1 Samuel · chapter 15 · verse 2
1 Samuel 15:2 in Hindi
सेनाओं का यहोवा यों कहता है, कि मुझे चेत आता है कि अमालेकियों ने इस्राएलियों से क्या किया; और जब इस्राएली मि से आ रहे थे, तब उन्हों ने मार्ग में उनका साम्हना किया।
Senaaom kaa yahovaa yom kahataa hai, ki mujhe chet aataa hai ki amaalekiyom ne israaeliyom se kyaa kiyaa; aur jab israaelee mi se aa rahe the, tab unhom ne maarg mem unakaa saamhanaa kiyaa.
1 Samuel 15:2 in English
- King James Version (KJV)
- Thus saith the LORD of hosts, I remember [that] which Amalek did to Israel, how he laid [wait] for him in the way, when he came up from Egypt.
- World English Bible (WEB)
- The LORD of Armies says, ‘I remember what Amalek did to Israel, how he set himself against him on the way when he came up out of Egypt.
- American Standard Version (ASV)
- Thus saith Jehovah of hosts, I have marked that which Amalek did to Israel, how he set himself against him in the way, when he came up out of Egypt.
- Bible in Basic English (BBE)
- The Lord of armies says, I will give punishment to Amalek for what he did to Israel, fighting against him on the way when Israel came out of Egypt.
- Darby Translation (DBY)
- Thus saith Jehovah of hosts: I have considered what Amalek did to Israel, how he set himself against him in the way, when he came up from Egypt.
- Webster's Bible (WBS)
- Thus saith the LORD of hosts, I remember [that] which Amalek did to Israel, how he laid [wait] for him in the way, when he came up from Egypt.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Thus said Jehovah of Hosts, I have looked after that which Amalek did to Israel, that which he laid for him in the way in his going up out of Egypt.
Read in context
- 1शमूएल ने शाऊल से कहा, यहोवा ने अपनी प्रजा इस्राएल पर राज्य करने के लिये तेरा अभिषेक करने को मुझे भेजा था; इसलिये अब यहोवा की बातें सुन ले।
- 2सेनाओं का यहोवा यों कहता है, कि मुझे चेत आता है कि अमालेकियों ने इस्राएलियों से क्या किया; और जब इस्राएली मि से आ रहे थे, तब उन्हों ने मार्ग में उनका साम्हना किया।
- 3इसलिये अब तू जाकर अमालेकियों को मार, और जो कुछ उनका है उसे बिना कोमलता किए सत्यानाश कर; क्या पुरूष, क्या स्त्री, क्या बच्चा, क्या दूधपिउवा, क्या गाय- बैल, क्या भेड़- बकरी, क्या ऊंट, क्या गदहा, सब को मार डाल।।
- 4तब शाऊल ने लोगों को बुलाकर इकट्ठा किया, और उन्हें तलाईम में गिना, और वे दो लाख प्यादे, और दस हजार यहूदी पुरूष भी थे।
Cross references
- Deuteronomy 25:17–19 व्यवस्थाविवरण 25:17–19स्मरण रख कि जब तू मि से निकलकर आ रहा था तब अमालेक ने तुझ से मार्ग में क्या किया, अर्थात् उनको परमेश्वर का भय न था; इस कारण उस ने जब तू मार्ग में थका मांदा था, तब तुझ पर चढ़ाई करके जितने निर्बल होने के कारण सब से पीछे थे उन सभों को मारा। इसलिये जब तेरा परमेश्वर यहोवा उस देश में, जो वह तेरा भाग करके तेरे अधिकार में कर देता है, तुझे चारों ओर के सब शत्रुओं से विश्राम दे, तब अमालेक का नाम धरती पर से मिटा डालना; और तुम इस बात को न भूलना।।
- Numbers 24:20 गिनती 24:20फिर उस ने अमालेक पर दृष्टि करके अपनी गूढ़ बात आरम्भ की, और कहने लगा, अमालेक अन्यजातियों में श्रेष्ठ तो था, परन्तु उसका अन्त विनाश ही है।।
- Exodus 17:8–16 निर्गमन 17:8–16तब अमालेकी आकर रपीदीम में इस्राएलियों से लड़ने लगे। तब मूसा ने यहोशू से कहा, हमारे लिये कई एक पुरूषों को चुनकर छांट ले, ओर बाहर जाकर अमालेकियों से लड़; और मैं कल परमेश्वर की लाठी हाथ में लिये हुए पहाड़ी की चोटी पर खड़ा रहूंगा। मूसा की इस आज्ञा के अनुसार यहोशू अमालेकियों से लड़ने लगा; और मूसा, हारून, और हूर पहाड़ी की चोटी पर चढ़ गए। और जब तक मूसा अपना हाथ उठाए रहता था तब तक तो इस्राएल प्रबल होता था; परन्तु जब जब वह उसे नीचे करता तब तब अमालेक प्रबल होता था। और जब मूसा के हाथ भर गए, तब उन्हों ने एक पत्थर लेकर मूसा के नीचे रख दिया, और वह उस पर बैठ गया, और हारून और हूर एक एक अलंग में उसके हाथों को सम्भाले रहें; और उसके हाथ सूर्यास्त तक स्थिर रहे। और यहोशू ने अनुचरों समेत अमालेकियों को तलवार के बल से हरा दिया। तब यहोवा ने मूसा से कहा, स्मरणार्थ इस बात को पुस्तक में लिख ले और यहोशू को सुना दे, कि मैं आकाश के नीचे से अमालेक का स्मरण भी पूरी रीति से मिटा डालूंगा। तब मूसा ने एक वेदी बनाकर उसका नाम यहोवानिस्सी रखा; और कहा, यहोवा ने शपथ खाई है, कि यहोवा अमालेकियों से पीढ़ियों तक लड़ाई करता रहेगा।।
- Hosea 7:2 होशे 7:2तौभी वे नहीं सोचते कि यहोवा हमारी सारी बुराई को स्मरण रखता है। इसलिये अब वे अपने कामों के जाल में फसेंगे, क्योंकि उनके कार्य मेरी दृष्टि में बने हैं।
- Amos 8:7 आमोस 8:7यहोवा, जिस पर याकूब को घमण्ड करना उचित है, वही अपनी शपथ खाकर कहता है, मैं तुम्हारे किसी काम को किभी न भूलूंगा।