Matthew · chapter 27 · verse 12
Matthew 27:12 in Hindi
जब महायाजक और पुरनिए उस पर दोष लगा रहे थे, तो उस ने कुछ उत्तर नहीं दिया।
Jab mahaayaajak aur puranie us par dosh lagaa rahe the, to us ne kuchh uttar naheem diyaa.
Matthew 27:12 in English
- King James Version (KJV)
- And when he was accused of the chief priests and elders, he answered nothing.
- World English Bible (WEB)
- When he was accused by the chief priests and elders, he answered nothing.
- American Standard Version (ASV)
- And when he was accused by the chief priests and elders, he answered nothing.
- Bible in Basic English (BBE)
- But when the chief priests and those in authority made statements against him, he gave no answer.
- Darby Translation (DBY)
- And when he was accused of the chief priests and the elders, he answered nothing.
- Webster's Bible (WBS)
- And when he was accused by the chief priests and elders, he answered nothing.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And in his being accused by the chief priests and the elders, he did not answer any thing,
Read in context
- 10और जैसे प्रभु ने मुझे आज्ञा दी थी वैसे ही उन्हें कुम्हार के खेत के मूल्य में दे दिया।।
- 11जब यीशु हाकिम के साम्हने खड़ा था, तो हाकिम ने उस से पूछा; कि क्या तू यहूदियों का राजा है? यीशु ने उस से कहा, तू आप ही कह रहा है।
- 12जब महायाजक और पुरनिए उस पर दोष लगा रहे थे, तो उस ने कुछ उत्तर नहीं दिया।
- 13इस पर पीलातुस ने उस से कहा: क्या तू नहीं सुनता, कि ये तेरे विरोध में कितनी गवाहियां दे रहे हैं?
- 14परन्तु उस ने उस को एक बात का भी उत्तर नहीं दिया, यहां तक कि हाकिम को बड़ा आश्चर्य हुआ।
Cross references
- Matthew 26:63 मत्ती 26:63मैं तुझे जीवते परमेश्वर की शपथ देता हूं, कि यदि तू परमेश्वर का पुत्रा मसीह है, तो हम से कह दे।
- Isaiah 53:7 यशायाह 53:7वह सताया गया, तौभी वह सहता रहा और अपना मुंह न खोला; जिस प्रकार भेड़ वध होने के समय वा भेड़ी ऊन कतरने के समय चुपचाप शान्त रहती है, वैसे ही उस ने भी अपना मुंह न खोला।
- 1 Peter 2:23 1 पतरस 2:23वह गाली सुनकर गाली नहीं देता था, और दुख उठाकर किसी को भी धमकी नहीं देता था, पर अपने आप को सच्चे न्यायी के हाथ में सौपता था।
- Acts 8:32 प्रेरितों के काम 8:32पवित्रा शास्त्रा का जो अध्याय वह पढ़ रहा था, वह यह था; कि वह भेड़ की नाईं वध होने को पहुंचाया गया, और जैसा मेम्ना अपने ऊन कतरनेवालों के साम्हने चुपचाप रहता है, वैसे ही उस ने भी अपना मुंह न खोला।
- Mark 15:3–5 मरकुस 15:3–5और महायाजक उस पर बहुत बातों का दोष लगा रहे थे। पीलातुस ने उस से फिर पूछा, क्या तू कुछ उत्तर नहीं देता, देख ये तुझ पर कितनी बातों का दोष लगाते हैं? यीशु ने फिर कुछ उत्तर नहीं दिया; यहां तक कि पीलातुस को बड़ा आश्चर्य हुआ।।
- John 19:9–11 यूहन्ना 19:9–11और फिर किले के भीतर गया और यीशु से कहा, तू कहां का है? परन्तु यीशु ने उसे कुछ भी उत्तर न दिया। पीलातुस ने उस से कहा, मुझ से क्यों नहीं बोलता? क्या तू नहीं जानता कि तुझे छोड़ देने का अधिकार मुझे है और तुझे क्रूस पर चढ़ाने का भी मुझे अधिकार है। यीशु ने उत्तर दिया, कि यदि तुझे ऊपर से न दिया जाता, तो तेरा मुझ पर कुछ अधिकार न होता; इसलिये जिस ने मुझे तेरे हाध पकड़वाया है, उसका पाप अधिक है।
- Matthew 27:14 मत्ती 27:14परन्तु उस ने उस को एक बात का भी उत्तर नहीं दिया, यहां तक कि हाकिम को बड़ा आश्चर्य हुआ।
- Psalm 38:13–14 भजन संहिता 38:13–14परन्तु मैं बहिरे की नाई सुनता ही नहीं, और मैं गूंगे के समान मूंह नहीं खोलता। वरन मैं ऐसे मनुष्य के तुल्य हूं जो कुछ नहीं सुनता, और जिसके मुंह से विवाद की कोई बात नहीं निकलती।।