1 Chronicles · chapter 17 · verse 4
1 Chronicles 17:4 in Hindi
यहोवा यों कहता है, कि मेरे निवास के लिये तू घर बनवाने न पाएगा।
Yahovaa yom kahataa hai, ki mere nivaas ke liye too ghar banavaane na paaegaa.
1 Chronicles 17:4 in English
- King James Version (KJV)
- Go and tell David my servant, Thus saith the LORD, Thou shalt not build me an house to dwell in:
- World English Bible (WEB)
- “Go and tell David my servant, ‘The LORD says, “You shall not build me a house to dwell in;
- American Standard Version (ASV)
- Go and tell David my servant, Thus saith Jehovah, Thou shalt not build me a house to dwell in:
- Bible in Basic English (BBE)
- Go and say to David my servant, The Lord says, You are not to make me a house for my living-place:
- Darby Translation (DBY)
- Go and say to David my servant, Thus saith Jehovah: Thou shalt not build me a house to dwell in;
- Webster's Bible (WBS)
- Go and tell David my servant, Thus saith the LORD, Thou shalt not build me a house to dwell in:
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Go, and thou hast said unto David My servant, Thus said Jehovah, Thou dost not build for Me the house to dwell in:
Read in context
- 2नातान ने दाऊद से कहा, जो कुछ तेरे मन में हो उसे कर, क्योंकि परमेश्वर तेरे संग है।
- 3उसी दिन रात को परमेश्वर का यह वचन नातान के पास पहुंचा, जा कर मेरे दास दाऊद से कह,
- 4यहोवा यों कहता है, कि मेरे निवास के लिये तू घर बनवाने न पाएगा।
- 5क्योंकि जिस दिन से मैं इस्राएलियों को मिस्र से ले आया, आज के दिन तक मैं कभी घर में नहीं रहा; परन्तु एक तम्बू से दूसरे तम्बू को ओर एक निवास से दूसरे निवास को आया जाया करता हूँ।
- 6जहां जहां मैं ने सब इस्राएलियों के बीच आना जाना किया, क्या मैं ने इस्राएल के न्यायियों में से जिन को मैं ने अपनी प्रजा की चरवाही करने को ठहराया था, किसी से ऐसी बात कभी कही, कि तुम लोगों ने मेरे लिये देवदारु का घर क्यों नहीं बनवाया?
Cross references
- 1 Chronicles 28:2–3 1 इतिहास 28:2–3तब दाऊद राजा खड़ा होकर कहने लगा, हे मेरे भाइयों! और हे मेरी प्रजा के लोगो! मेरी सुनो, मेरी मनसा तो थी कि यहोवा की वाचा के सन्दूक के लिये और हम लोगों के परमेश्वर के चरणों की पीढ़ी के लिये विश्राम का एक भवन बनाऊं, और मैं ने उसके बनाने की तैयारी की थी। परन्तु परमेश्वर ने मुझ से कहा, तू मेरे नाम का भवन बनाने न पाएगा, क्योंकि तू युठ्ठ करनेवाला है और तू ने लोहू बहाया है।
- Isaiah 55:8–9 यशायाह 55:8–9क्योंकि यहोवा कहता है, मेरे विचार और तुम्हारे विचार एक समान नहीं है, न तुम्हारी गति और मेरी गति एक सी है। क्योंकि मेरी और तुम्हारी गति में और मेरे और तुम्हारे सोच विचारों में, आकाश और पृथ्वी का अन्तर है।।
- 2 Samuel 7:4–5 2 शमूएल 7:4–5उसी दिन रात को यहोवा का यह वचन नातान के पास पहुंचा, कि जाकर मेरे दास दाऊद से कह, यहोवा सों कहता है, कि क्या तू मेरे निवास के लिये घर बनवाएगा?
- 1 Kings 8:19 1 राजा 8:19तौभी तू उस भवन को न बनाएगा; तेरा जो निज पुत्रा होगा, वही मेरे नाम का भवन बनाएगा।
- 1 Chronicles 22:7–8 1 इतिहास 22:7–8दाऊद ने अपने पुत्रा सुलैमान से कहा, मेरी मनसा तो थी, कि अपने परमेश्वर यहोवा के नाम का एक भवन बनाऊं। परन्तु यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा, कि तू ने लोहू बहुत बहाया और बढ़े बड़े युठ्ठ किए हैं, सो तू मेरे नाम का भवन न बनाने पाएगा, क्योंकि तू ने भूमि पर मेरी दृष्टि में बहुत लोहू बहाया है।
- 2 Chronicles 6:8–9 2 इतिहास 6:8–9परन्तु यहोवा ने मेरे पिता दाऊद से कहा, तेरी जो मनसा है कि यहोवा के नाम का एक भवन बनाए, ऐसी मनसा कर के नू ने भला तो किया; तौभी तू उस भवन को बनाने न पाएगा: तेरा जो निज पुत्र होगा, वही मेरे नाम का भवन बनाएगा।
- Romans 11:33–34 रोमियों 11:33–34आहा! परमेश्वर का धन और बुद्धि और ज्ञान क्या ही गंभीर है! उसके विचार कैसे अथाह, और उसके मार्ग कैसे अगम हैं! प्रभु कि बुद्धि को किस ने जाना? या उसका मंत्री कौन हुआ?