1 Chronicles · chapter 6 · verse 10
1 Chronicles 6:10 in Hindi
और योहानान से अजर्याह, उत्पन्न हुआ ( जो सुलैमान के यरूशलेम में बनाए हुए भवन में याजक का काम करता था )
Aur yohaanaan se ajaryaah, utpann huaa ( jo sulaimaan ke yarooshalem mem banaae hue bhavan mem yaajak kaa kaam karataa thaa )
1 Chronicles 6:10 in English
- King James Version (KJV)
- And Johanan begat Azariah, (he [it is] that executed the priest’s office in the temple that Solomon built in Jerusalem:)
- World English Bible (WEB)
- Johanan became the father of Azariah, who executed the priest’s office in the house that Solomon built in Jerusalem.
- American Standard Version (ASV)
- and Johanan begat Azariah (he it is that executed the priest’s office in the house that Solomon built in Jerusalem),
- Bible in Basic English (BBE)
- And Johanan was the father of Azariah, (he was priest in the house which Solomon put up in Jerusalem:)
- Darby Translation (DBY)
- and Johanan begot Azariah (he is it that exercised the priesthood in the house that Solomon built in Jerusalem);
- Webster's Bible (WBS)
- And Johanan begat Azariah, (he [it is] that executed the priest's office in the temple that Solomon built in Jerusalem:)
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Johanan begat Azariah, him who acted as priest in the house that Solomon built in Jerusalem.
Read in context
- 8अहीतूब से सादोक, सादोक से अहीमास।
- 9अहीमास से अजर्याह, अजर्याह से योहानान।
- 10और योहानान से अजर्याह, उत्पन्न हुआ ( जो सुलैमान के यरूशलेम में बनाए हुए भवन में याजक का काम करता था )
- 11फिर अजर्याह से अमर्याह, अमर्याह से यहीतूब।
- 12यहीतूब से सादोक, सादोक से शल्लूम।
Cross references
- 2 Chronicles 3:1 2 इतिहास 3:1तब सुलैमान ने यरूशलेम में मोरिरयाह नाम पहाड़ पर उसी स्थान में यहोवा का भवन बनाना आरम्भ किया, जिसे उसके पिता दाऊद ने दर्शन पाकर यबूसी ओर्नान के खलिहान में तैयार किया था:
- 1 Kings 6:1–7 1 राजा 6:1–7इस्राएलियों के मिस्र देश से निकलने के चार सौ अस्सीवें वर्ष के बाद जो सुलैमान के इस्राएल पर राज्य करने का चौथा वर्ष था, उसके जीव नाम दूसरे महीने में वह यहोवा का भवन बनाने लगा। और जो भवन राजा सुलैमान ने यहोवा के लिये बनाया उसकी लम्बाई साठ हाथ, चौड़ाई बीस हाथ और ऊंचाई तीस हाथ की थी। और भवन के मन्दिर के साम्हने के ओसारे की लम्बाई बीस हाथ की थी, अर्थात् भवन की चौड़ाई के बराबर थी, और ओसारे की चौड़ाई जो भवन के साम्हने थी, वह दस हाथ की थी। फिर उस ने भवन में स्थिर झिलमिलीदार खिड़कियां बनाई। और उस ने भवन के आसपास की भीतों से सटे हुए अर्थात् मन्दिर और दर्शन- स्थान दोनों भीतों के आसपास उस ने मंजिलें और कोठरियां बनाई। सब से नीचेवाली मंजिल की चौड़ाई पांच हाथ, और बीचवाली की छ: हाथ, और ऊपरवाली की सात हाथ की थी, क्योंकि उस ने भवन के आसपास भीत को बाहर की ओर कुस दार बनाया था इसलिये कि कड़ियां भवन की भीतों को पकड़े हुए न हों। और बनते समय भपन ऐसे पत्थरों का बनाया गया, जो वहां ले आने से पहिले गढ़कर ठीक किए गए थे, और भवन के बनते समय हथैड़े वसूली वा और किसी प्रकार के लोहे के औजार का शब्द कभी सुनाई नहीं पड़ा।
- 2 Chronicles 3:4 2 इतिहास 3:4और भवन के साम्हने के ओसारे की लम्बाई तो भवन की चौड़ाई के बराबर बीस हाथ की; और उसकी ऊंचाई एक सौ बीस हाथ की थी। सुलैमान ने उसको भीतर चोखे सोने से मढ़वाया।
- 2 Chronicles 26:17–20 2 इतिहास 26:17–20और अजर्याह याजक उसके बाद भीतर गया, और उसके संग यहोवा के अस्सी याजक भी जो वीर थे गए। और उन्हों ने उज्जिरयाह राजा का साम्हना करके उस से कहा, हे उज्जिरयाह यहोवा के लिये धूप जलाना तेरा काम नहीं, हारून की सन्तान अर्थात् उन याजकों ही का काम है, जो धूप जलाने को पवित्रा किए गए हैं। तू पवित्रास्थान से निकल जा; तू ने विश्वासघात किया है, यहोवा परमेश्वर की ओर से यह तेरी महिमा का कारण न होगा। तब उज्जिरयाह धूप जलाने को धूपदान हाथ में लिये हुए झुंझला उठा। और वह याजकों पर झुंझला रहा था, कि याजकों के देखते देखते यहोवा के भवन में धूप की वेदी के पास ही उसके माथे पर कोढ़ प्रगट हुआ। और अजर्याह महायाजक और सब याजकों ने उस पर दृष्टि की, और क्या देखा कि उसके माथे पर कोढ़ निकला है! तब उत्हों ने उसको वहां से झटपट निकाल दिया, वरन यह जानकर कि यहोवा ने मुझे कोढ़ी कर दिया है, उस ने आप बाहर जाने को उतावली की।