YLT)
- If possible — so far as in you — with all men being in peace;
Read in context
- 16आपस में एक सा मन रखो; अभिमानी न हो; परन्तु दीनों के साथ संगति रखो; अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न हो।
- 17बुराई के बदले किसी से बुराई न करो; जो बातें सब लोगों के निकट भली हैं, उन की चिन्ता किया करो।
- 18जहां तक हो सके, तुम अपने भरसक सब मनुष्यों के साथ मेल मिलाप रखो।
- 19हे प्रियो अपना पलटा न लेना; परन्तु क्रोध को अवसर दो, क्योंकि लिखा है, पलटा लेना मेरा काम है, प्रभु कहता है मैं ही बदला दूंगा।
- 20परन्तु यदि तेरा बैरी भूखा हो तो उसे खाना खिला; यदि प्यासा हो, तो उसे पानी पिला; क्योंकि ऐसा करने से तू उसके सिर पर आग के अंगारों का ढेर लगाएगा।
Cross references
- Hebrews 12:14 इब्रानियों 12:14सब से मेल मिलाप रखने, और उस पवित्राता के खोजी हो जिस के बिना कोई प्रभु को कदापि न देखेगा।
- Romans 14:19 रोमियों 14:19इसलिये हम उन बातों का प्रयत्न करें जिनसे मेल मिलाप और एक दूसरे का सुधार हो।
- Matthew 5:9 मत्ती 5:9धन्य हैं वे, जो धर्म के कारण सताए जाते हैं, क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्हीं का है।
- 2 Corinthians 13:11 2 कुरिन्थियों 13:11निदान, हे भाइयो, आनन्दित रहो; सिद्ध बनते जाओ; ढाढ़स रखो; एक ही मन रखो; मेल से रहो, और प्रेम और शान्ति का दाता परमेश्वर तुम्हारे साथ होगा।
- James 3:16–18 याकूब 3:16–18इसलिये कि जहां डाह और विरोध होता है, वहां बखेड़ा और हर प्रकार का दुष्कर्म भी होता है। पर जो ज्ञान ऊपर से आता है वह पहिले तो पवित्रा होता है फिर मिलनसार, कोमल और मृदुभाव और दया, और अच्छे फलों से लदा हुआ और पक्षपात और कपट रहित होता है। और मिलाप करानेवालों के लिये धार्मिकता का फल मेल- मिलाप के साथ बोया जाता है।।
- Galatians 5:22 गलातियों 5:22पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज,
- Mark 9:50 मरकुस 9:50नमक अच्छा है, पर यदि नमक की नमकीनी जाती रहे, तो उसे किस से स्वादित करोगे? अपने में नमक रखो, और आपस में मेल मिलाप से रहो।।
- Proverbs 12:20 नीतिवचन 12:20पुरी युक्ति करनेवालों के मन में छल रहता है, परन्तु मेल की युक्ति करनेवालों को आनन्द होता है।
- 1 Peter 3:11 1 पतरस 3:11वह बुराई का साथ छोड़े, और भलाई की करे; वह मेल मिलाप को ढूंढ़े, और उस के यत्न में रहे।
- 2 Timothy 2:22 2 तीमुथियुस 2:22जवानी की अभिलाषाओं से भाग; और जो शुद्ध मन से प्रभु का नाम लेते हैं, उन के साथ धर्म, और विश्वास, और प्रेम, और मेल- मिलाप का पीछा कर।
- Psalm 34:14 भजन संहिता 34:14बुराई को छोड़ और भलाई कर; मेल को ढूंढ और उसी का पीछा कर।।
- Romans 14:17 रोमियों 14:17क्योंकि परमशॆवर का राज्या खानापीना नहीं; परन्तु धर्म और मिलाप और वह आनन्द है;