Matthew · chapter 5 · verse 9
Matthew 5:9 in Hindi
धन्य हैं वे, जो धर्म के कारण सताए जाते हैं, क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्हीं का है।
Dhany haim ve, jo dharm ke kaaran sataae jaate haim, kyonki svarg kaa raajy unheem kaa hai.
Matthew 5:9 in English
- King James Version (KJV)
- Blessed [are] the peacemakers: for they shall be called the children of God.
- World English Bible (WEB)
- Blessed are the peacemakers, for they shall be called children of God.
- American Standard Version (ASV)
- Blessed are the peacemakers: for they shall be called sons of God.
- Bible in Basic English (BBE)
- Happy are the peacemakers: for they will be named sons of God.
- Darby Translation (DBY)
- Blessed the peace-makers, for they shall be called sons of God.
- Webster's Bible (WBS)
- Blessed [are] the peace-makers: for they shall be called children of God.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Happy the peacemakers — because they shall be called Sons of God.
Read in context
- 7धन्य हैं वे, जिन के मन शुद्ध हैं, क्योंकि वे परमेश्वर को देखेंगे।
- 8धन्य हैं वे, जो मेल करवानेवाले हैं, क्योंकि वे परमेश्वर के पुत्रा कहलाएंगे।
- 9धन्य हैं वे, जो धर्म के कारण सताए जाते हैं, क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्हीं का है।
- 10धन्य हो तुम, जब मनुष्य मेरे कारण झूठ बोल बोलकर तुम्हरो विरोध में सब प्रकार की बुरी बात कहें।
- 11आनन्दित और मगन होना क्योंकि तुम्हारे लिये स्वर्ग में बड़ा फल है इसलिये कि उन्हों ने उन भविष्यद्वक्ताओं को जो तुम से पहिले थे इसी रीति से सताया था।।
Cross references
- Hebrews 12:14 इब्रानियों 12:14सब से मेल मिलाप रखने, और उस पवित्राता के खोजी हो जिस के बिना कोई प्रभु को कदापि न देखेगा।
- James 3:16–18 याकूब 3:16–18इसलिये कि जहां डाह और विरोध होता है, वहां बखेड़ा और हर प्रकार का दुष्कर्म भी होता है। पर जो ज्ञान ऊपर से आता है वह पहिले तो पवित्रा होता है फिर मिलनसार, कोमल और मृदुभाव और दया, और अच्छे फलों से लदा हुआ और पक्षपात और कपट रहित होता है। और मिलाप करानेवालों के लिये धार्मिकता का फल मेल- मिलाप के साथ बोया जाता है।।
- Romans 12:18 रोमियों 12:18जहां तक हो सके, तुम अपने भरसक सब मनुष्यों के साथ मेल मिलाप रखो।
- Galatians 5:22 गलातियों 5:22पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज,
- Psalm 120:6 भजन संहिता 120:6बहुत काल से मुझ को मेल के बैरियों के साथ बसना पड़ा है।
- Romans 8:14 रोमियों 8:14इसलिये कि जितने लोग परमेश्वर के आत्मा के चलाए चलते हैं, वे ही परमेश्वर के पुत्रा हैं।
- Luke 6:35 लूका 6:35बरन अपने शत्रुओं से प्रेम रखो, और भलाई करो: और फिर पाने की आस न रखकर उधार दो; और तुम्हारे लिये बड़ा फल होगा; और तुम परमप्रधान के सन्तान ठहरोगे, क्योंकि वह उन पर जो धन्यवाद नहीं करते और बुरों पर भी कृपालु है।
- Romans 14:17–19 रोमियों 14:17–19क्योंकि परमशॆवर का राज्या खानापीना नहीं; परन्तु धर्म और मिलाप और वह आनन्द है; जो पवित्राआत्मा से होता है और जो कोई इस रीति से मसीह की सेवा करता है, वह परमेश्वर को भाता है और मनुष्यों में ग्रहणयोग्य ठहरता है। इसलिये हम उन बातों का प्रयत्न करें जिनसे मेल मिलाप और एक दूसरे का सुधार हो।
- Ephesians 5:1–2 इफिसियों 5:1–2इसलिये प्रिय, बालकों की नाई परमेश्वर के सदृश बनो। और प्रेम में चलो; जैसे मसीह ने भी तुम से प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट करके बलिदान कर दिया।
- 2 Corinthians 13:11 2 कुरिन्थियों 13:11निदान, हे भाइयो, आनन्दित रहो; सिद्ध बनते जाओ; ढाढ़स रखो; एक ही मन रखो; मेल से रहो, और प्रेम और शान्ति का दाता परमेश्वर तुम्हारे साथ होगा।
- James 1:19–20 याकूब 1:19–20हे मेरे प्रिय भाइयो, यह बात तुम जानते हो: इसलिये हर एक मनुष्य सुनने के लिये तत्पर और बोलने में धीरा और क्रोध में धीमा हो। क्योंकि मनुष्य का क्रोध परमेश्वर के धर्म का निर्वाह नहीं कर सकता है।
- Psalm 122:6–8 भजन संहिता 122:6–8यरूशलेम की शान्ति का वरदान मांगो, तेरे प्रेमी कुशल से रहें! तेरी शहरपनाह के भीतर शान्ति, और तेरे महलों में कुशल होवे! अपने भाइयों और संगियों के निमित्त, मैं कहूंगा कि तुझ में शान्ति होवे!