Zechariah · chapter 7 · verse 3
Zechariah 7:3 in Hindi
और सेनाओं के यहोवा के भवन के याजकों से और भविष्यद्वक्ताओं से भी यह पूछें, क्या हमें उपवास करके रोना चाहिये जैसे कि कितने वर्षों से हम पांचवें महीने में करते आए हैं?
Aur senaaom ke yahovaa ke bhavan ke yaajakom se aur bhavishyadvaktaaom se bhee yah poochhem, kyaa hamem upavaas karake ronaa chaahiye jaise ki kitane varshom se ham paanchavem maheene mem karate aae haim?
Zechariah 7:3 in English
- King James Version (KJV)
- [And] to speak unto the priests which [were] in the house of the LORD of hosts, and to the prophets, saying, Should I weep in the fifth month, separating myself, as I have done these so many years?
- World English Bible (WEB)
- and to speak to the priests of the house of the LORD of Armies and to the prophets, saying, “Should I weep in the fifth month, separating myself, as I have done these so many years?”
- American Standard Version (ASV)
- [and] to speak unto the priests of the house of Jehovah of hosts, and to the prophets, saying, Should I weep in the fifth month, separating myself, as I have done these so many years?
- Bible in Basic English (BBE)
- And to say to the priests of the house of the Lord of armies and to the prophets, Am I to go on weeping in the fifth month, separating myself as I have done in past years?
- Darby Translation (DBY)
- [and] to speak unto the priests that were in the house of Jehovah of hosts, and to the prophets, saying, Should I weep in the fifth month, separating myself, as I have done now so many years?
- Webster's Bible (WBS)
- [And] to speak to the priests who [were] in the house of the LORD of hosts, and to the prophets, saying, Should I weep in the fifth month, separating myself, as I have done these so many years?
- Young's Literal Translation (YLT)
- speaking unto the priests who [are] at the house of Jehovah of Hosts, and unto the prophets, saying, 'Do I weep in the fifth month — being separated — as I have done these so many years?'
Read in context
- 1फिर दारा राजा के चौथे वर्ष में किसलेव नाम नौवें महीने के चौथे दिन को, यहोवा का वचन जकर्याह के पास पहुंचा।
- 2बेतेलवासियों ने शरेसेर और रेगेम्मेलेक को इसलिये भेजा था कि यहोवा से बिनती करें,
- 3और सेनाओं के यहोवा के भवन के याजकों से और भविष्यद्वक्ताओं से भी यह पूछें, क्या हमें उपवास करके रोना चाहिये जैसे कि कितने वर्षों से हम पांचवें महीने में करते आए हैं?
- 4तब सेनाओं के यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा;
- 5सब साधारण लोगों से और याजकों से कह, कि जब तुम इन सत्तर वर्षों के बीच पांचवें और सातवें महीनों में उपवास और विलाप करते थे, तब क्या तुम सचमुच मेरे ही लिये उपवास करते थे?
Cross references
- Zechariah 8:19 जकर्याह 8:19सेनाओं का यहोवा यों कहता है: चौथे, पांचवें, सातवें और दसवें महीने में जो जो उपवास के दिन होते हैं, वे यहूदा के घराने के लिये हर्ष और आनन्द और उत्सव के पर्वों के दिन हो जाएगें; इसलिये अब तुम सच्चाई और मेलमिलाप से प्रीति रखो।।
- James 4:8–10 याकूब 4:8–10परमेश्वर के निकट आओ, तो वह भी तुम्हारे निकट आएगा: हे पापियों, अपने हाथ शुद्ध करो; और हे दुचित्ते लोगों अपने हृदय को पवित्रा करो। दुखी होओ, और शोक करा, और रोओ: तुम्हारी हंसी शोक से और तुम्हारा आनन्द उदासी से बदल जाए। प्रभु के साम्हने दीन बनो, तो वह तुम्हें शिरोमणि बनाएगा।
- Hosea 4:6 होशे 4:6मेरे ज्ञान के न होने से मेरी प्रजा नाश हो गई; तू ने मेरे ज्ञान को तुच्छ जाना है, इसलिये मैं तुझे अपना याजक रहने के अयोग्य ठहराऊंगा। और इसलिये कि तू ने अपने परमेश्वर की व्यवस्था को तज दिया है, मैं भी तेरे लड़केबालों को छोड़ दूंगा।
- Matthew 9:15 मत्ती 9:15यीशु ने उन से कहा; क्या बराती, जब तक दुल्हा उन के साथ है शोक कर सकते हैं? पर वे दिन आएंगे कि दूल्हा उन से अलग किया जाएगा, उस समय वे उपवास करेंगे।
- Malachi 2:7 मलाकी 2:7क्योंकि याजक को चाहिये कि वह अपने आंठों से ज्ञान की रक्षा करे, और लोग उसके मुंह से व्यवस्था पूछें, क्योंकि वह सेनाओं के यहोवा का दूत है।
- 1 Corinthians 7:5 1 कुरिन्थियों 7:5तुम एक दूसरे से अलग न रहो; परन्तु केवल कुछ समय तक आपस की सम्मति से कि प्रार्थना के लिये अवकाश मिले, और फिर एक साथ रहो, ऐसा न हो, कि तुम्हारे असंयम के कारण शैतान तुम्हें परखे।
- Isaiah 22:12–13 यशायाह 22:12–13उस समय सेनाओं के प्रभु यहोवा ने रोने- पीटने, सिर मुंडाने और टाट पहिनने के लिये कहा था; परन्तु क्या देखा कि हर्ष और आनन्द मनाया जा रहा है, गाय- बैल का घात और भेड़- बकरी का वध किया जा रहा है, मांस खाया और दाखमधु पीया जा रहा है। और कहते हैं, आओ खाएं- पीएं, क्योंकि कल तो हमें मरना है।
- Nehemiah 9:1–3 नहेमायाह 9:1–3फिर उसी महीने के चौबीसवें दिन को इस्राएली उपवास का टाट पहिने और सिर पर धूल डाले हुए, इकट्ठे हो गए। तब इस्राएल के वंश के लोग सब अन्यजाति लोगों से अलग हो गए, और खड़े होकर, अपने अपने पापों और अपने पुरखाओं के अधर्म के कामों को मान लिया। तब उन्हों ने अपने अपने स्थान पर खड़े होकर दिन के एक पहर तक अपने परमेश्वर यहोवा की व्यवस्था की पुस्तक पढ़ते, और एक और पहर अपने पापों को मानते, और अपने परमेश्वर यहोवा को दणडवत करते रहे।
- Zechariah 7:5 जकर्याह 7:5सब साधारण लोगों से और याजकों से कह, कि जब तुम इन सत्तर वर्षों के बीच पांचवें और सातवें महीनों में उपवास और विलाप करते थे, तब क्या तुम सचमुच मेरे ही लिये उपवास करते थे?
- 2 Kings 25:8–9 2 राजा 25:8–9बाबेल के राजा नबूकदनेस्सर के उन्नीसवें वर्ष के पांचवें महीने के सातवें दिन को जल्लादों का प्रधान नबूजरदान जो बाबेल के राजा का एक कर्मचारी थ, यरूशलेम में आया। और उस ने यहोवा के भवन और राजभवन और यरूशलेम के सब घरों को अर्थात् हर एक बड़े घर को आग लगाकर फूंक दिया।
- Ecclesiastes 3:4 सभोपदेशक 3:4रोने का समय, और हंसने का भी समय; छाती पीटने का समय, और नाचने का भी समय है;
- Ezekiel 44:23–24 यहेजकेल 44:23–24वे मेरी प्रजा को पवित्रा अपवित्रा का भेद सिखाया करें, और शुद्ध अशुद्ध का अन्तर बताया करें। और जब कोई मुक़ मा हो तब न्याय करने को भी वे ही बैठें, और मेरे नियमों के अनुसार न्याय करें। मेरे सब नियत पब के विषय भी वे मेरी व्यवस्था और विधियां पालन करें, और मेरे विश्रामदिनों को पवित्रा मानें।
Original words (Hebrew)
- speak · H559אָמַר ʼâmar
- priests · H3548כֹּהֵן kôhên
- house · H1004בַּיִת bayith
- hosts · H6635צָבָא tsâbâʼ
- prophets · H5030נָבִיא nâbîyʼ
- saying · H559אָמַר ʼâmar
- weep · H1058בָּכָה bâkâh
- fifth · H2549חֲמִישִׁי chămîyshîy
- month · H2320חֹדֶשׁ chôdesh
- separating · H5144נָזַר nâzar
- done · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- years · H8141שָׁנֶה shâneh