Zechariah · chapter 11 · verse 13
Zechariah 11:13 in Hindi
तब यहोवा ने मुझ से कहा, इन्हें कुम्हार के आगे फेंक दे, यह क्या ही भारी दाम है जो उन्हों ने मेरा ठहराया है? तब मैं ने चान्दी के उन तीस टुकड़ों को लेकर यहोवा के घर में कुम्हार के आगे फेंक दिया।
Tab yahovaa ne mujh se kahaa, inhem kumhaar ke aage phenk de, yah kyaa hee bhaaree daam hai jo unhom ne meraa thaharaayaa hai? Tab maim ne chaandee ke un tees tukadom ko lekar yahovaa ke ghar mem kumhaar ke aage phenk diyaa.
Zechariah 11:13 in English
- King James Version (KJV)
- And the LORD said unto me, Cast it unto the potter: a goodly price that I was prised at of them. And I took the thirty [pieces] of silver, and cast them to the potter in the house of the LORD.
- World English Bible (WEB)
- The LORD said to me, “Throw it to the potter—the handsome price that I was valued at by them!” I took the thirty pieces of silver and threw them to the potter in the LORD’s house.
- American Standard Version (ASV)
- And Jehovah said unto me, Cast it unto the potter, the goodly price that I was prized at by them. And I took the thirty [pieces] of silver, and cast them unto the potter, in the house of Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- And the Lord said to me, Put it into the store-house, the price at which I was valued by them. And I took the thirty shekels of silver and put them into the store-house in the house of the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- And Jehovah said unto me, Cast it unto the potter: a goodly price that I was prized at by them. And I took the thirty silver-pieces, and cast them to the potter in the house of Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- And the LORD said to me, Cast it to the potter: a goodly price that I was prized at by them. And I took the thirty [pieces] of silver, and cast them to the potter in the house of the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Jehovah saith unto me, 'Cast it unto the potter;' the goodly price that I have been prized at by them, and I take the thirty silverlings, and cast them [to] the house of Jehovah, unto the potter.
Read in context
- 11वह उसी दिन तोड़ी गई, और इस से दीन भेड़- बकरियां जो मुझे ताकती थीं, उन्हों ने जान लिया कि यह यहोवा का वचन है।
- 12तब मैं ने उन से कहा, यदि तुम को अच्छा लगे तो मेरी मजदूरी दो, और नहीं तो मत दो। तब उन्हों ने मेरी मजदूरी में चान्दी के तीस टुकड़े तौल दिए।
- 13तब यहोवा ने मुझ से कहा, इन्हें कुम्हार के आगे फेंक दे, यह क्या ही भारी दाम है जो उन्हों ने मेरा ठहराया है? तब मैं ने चान्दी के उन तीस टुकड़ों को लेकर यहोवा के घर में कुम्हार के आगे फेंक दिया।
- 14तब मैं ने अपनी दूसरी लाठी जिस का नाम एकता था, इसलिये तोड़ डाली कि मैं उस भाईचारे के नाते को तोड़ डालूं जो यहूदा और इस्राएल के बीच में है।।
- 15तब यहोवा ने मुझ से कहा, अब तू मूढ़ चरवाहे के हथियार ले ले।
Cross references
- Matthew 27:3–10 मत्ती 27:3–10जब उसके पकड़वानेवाले यहूदा ने देखा कि वह दोषी ठहराया गया है तो वह पछताया और वे तीस चान्दी के सिक्के महायाजकों और पुरनियों के पास फेर लाया। और कहा, मैं ने निर्दोषी को घात के लिये पकड़वाकर पाप किया है? उन्हों ने कहा, हमें क्या? तू ही जान। तब वह उन सिक्कों को मन्दिर में फेंककर चला गया, और जाकर अपने आप को फांसी दी। महायाजकों ने उन सिक्कों को लेकर कहा, इन्हें भण्डार में रखना उचित नहीं, क्योंकि यह लोहू का दाम है। सो उन्हों ने सम्मति करके उन सिक्कों से परदेशियों के गाड़ने के लिये कुम्हार का खेत मोल ले लिया। इस कारण वह खेत आज तक लोहू का खेत कहलाता है। तब जो वचन यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा गया था वह पूरा हुआ; कि उन्हों ने वे तीस सिक्के अर्थात् उस ठहराए हुए मूल्य को (जिसे इस्त्राएल की सन्तान में से कितनों ने ठहराया था) ले लिए। और जैसे प्रभु ने मुझे आज्ञा दी थी वैसे ही उन्हें कुम्हार के खेत के मूल्य में दे दिया।।
- Acts 1:18–19 प्रेरितों के काम 1:18–19(उस ने अधर्म की कमाई से एक खेत मोल लिया; और सिर के बल गिरा, और उसका पेट फट गया, और उस की सब अन्तडिय़ां निकल पड़ी। और इस बात को यरूशलेम के सब रहने वाले जान गए, यहां तक कि उस खेत का नाम उन की भाषा में हकलदमा अर्थात लोहू का खेत पड़ गया।)
- Isaiah 53:2–3 यशायाह 53:2–3क्योंकि वह उसके साम्हने अंकुर की नाईं, और ऐसी जड़ के समान उगा जो निर्जल भूमि में फूट निकले; उसकी न तो कुछ सुन्दरता थी कि हम उसको देखते, और न उसका रूप ही हमें ऐसा दिखाई पड़ा कि हम उसको चाहते। वह तुच्छ जाना जाता और मनुष्यों का त्यागा हुआ था; वह दु:खी पुरूष था, रोग से उसकी जान पहिचान थी; और लोग उस से मुख फेर लेते थे। वह तुच्छ जाना गया, और, हम ने उसका मूल्य न जाना।।
- Acts 4:11 प्रेरितों के काम 4:11यह वही पत्थर है जिसे तुम राजमिस्त्रियों ने तुच्छ जाता और वह कोने के सिरे का पत्थर हो गया।
- Matthew 27:12 मत्ती 27:12जब महायाजक और पुरनिए उस पर दोष लगा रहे थे, तो उस ने कुछ उत्तर नहीं दिया।
- Isaiah 54:7–10 यशायाह 54:7–10क्षण भर ही के लिये मैं ने तुझे छोड़ दिया था, परन्तु अब बड़ी दया कर के मैं फिर तुझे रख लूंगा। क्रोध के झकोरे में आकर मैं ने पल भर के लिये तुझ से मुंह छिपाया था, परन्तु अब अनन्त करूणा से मैं तुझ पर दया करूंगा, तेरे छुड़ाने वाले यहोवा का यही वचन है। यह मेरी दृष्टि में नूह के समय के जलप्रलय के समान है; क्योंकि जैसे मैं ने शपथ खाई थी कि नूह के समय के जलप्रलय से पृथ्वी फिर न डूबेगी, वैसे ही मैं ने यह भी शपथ खाई है कि फिर कभी तुझ पर क्रोध न करूंगा और न तुझ को धमकी दूंगा। चाहे पहाड़ हट जाएं और पहाडिय़ां टल जाएं, तौभी मेरी करूणा तुझ पर से कभी न हटेगी, और मेरी शान्तिदायक वाचा न टलेगी, यहोवा, जो तुझ पर दया करता है, उसका यही वचन है॥
Original words (Hebrew)
- said · H559אָמַר ʼâmar
- Cast · H7993שָׁלַךְ shâlak
- potter · H3335יָצַר yâtsar
- goodly · H145אֶדֶר ʼeder
- price · H3366יְקָר yᵉqâr
- at · H3365יָקַר yâqar
- took · H3947לָקַח lâqach
- thirty · H7970שְׁלוֹשִׁים shᵉlôwshîym
- silver · H3701כֶּסֶף keçeph
- cast · H7993שָׁלַךְ shâlak
- potter · H3335יָצַר yâtsar
- house · H1004בַּיִת bayith