Romans · chapter 9 · verse 22
Romans 9:22 in Hindi
कि परमेश्वर ने अपना क्रोध दिखाने और अपनी सामर्थ प्रगट करने की इच्छा से क्रोध के बरतनों की, जो विनाश के लिये तैयार किए गए थे बड़े धीरज से सही।
Ki parameshvar ne apanaa krodh dikhaane aur apanee saamarth pragat karane kee ichchhaa se krodh ke baratanom kee, jo vinaash ke liye taiyaar kie gae the bade dheeraj se sahee.
Romans 9:22 in English
- King James Version (KJV)
- [What] if God, willing to shew [his] wrath, and to make his power known, endured with much longsuffering the vessels of wrath fitted to destruction:
- World English Bible (WEB)
- What if God, willing to show his wrath and to make his power known, endured with much patience vessels of wrath prepared for destruction,
- American Standard Version (ASV)
- What if God, willing to show his wrath, and to make his power known, endured with much longsuffering vessels of wrath fitted unto destruction:
- Bible in Basic English (BBE)
- What if God, desiring to let his wrath and his power be seen, for a long time put up with the vessels of wrath which were ready for destruction:
- Darby Translation (DBY)
- And if God, minded to shew his wrath and to make his power known, endured with much long-suffering vessels of wrath fitted for destruction;
- Webster's Bible (WBS)
- [What] if God, willing to show [his] wrath, and to make his power known, endured with much long-suffering the vessels of wrath fitted to destruction:
- Young's Literal Translation (YLT)
- And if God, willing to shew the wrath and to make known His power, did endure, in much long suffering, vessels of wrath fitted for destruction,
Read in context
- 20हे मनुष्य, भला तू कौन है, जो परमेश्वर का साम्हना करता है? क्या गढ़ी हुई वस्तु गढ़नेवाले से कह सकती है कि तू ने मुझे ऐसा क्यों बनाया है?
- 21क्या कुम्हार को मिट्टी पर अधिकार नहीं, कि एक ही लौंदे मे से, एक बरतन आदर के लिये, और दूसरे को अनादर के लिये बनाए? तो इस में कौन सी अचम्भे की बात है?
- 22कि परमेश्वर ने अपना क्रोध दिखाने और अपनी सामर्थ प्रगट करने की इच्छा से क्रोध के बरतनों की, जो विनाश के लिये तैयार किए गए थे बड़े धीरज से सही।
- 23और दया के बरतनों पर जिन्हें उस ने महिमा के लिये पहिले से तैयार किया, अपने महिमा के धन को प्रगट करने की इच्छा की?
- 24अर्थात् हम पर जिन्हें उस ने न केवल यहूदियों में से बरन अन्यजातियों में से भी बुलाया।
Cross references
- Proverbs 16:4 नीतिवचन 16:4यहोवा ने सब वस्तुएं विशेष उ:श्य के लिये बनाई हैं, वरन दुष्ट को भी विपत्ति भोगने के लिये बनाया है।
- Jude 1:4 यहूदा 1:4क्योंकि कितने ऐसे मनुष्य चुपके से हम में आ मिले हैं, जिन से इस दण्ड का वर्णन पुराने समय में पहिले ही से लिखा गया था: ये भक्तिहीन हैं, और हमारे परमेश्वर के अनुग्रह को लुचपन में बदल डालते है, और हमारे अद्वैत स्वामी और प्रभु यीशु मसीह का इन्कार करते हैं।।
- Romans 9:21 रोमियों 9:21क्या कुम्हार को मिट्टी पर अधिकार नहीं, कि एक ही लौंदे मे से, एक बरतन आदर के लिये, और दूसरे को अनादर के लिये बनाए? तो इस में कौन सी अचम्भे की बात है?
- 1 Peter 2:8 1 पतरस 2:8और ठेस लगने का पत्थर और ठोकर खाने की चट्टान हो गया है: क्योंकि वे तो वचन को न मानकर ठोकर खाते हैं और इसी के लिये वे ठहराए भी गए थे।
- 2 Timothy 2:20 2 तीमुथियुस 2:20बड़े घर में न केवल सोने- चान्दी ही के, पर काठ और मिट्टी के बरतन भी होते हैं; कोई कोई आदर, और कोई कोई अनादर के लिये।
- Exodus 9:16 निर्गमन 9:16परन्तु सचमुच मैं ने इसी कारण तुझे बनाए रखा है, कि तुझे अपना सामर्थ्य दिखाऊं, और अपना नाम सारी पृथ्वी पर प्रसिद्ध करूं।
- 1 Thessalonians 2:16 1 थिस्सलुनीकियों 2:16और वे अन्यजातियों से उन के उद्धार के लिये बातें करने से हमें रोकते हैं, कि सदा अपने पापों का नपुआ भरते रहें; पर उन पर भयानक प्रकोप आ पहुंचा है।।
- Romans 9:17 रोमियों 9:17क्योंकि पवित्रा शास्त्रा में फिरौन से कहा गया, कि मैं ने तुझे इसी लिये खड़ा किया है, कि तुझ में अपनी सामर्थ दिखाऊं, और मेरे नाम का प्रचार सारी पृथ्वी पर हो।
- Romans 2:4–5 रोमियों 2:4–5क्या तू उस की कृपा, और सहनशीलता, और धीरजरूपी धन को तुच्छ जानता है? और कया यह नहीं समझता, कि परमेश्वर की कृपा तुझे मन फिराव को सिखाती है? पर अपनी कठोरता और हठीले मन के अनुसार उसके क्रोध के दिन के लिये, जिस में परमेश्वर का सच्चा न्याय प्रगट होगा, अपने निमित्त क्रोध कमा रहा है।
- 2 Peter 2:3 2 पतरस 2:3और वे लोभ के लिये बातें गढ़कर तुम्हें अपने लाभ का कारण बनाएंगे, और जो दण्ड की आज्ञा उन पर पहिले से हो चुकी है, उसके आने में कुछ भी देर नहीं, और उन का विनाश ऊंघता नहीं।
- Matthew 23:31–33 मत्ती 23:31–33इस से तो तुम अपने पर आप ही गवाही देते हो, कि तुम भविष्यद्वक्ताओं के घातकों की सन्तान हो। सो तुम अपने बापदादों के पाप का घड़ा भर दो। हे सांपो, हे करैतों के बच्चो, तुम नरक के दण्ड से क्योंकर बचोगे?
- Ecclesiastes 8:11–12 सभोपदेशक 8:11–12बुरे काम के दण्ड की आज्ञा फुर्ती से नहीं दी जाती; इस कारण मनुष्यों का मन बुरा काम करने की इच्छा से भरा रहता है। चाहे पापी सौ बार पाप करे अपने दिन भी बढ़ाए, तौभी मुझे निश्चय है कि जो परमेश्वर से डरते हैं और अपने तई उसको सम्मुख जानकरद्दीाय से चलते हैं, उनका भला ही होगा;
Original words (Greek)
- if · G1487εἰ ei
- God · G2316θεός theós
- willing · G2309θέλω thélō
- shew · G1731ἐνδείκνυμι endeíknymi
- wrath · G3709ὀργή orgḗ
- and · G2532καί kaí
- make · G1107γνωρίζω gnōrízō
- his · G846αὐτός autós
- power · G1415δυνατός dynatós
- known · G1107γνωρίζω gnōrízō
- endured · G5342φέρω phérō
- with · G1722ἐν en
- much · G4183πολύς polýs
- longsuffering · G3115μακροθυμία makrothymía
- vessels · G4632σκεῦος skeûos
- wrath · G3709ὀργή orgḗ
- fitted · G2675καταρτίζω katartízō
- to · G1519εἰς eis
- destruction · G684ἀπώλεια apṓleia