1 Chronicles · chapter 6 · verse 32
1 Chronicles 6:32 in Hindi
जब तब सुलैमान यरूशलेम में यहोवा के भवन को बनवा न चुका, तब तक वे मिलापवाले तम्बू के निवास के साम्हने गाने के द्वारा सेवा करते थे; और इस सेवा में नियम के अनुसार उपस्थित हुआ करते थे।
Jab tab sulaimaan yarooshalem mem yahovaa ke bhavan ko banavaa na chukaa, tab tak ve milaapavaale tamboo ke nivaas ke saamhane gaane ke dvaaraa sevaa karate the; aur is sevaa mem niyam ke anusaar upasthit huaa karate the.
1 Chronicles 6:32 in English
- King James Version (KJV)
- And they ministered before the dwelling place of the tabernacle of the congregation with singing, until Solomon had built the house of the LORD in Jerusalem: and [then] they waited on their office according to their order.
- World English Bible (WEB)
- They ministered with song before the tabernacle of the Tent of Meeting until Solomon had built the LORD’s house in Jerusalem. They performed the duties of their office according to their order.
- American Standard Version (ASV)
- And they ministered with song before the tabernacle of the tent of meeting, until Solomon had built the house of Jehovah in Jerusalem: and they waited on their office according to their order.
- Bible in Basic English (BBE)
- They gave worship with songs before the House of the Tent of meeting, till Solomon put up the house of the Lord in Jerusalem; and they took their places for their work in their regular order.
- Darby Translation (DBY)
- And they ministered before the tabernacle of the tent of meeting with singing, until Solomon had built the house of Jehovah in Jerusalem; and they attended to their office according to their order.
- Webster's Bible (WBS)
- And they ministered before the dwelling-place of the tabernacle of the congregation with singing, until Solomon had built the house of the LORD in Jerusalem: and [then] they waited on their office, according to their order.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and they are ministering before the tabernacle of the tent of meeting, in song, till the building by Solomon of the house of Jehovah in Jerusalem; and they stand according to their ordinance over their service.
Read in context
- 30उज्जा का शिमा; शिमा का हग्गिरयाह और हग्गिरयाह का पुत्रा असायाह हुआ।
- 31फिर जिनको दाऊद ने सन्दूक के ठिकाना पाने के बाद यहोवा के भवन में गाने के अधिकारी ठहरा दियया वे ये हैं।
- 32जब तब सुलैमान यरूशलेम में यहोवा के भवन को बनवा न चुका, तब तक वे मिलापवाले तम्बू के निवास के साम्हने गाने के द्वारा सेवा करते थे; और इस सेवा में नियम के अनुसार उपस्थित हुआ करते थे।
- 33जो अपने अपने पुत्रों समेत उपस्थित हुआ करते थे वे ये हैं, अर्थात् कहातियों में से हेमान गवैया जो योएल का पुत्रा था, और योएल शमुएल का।
- 34शमूएल एल्काना का, एल्काना यरोहाम का, यरोहाम एलीएल का, एलीएल तोह का।
Cross references
- Psalm 135:1–3 भजन संहिता 135:1–3याह की स्तुति करो, यहोवा के नाम की स्तुति करो, हे यहोवा के सेवको तुम स्तुति करो, तुम जो यहोवा के भवन में, अर्थात् हमारे परमेश्वर के भवन के आंगनों में खड़े रहते हो! याह की स्तुति करो, क्योंकि यहोवा भला है; उसके नाम का भजन गाओ, क्योंकि यह मनभाऊ है!
- 1 Kings 8:6–13 1 राजा 8:6–13तब याजकों ने यहोवा की वाचा का सन्दूक उसके स्थान को अर्थात् भवन के दर्शन- स्थान में, जो परमपवित्रा स्थान है, पहुंचाकर करूबों के पंखों के तले रख दिया। करूब तो सन्दूक के स्थान के ऊपर पंख ऐसे फैलाए हुए थे, कि वे ऊपर से सन्दूक और उसके डंडों को ढांके थे। डंडे तो ऐसे लम्बे थे, कि उनके सिरे उस पवित्रा स्थान से जो दर्शन- स्थान के साम्हने था दिखाई पड़ते थे परन्तु बाहर से वे दिखाई नहीं पड़ते थे। वे आज के दिन तक यहीं वतमपान हैं। सन्दूक में कुछ नहीं था, उन दो पटरियों को छोड़ जो मूसा ने होरेब में उसके भीतर उस समय रखीं, जब यहोवा ने इस्राएलियों के मिस्र से निकलने पर उनके साथ वाचा बान्धी थी। जब याजक पवित्रास्थान से निकले, तब यहोवा के भवन में बादल भर आया। और बादल के कारण याजक सेवा टहल करने को खड़े न रह सके, क्योंकि यहोवा का तेज यहोवा के भवन में भर गया था। तब सुलैमान कहने लगा, यहोवा ने कहा था, कि मैं घोर अंधकार में वास किए रहूंगा। सचमुच मैं ने तेरे लिये एक वासस्थान, वरन ऐसा दृढ़ स्थान बनाया है, जिस में तू युगानुयुग बना रहे।
- 2 Chronicles 29:25–30 2 इतिहास 29:25–30फिर उस ने दाऊद और राजा के दश गाद, और नातान नबी की आज्ञा के अनुसार जो यहोवा की ओर से उसके नबियों के द्वारा आई थी, झांझ, सारंगियां और वीणाएं लिए हुए लेवियों को यहोवा के भवन में खड़ा किया। तब लेवीय दाऊद के चलाए बाजे लिए हुए, और याजक तुरहियां लिए हुए खड़े हुए। तब हिजकिरयाह ने वेदी पर होमबलि चढ़ाने की आज्ञा दी, और जब होमबलि चढ़ने लगी, तब यहोवा का गीत आरम्भ हुआ, और तुरहियां और इस्राएल के राजा दाऊद के बाजे बजने लगे। और मण्डली के सब लोग दणडवत करते और गानेवाले गाते और तुरही फूंकनेवाले फूंकते रहे; यह सब तब तक होेता रहा, जब तक होमबलि चढ़ न चुकी। और जब बलि चढ़ चुकी, तब राजा और जितने उसके संग वहां थे, उन सभों ने सिर झुकाकर दणडवत किया। और राजा हिजकिरयाह और हाकिमों ने लेवियों को आज्ञा दी, कि दाऊद और आसाप दश के भजन गाकर यहोवा की स्तुति करें। और उन्हों ने आनन्द के साथ स्तुति की और सिर नवाकर दणडवत किया।
- 1 Chronicles 9:33 1 इतिहास 9:33और ये गवैये थे जो लेवीय पितरों के घरानों में मुख्य थे, और कोठरियों में रहते, और और काम से छूटे थे; क्योंकि वे रात- दिन अपने काम में लगे रहते थे।
- Psalm 134:1–2 भजन संहिता 134:1–2हे यहोवा के सब सेवको, सुनो, तुम जो रात रात को यहोवा के भवन में खड़े रहते हो, यहोवा को धन्य कहो। अपने हाथ पवित्रास्थान में उठाकर, यहोवा को धन्य कहो।
- 2 Chronicles 35:15 2 इतिहास 35:15और आसाप के वंश के गवैये, दाऊद, आसाप, हेमान और राजा के दश यदूतून की आज्ञा के अनुसार अपने अपने स्थान पर रहे, और द्वारपाल एक एक फाटक पर रहे। उन्हें अपना अपना काम छोड़ना न पड़ा, क्योंकि उनके भई लेवियों ने उनके लिये तैयारी की।
- Ezra 3:10–11 एज्रा 3:10–11और जब राजों ने यहोवा के मन्दिर की नेव डाली तब अपने वस्त्रा पहिने हुए, और तुरहियां लिये हुए याजक, और झांझ लिये हुए आसाप के वंश के लेवीय इसलिये नियुक्त किए गए कि इस्राएलियों के राजा दाऊद की चलाई हुई रीति के अनुसार यहोवा की स्तुति करें। सो वे यह गा गाकर यहोवा की स्तुति और धन्यवाद करने लगे, कि वह भला है, और उसकी करूणा इस्राएल पर सदैव बनी है। और जब वे यहोवा की स्तुति करने लगे तब सब लोगों ने यह जानकर कि यहोवा के भवन की नेब अब पड़ रही है, ऊंचे शब्द से जय जयकार किया।
- Psalm 68:24–25 भजन संहिता 68:24–25हे परमशॆवर तेरी गति देखी गई, मेरे ईश्वर, मेरे राजा की गति पवित्रास्थान में दिखाई दी है; गानेवाले आगे आगे और तारवाले बाजों के बजानेवाले पीछे पीछे गए, चारों ओर कुमारियां डफ बजाती थीं।
- Nehemiah 12:27–28 नहेमायाह 12:27–28और यरूशलेम की शहरपनाह की प्रतिष्ठा के समय लेवीय अपने सब स्थानों में ढूंढ़े गए, कि यरूशलेम को पहुंचाए जाएं, जिस से आनन्द और धन्यवाद करके और झांझ, सारंगी और वीणा बजाकर, और गाकर उसकी प्रतिष्ठा करें। तो गवैयों के सन्तान यरूशलेम के चारों ओर के देश से और नतोपातियों के गांवों से,
- 1 Chronicles 16:37–42 1 इतिहास 16:37–42तब उस ने वहां अर्थात् यहोवा की वाचा के सन्दूक के साम्हने आसाप और उसके भाइयों को छोड़ दिया, कि प्रतिदिन के प्रयोजन के अनुसार वे सन्दूक के साम्हने नित्य सेवा टहल किया करें! और अड़सठ भाइयों समेत ओबेदेदोम को, और द्वारपालों के लिये यदूतून के पुत्रा ओबेदेदोम और होसा को छोड़ दिया। फिर उस ने सादोक याजक और उसके भाई याजकों को यहोवा के निवास के साम्हने, जो गिबोन के ऊंचे स्थान में था, ठहरा दिया, कि वे नित्य सवेरे और सांझ को होमबलि की वेदी पर यहोवा को होमबलि चढ़ाया करें, और उन सब के अनुसार किया करें, जो यहोवा की रयवस्था में लिखा है, जिसे उस ने इस्राएल को दिया था। और उनके संग उस ने हेमान और यदूतून और दूसरों को भी जो नाम लेकर चुने गए थे ठहरा दिया, कि यहोवा की सदा की करूणा के कारण उसका धन्यवाद करें। और उनके संग उस ने हेमान और यदूतून को बजानेवालों के लिये तुरहियां और झांझें और परमेश्वर के गीत गाने के लिये बाजे दिए, और यदूतून के बेटों को फाटक की रखवाली करने को ठहरा दिया।
- Nehemiah 12:45–47 नहेमायाह 12:45–47इसलिये वे अपने परमेश्वर के काम और शुठ्ठता के विषय चौकसी करते रहे; और गवैये ओर द्वारपाल भी दाऊद और उसके पुत्रा सुलैमान की आज्ञा के अनुसार वैसा ही करते रहे। प्राचीनकाल, अर्थात् दाऊद और आसाप के दिनों में तो गवैयों के प्रधान थे, और परमेश्वर की स्तुति और धन्यवाद के गीत गाए जाते थे। और जरूब्बाबेल और नहेमायाह के दिनों में सारे इस्राएली, गवैयों और द्वारपालों के प्रतिदिन का भाग देते रहे; और वे लेवियों के अंश पवित्रा करके देते थे; और लेवीय हारून की सन्तान के अंश पवित्रा करके देते थे।
- 1 Chronicles 6:10 1 इतिहास 6:10और योहानान से अजर्याह, उत्पन्न हुआ ( जो सुलैमान के यरूशलेम में बनाए हुए भवन में याजक का काम करता था )
Original words (Hebrew)
- ministered · H8334שָׁרַת shârath
- before · H6440פָּנִים pânîym
- dwelling · H4908מִשְׁכָּן mishkân
- tabernacle · H168אֹהֶל ʼôhel
- congregation · H4150מוֹעֵד môwʻêd
- singing · H7892שִׁיר shîyr
- Solomon · H8010שְׁלֹמֹה Shᵉlômôh
- built · H1129בָּנָה bânâh
- house · H1004בַּיִת bayith
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- waited · H5975עָמַד ʻâmad
- office · H5656עֲבֹדָה ʻăbôdâh
- order · H4941מִשְׁפָּט mishpâṭ