1 Chronicles · chapter 6 · verse 31
1 Chronicles 6:31 in Hindi
फिर जिनको दाऊद ने सन्दूक के ठिकाना पाने के बाद यहोवा के भवन में गाने के अधिकारी ठहरा दियया वे ये हैं।
Phir jinako daaood ne sandook ke thikaanaa paane ke baad yahovaa ke bhavan mem gaane ke adhikaaree thaharaa diyayaa ve ye hain.
1 Chronicles 6:31 in English
- King James Version (KJV)
- And these [are they] whom David set over the service of song in the house of the LORD, after that the ark had rest.
- World English Bible (WEB)
- These are they whom David set over the service of song in the LORD’s house after the ark came to rest there.
- American Standard Version (ASV)
- And these are they whom David set over the service of song in the house of Jehovah, after that the ark had rest.
- Bible in Basic English (BBE)
- And these are those whom David made responsible for the music in the house of the Lord, after the ark had rest.
- Darby Translation (DBY)
- And these are they whom David set over the service of song in the house of Jehovah after that the ark was in rest.
- Webster's Bible (WBS)
- And these [are they] whom David set over the service of song in the house of the LORD, after that the ark had rest.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And these [are] they whom David stationed over the parts of the song of the house of Jehovah, from the resting of the ark,
Read in context
- 29फिर मरारी का पुत्रा महली, महली का लिब्नी, लिब्नी का शिमी, शिमी का उज्जा।
- 30उज्जा का शिमा; शिमा का हग्गिरयाह और हग्गिरयाह का पुत्रा असायाह हुआ।
- 31फिर जिनको दाऊद ने सन्दूक के ठिकाना पाने के बाद यहोवा के भवन में गाने के अधिकारी ठहरा दियया वे ये हैं।
- 32जब तब सुलैमान यरूशलेम में यहोवा के भवन को बनवा न चुका, तब तक वे मिलापवाले तम्बू के निवास के साम्हने गाने के द्वारा सेवा करते थे; और इस सेवा में नियम के अनुसार उपस्थित हुआ करते थे।
- 33जो अपने अपने पुत्रों समेत उपस्थित हुआ करते थे वे ये हैं, अर्थात् कहातियों में से हेमान गवैया जो योएल का पुत्रा था, और योएल शमुएल का।
Cross references
- 2 Samuel 6:17 2 शमूएल 6:17और लोग यहोवा का सन्दूक भीतर ले आए, और उसके स्थान में, अर्थात् उस तम्बू में रखा, जो दाऊद ने उसके लिये खड़ा कराया था; और दाऊद ने यहोवा के सम्मुख होमबलि और मेलबलि चढ़ाए।
- Psalm 132:14 भजन संहिता 132:14यह तो युग युग के लिये मेरा विश्रामस्थान हैं; यहीं मैं रहूंगा, क्योंकि मैं ने इसका चाहा है।
- 1 Chronicles 16:4–6 1 इतिहास 16:4–6तब उस ने कई लेवियों को इसलिये ठहरा दिया, कि यहोवा के सत्दूक के साम्हने सेवा टहल किया करें, और इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की चर्चा और उसका धन्यवाद और स्तुति किया करें। उनका मुखिया तो आसाप था, और उसके नीचे जकर्याह था, फिर यीएल, शमीरामोत, यहीएल, मत्तित्याह, एलीआब बनायाह, ओबेदेदोम और यीएल थे; ये तो सारंगियां और वीणाएं लिये हुए थे, और आसाप झांझ पर राग बजाता था। और बनायाह और यहजीएल नाम याजक परमेश्वर की वाचा के सन्दूक के साम्हने नित्य तुरहियां बजाने के लिए नियुक्त किए गए।
- Psalm 132:8 भजन संहिता 132:8हे यहोवा, उठकर अपने विश्रामस्थान में अपनी सामर्थ्य के सन्दूक समेत आ।
- 1 Chronicles 15:16–22 1 इतिहास 15:16–22और दाऊद ने प्रधान लेवियों को आज्ञा दी, कि अपने भाई गवैयों को बाजे अर्थात् सारंगी, वीणा और झांझ देकर बजाने और आनन्द के साथ ऊंचे स्वर से गाने के लिये नियुक्त करें। तब लेवियों ने योएल के पुत्रा हेमान को, और उसके भाइयों में से बेरेक्याह के पुत्रा आसाप को, और अपने भाई मरारियों में से कूशायाह के पुत्रा एतान को ठहराया। और उनके साथ उन्हों ने दूसरे पद के अपने भाइयों को अर्थात् जकर्याह, बेन, याजीएल, शमीरामोत, यहीएल, उन्नी, एलीआब, बनायाह, मासेयाह, मत्तित्याह, एलीपलेह, मिकनेयाह, और ओबेदेदोम और पीएल को जो द्वारपाल थे ठहराया। यों हेमान, आसाप और एतान नाम के गवैये तो पीतल की झांझ बजा बजाकर राग चलाने को; और जकर्याह, अजीएल, शमीरामोत, यहीएल, उन्नी, एलीआब, मासेयाह, और बनायाह, अलामोत, नाम राग में सारंगी बजाने को; और मत्तित्याह, एलीपलेह, मिकनेयाह ओबेदेदोम, यीएल और अजज्याह वीणा खर्ज में छेड़ने को ठहराए गए। और राग उठाने का अधिकारी कनन्याह नाम लेवियों का प्रधान था, वह राग उठाने के विषय शिक्षा देता था, क्योंकि वह निपुण था।
- 1 Chronicles 25:1–31 1 इतिहास 25:1–31फिर दाऊद और सेनापतियोंने आसाप, हेमान और यदूतून के कितने पुत्रोंको सेवकाई के लिथे अलग किया कि वे वीणा, सारंगी और फांफ बजा बजाकर नबूवत करें। और इस सेवकाई के काम करनेवाले मनुष्योंकी गिनती यह यी: अर्यात् आसाप के पुत्रोंमें से तो जक्कूर, योसेप, नतन्याह और अशरेला, आसाप के थे पुत्र आसाप ही की आज्ञा में थे, जो राजा की आज्ञा के अनुसार नबूवत करता या। फिर यदूतून के पुत्रोंमें से गदल्याह, सरीयशायाह, हसब्याह, मत्तित्याह, थे ही छ: अपके पिता यदूतून की आज्ञा में होकर जो यहोवा का धन्यवाद और स्तुति कर करके नबूवत करता या, वीणा बजाते थे। और हेमान के पुत्रोंमें से, मुक्किय्याह, मत्तन्याह, लज्जीएल, शबूएल, यरीमोत, हनन्याह, हनानी, एलीआता, गिद्दलती, रोममतीएजेर, योशबकाशा, मल्लोती, होतीर और महजीओत। परमेश्वर की प्रतिज्ञानुकूल जो उसका नाम बढ़ाने की यी, थे सब हेमान के पुत्र थे जो राजा का दशीं या; क्योंकि परमेश्वर ने हेमान को चौदह बेटे और तीन बेटियां दीं यीं। थे सब यहोवा के भवन में गाने के लिथे अपके अपके पिता के अधीन रहकर, परमेश्वर के भवन, की सेवकाई में फांफ, सारंगी और वीणा बजाते थे। और आसाप, यदूतून और हेमान राजा के अधीन रहते थे। इन सभोंकी गिनती भाइयोंसमेत जो यहोवा के गीत सीखे हुए और सब प्रकार से निपुण थे, दो सौ अठासी यी। और उन्होंने क्या बड़ा, क्या छोटा, क्या गुरू, क्या चेला, अपक्की अपक्की बारी के लिथे चिट्ठी डाली। और पहिली चिट्ठी आसाप के बेटोंमें से योसेप के नाम पर निकली, दूसरी गदल्याह के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। तीसरी जक्कूर के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। चौयी यिस्री के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। पांचक्कीं नतन्याह के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। छठीं बुक्किय्याह के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। सातवीं यसरेला के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। आठवीं यशायाह के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। नौवीं मतन्याह के नाम पर निकली, जिसके पुत्र और भाई समेत बारह थे। दसवीं शिमी के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। ग्यारहवीं अजरेल के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। बारहवीं हशब्याह के नाम पर निकली, जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। तेरहवी शूबाएल के नाम पर निकली, जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। चौदहवीं मत्तिय्याह के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। पन्द्रहवीं यरेमोत के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। सोलहवीं हनन्याह के नाम पर निकली, जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। सत्रहवीं योशबकाशा के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। अठारहवीं हरानी के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। उन्नीसवीं मल्लोती के नाम पर निकली, जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। बीसवीं इलिय्याता के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। इक्कीसवीं होतीर के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। बाईसवीं गिद्दलती के नाम पर तिकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। तेईसवीं महजीओत के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। और चौबीसवीं चिट्ठी रोममतीएजेर के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे।