1 Chronicles · chapter 10 · verse 13
1 Chronicles 10:13 in Hindi
यों शाऊल उस विश्वासघात के कारण मर गया, जो उस ने यहोवा से किया था; क्योंकि उस ने यहोवा का वचन टाल दिया था, फिर उस ने भूतसिध्दि करनेवाली से पूछकर सम्मति ली थी।
Yom shaaool us vishvaasaghaat ke kaaran mar gayaa, jo us ne yahovaa se kiyaa thaa; kyonki us ne yahovaa kaa vachan taal diyaa thaa, phir us ne bhootasidhdi karanevaalee se poochhakar sammati lee thee.
1 Chronicles 10:13 in English
- King James Version (KJV)
- So Saul died for his transgression which he committed against the LORD, [even] against the word of the LORD, which he kept not, and also for asking [counsel] of [one that had] a familiar spirit, to enquire [of it;]
- World English Bible (WEB)
- So Saul died for his trespass which he committed against the LORD, because of the LORD’s word, which he didn’t keep, and also because he asked counsel of one who had a familiar spirit, to inquire,
- American Standard Version (ASV)
- So Saul died for his trespass which he committed against Jehovah, because of the word of Jehovah, which he kept not; and also for that he asked counsel of one that had a familiar spirit, to inquire [thereby],
- Bible in Basic English (BBE)
- So death came to Saul because of the sin which he did against the Lord, that is, because of the word of the Lord which he kept not; and because he went for directions to one who had an evil spirit,
- Darby Translation (DBY)
- And Saul died for his unfaithfulness which he committed against Jehovah, because of the word of Jehovah which he kept not, and also for having inquired of the spirit of Python, asking counsel of it;
- Webster's Bible (WBS)
- So Saul died for his transgression which he committed against the LORD, [even] against the word of the LORD, which he kept not, and also for asking [counsel] of [one that had] a familiar spirit, to inquire [of it] ;
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Saul dieth because of his trespass that he trespassed against Jehovah, against the word of Jehovah that he kept not, and also for asking at a familiar spirit — to inquire, —
Read in context
- 11जब गिलाद के याबेश के सब लोगों ने सुना कि पलिश्तियों ने शाऊल से क्या क्या किया है।
- 12तब सब शूरवीर चले और शाऊल और उसके पुत्रों की लोथें उठाकर याबेश में ले आए, और उनकी हडि्डयों को याबेश में एक बांज वृक्ष के तले गाड़ दिया और सात दिन तक अनशन किया।
- 13यों शाऊल उस विश्वासघात के कारण मर गया, जो उस ने यहोवा से किया था; क्योंकि उस ने यहोवा का वचन टाल दिया था, फिर उस ने भूतसिध्दि करनेवाली से पूछकर सम्मति ली थी।
- 14उस ने यहोवा से न पूछा था, इसलिये यहोवा ने उसे मारकर राज्य को यिशै के पुत्रा दाऊद को दे दिया।
Cross references
- Leviticus 20:6 लैव्यव्यवस्था 20:6फिर जो प्राणी ओझाओं वा भूतसाधनेवालों की ओर फिरके, और उनके पीछे होकर व्यभिचारी बने, तब मैं उस प्राणी के विरूद्ध होकर उसको उसके लोगों के बीच में से नाश कर दूंगा।
- Leviticus 19:31 लैव्यव्यवस्था 19:31ओझाओं और भूत साधने वालों की ओर न फिरना, और ऐसों को खोज करके उनके कारण अशुद्ध न हो जाना; मै तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।
- 1 Samuel 15:23 1 शमूएल 15:23देख बलवा करना और भावी कहनेवालों से पूछना एक ही समान पाप है, और हठ करना मूरतों और गृहदेवताओं की पूजा के तुल्य है। तू ने जो यहोवा की बात को तुच्छ जाना, इसलिये उस ने तुझे राजा होने के लिये तुच्छ जाना है।
- Isaiah 8:19 यशायाह 8:19जब लोग तुम से कहें कि ओझाओं और टोन्हों के पास जाकर पूछो जो गुनगुनाते और फुसफुसाते हैं, तब तुम यह कहना कि क्या प्रजा को अपने परमेश्वर ही के पास जाकर न पूछना चाहिये? क्या जीवतों के लिये मुर्दों से पूछना चाहिये?
- 1 Samuel 28:7–20 1 शमूएल 28:7–20तब शाऊल ने अपने कर्मचारियों से कहा, मेरे लिये किसी भूतसिद्धि करनेवाली को ढूंढो, कि मैं उसके पास जाकर उस से पूछूं। उसके कर्मचारियों ने उस से कहा, एन्दोर में एक भूतसिद्धि करनेवाली रहती है। तब शाऊल ने अपना भेष बदला, और दूसरे कपड़े पहिनकर, दो मनुष्य संग लेकर, रातोंरात चलकर उस स्त्री के पास गया; और कहा, अपने सिद्धि भूत से मेरे लिये भावी कहलवा, और जिसका नाम मैं लूंगा उसे बुलवा दे। स्त्री ने उस से कहा, तू जानता है कि शाऊल ने क्या किया है, कि उस ने ओझों और भूतसिद्धि करनेवालों को देश से नाश किया है। फिर तू मेरे प्राण के लिये क्यों फंदा लगाता है कि मुझे मरवा डाले। शाऊल ने यहोवा की शपथ खाकर उस से कहा, यहोवा के जीवन की शपथ, इस बात के कारण तुझे दण्ड न मिलेगा। स्त्री ने पूछा, मैं तेरे लिये किस को बुलाऊ? उस ने कहा, शमूएल को मेरे लिये बुला। जब स्त्री ने शमूएल को देखा, तब ऊंचे शब्द से चिल्लाई; और शाऊल से कहा, तू ने मुझे क्यों धोखा दिया? तू तो शाऊल है। राजा ने उस सेकहा, मत डर; तुझे क्या देख पड़ता है? स्त्री ने शाऊल से कहा, मुझे एक देवता पृथ्वी में से चढ़ता हुआ दिखाई पड़ता है। उस ने उस से पूछा उस का कैसा रूप ह? उस ने कहा, एक बूढ़ा पुरूष बागा ओढ़े हुए चढ़ा आता है। तब शाऊल ने निश्चय जानकर कि वह शमूएल है, औंधे मुंह भूमि पर गिरके दण्डवत् किया। शमूएल ने शाऊल से पूछा, तू ने मुझे ऊपर बुलवाकर क्यों सताया है? शाऊल ने कहा, मैं बड़े संकट में पड़ा हूं; क्योंकि पलिश्ती मेरे साथ लड़ रहे हैं और परमेश्वर ने मुझे छोड़ दिया, और अब मुझे न तो भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा उत्तर देता है, और न स्वपनों के; इसलिये मैं ने तुझे बुलाया कि तू मुझे जता दे कि मैं क्या करूं। शमूएल ने कहा, जब यहोवा तुझे छोड़कर तेरा शत्रु बन गया, तब तू मुझ से क्यों पूछता है? यहोवा ने तो जैसे मुझ से कहलावाया था वैसा ही उस ने व्यवहार किया है; अर्थात् उस ने तेरे हाथ से राज्य छीनकर तेरे पड़ोसी दाऊद को दे दिया है। तू ने जो यहोवा की बात न मानी, और न अमालेकियों को उसके भड़के हुए कोप के अनुसा दण्ड दिया था, इस कारण यहोवा ने तुझ से आज ऐसा बर्ताव किया। फिर यहोवा तुझ समेत इस्राएलियों को पलिश्तियों के हाथ में कर देगा; और तू अपने बेटों समेत कल मेरे साथ होगा; और इस्राएली सेना को भी यहोवा पलिश्तियों के हाथ में कर देगा। तब शाऊल तुरन्त मुंह के बल भूमि पर गिर पड़ा, और शमूएल की बातों के कारण अत्यन्त डर गया; उस ने पूरे दिन और रात भोजन न किया था, इस से उस में बल कुछ भी न रहा।
- Deuteronomy 18:10–14 व्यवस्थाविवरण 18:10–14तुझ में कोई ऐसा न हो जो अपने बेटे वा बेटी को आग में होम करके चढ़ानेवाला, वा भावी कहनेवाला, वा शुभ अशुभ मुहूर्तों का माननेवाला, वा टोन्हा, वा तान्त्रिक, वा बाजीगर, वा ओझों से पूछनेवाला, वा भूत साधनेवाला, वा भूतों का जगानेवाला हो। क्योंकि जितने ऐसे ऐसे काम करते हैं वे सब यहोवा के सम्मुख घृणित हैं; और इन्हीं घृणित कामों के कारण तेरा परमेश्वर यहोवा उनको तेरे साम्हने से निकालने पर है। तू अपने परमेश्वर यहोवा के सम्मुख सिद्ध बना रहना। वे जातियां जिनका अधिकारी तू होने पर है शुभ- अशुभ मुहूर्तों के माननेवालों और भावी कहनेवालों की सुना करती है; परन्तु तुझ को तेरे परमेश्वर यहोवा ने ऐसा करने नहीं दिया।
- Exodus 22:18 निर्गमन 22:18तू डाइन को जीवित रहने न देना।।
- 1 Samuel 15:2 1 शमूएल 15:2सेनाओं का यहोवा यों कहता है, कि मुझे चेत आता है कि अमालेकियों ने इस्राएलियों से क्या किया; और जब इस्राएली मि से आ रहे थे, तब उन्हों ने मार्ग में उनका साम्हना किया।
- 1 Samuel 13:13–14 1 शमूएल 13:13–14शमूएल ने शाऊल से कहा, तू ने मूर्खता का काम किया है; तू ने अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञा को नहीं माना; नहीं तो यहोवा तेरा राज्य इस्राएलियों के ऊपर सदा स्थिर रखता। परन्तु अब तेरा राज्य बना न रहेगा; यहोवा ने अपने लिये एक ऐसे पुरूष को ढूंढ़ लिया है जो उसके मन के अनुसार है; और यहोवा ने उसी को अपनी प्रजा पर प्रधान होने को ठहराया है, क्योंकि तू ने यहोवा की आज्ञा को नहीं माना।।
- Acts 16:16–18 प्रेरितों के काम 16:16–18जब हम प्रार्थना करने की जगह जा रहे थे, तो हमें एक दासी मिली जिस में भावी कहनेवाली आत्मा थी; और भावी कहने से अपने स्वामियों के लिये बहुत कुछ कमा लाती थी। वह पौलुस के और हमारे पीछे आकर चिल्लाने लगी कि ये मनुष्य परम प्रधान परमेश्वर के दास हैं, जो हमें उद्धार के मार्ग की कथा सुनाते हैं। वह बहुत दिन तक ऐसा ही करती रही, परन्तु पौलुस दु:खित हुआ, और मुंह फेरकर उस आत्मा से कहा, मैं तुझे यीशु मसीह के नाम से आज्ञा देता हूं, कि उस में से निकल जा और वह उसी घड़ी निकल गई।।
- 2 Kings 21:6 2 राजा 21:6फिर उस ने अपने बेटे को आग में होम करके चढ़ाया; और शुभअशुभ मुहुत्तको मानता, और टोना करता, और ओझों और भूत सिध्दिवालों से रयवहार करता था; वरन उस ने ऐसे बहुत से काम किए जो यहोवा की दृष्टि में बुरे हैं, और जिन से वह क्रोधित होता है।
- Acts 8:9–11 प्रेरितों के काम 8:9–11इस से पहिले उस नगर में शमौन नाम एक मनुष्य था, जो टोना करके सामरिया के लोगों को चकित करता और अपने आप को कोई बड़ा पुरूष बनाता थां और सब छोटे से बड़े तक उसे मान कर कहते थे, कि यह मनुष्य परमशॆवर की वह शक्ति है, जो महान कहलाती है। उस ने बहुत दिनों से उन्हें अपने टोने के कामों से चकित कर रखा था, इसी लिये वे उस को बहुत मानते थे।