1 Corinthians · chapter 13 · verse 2
1 Corinthians 13:2 in Hindi
और यदि मैं भविष्यद्वाणी कर सकूं, और सब भेदों और सब प्रकार के ज्ञान को समझूं, और मुझे यहां तक पूरा विश्वास हो, कि मैं पहाड़ों को हटा दूं, परन्तु प्रेम न रखूं, तो मैं कुछ भी नहीं।
Aur yadi maim bhavishyadvaanee kar sakoom, aur sab bhedom aur sab prakaar ke jnyaan ko samajhoom, aur mujhe yahaam tak pooraa vishvaas ho, ki maim pahaadom ko hataa doom, parantu prem na rakhoom, to maim kuchh bhee naheen.
1 Corinthians 13:2 in English
- King James Version (KJV)
- And though I have [the gift of] prophecy, and understand all mysteries, and all knowledge; and though I have all faith, so that I could remove mountains, and have not charity, I am nothing.
- World English Bible (WEB)
- If I have the gift of prophecy, and know all mysteries and all knowledge, and if I have all faith, so as to remove mountains, but don’t have love, I am nothing.
- American Standard Version (ASV)
- And if I have [the gift of] prophecy, and know all mysteries and all knowledge; and if I have all faith, so as to remove mountains, but have not love, I am nothing.
- Bible in Basic English (BBE)
- And if I have a prophet's power, and have knowledge of all secret things; and if I have all faith, by which mountains may be moved from their place, but have not love, I am nothing.
- Darby Translation (DBY)
- And if I have prophecy, and know all mysteries and all knowledge, and if I have all faith, so as to remove mountains, but have not love, I am nothing.
- Webster's Bible (WBS)
- And though I have [the gift of] prophecy, and understand all mysteries, and all knowledge; and though I have all faith, so that I could remove mountains, and have not charity, I am nothing.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and if I have prophecy, and know all the secrets, and all the knowledge, and if I have all the faith, so as to remove mountains, and have not love, I am nothing;
Read in context
- 1यदि मैं मनुष्यों, और सवर्गदूतों की बोलियां बोलूं, और प्रेम न रखूं, तो मैं ठनठनाता हुआ पीतल, और झंझनाती हुई झांझ हूं।
- 2और यदि मैं भविष्यद्वाणी कर सकूं, और सब भेदों और सब प्रकार के ज्ञान को समझूं, और मुझे यहां तक पूरा विश्वास हो, कि मैं पहाड़ों को हटा दूं, परन्तु प्रेम न रखूं, तो मैं कुछ भी नहीं।
- 3और यदि मैं अपनी सम्पूर्ण संपत्ति कंगालों को खिला दूं, या अपनी देह जलाने के लिये दे दूं, और प्रेम न रखूं, तो मुझे कुछ भी लाभ नहीं।
- 4प्रेम धीरजवन्त है, और कृपाल है; प्रेम डाल नहीं करता; प्रेम अपनी बड़ाई नहीं करता, और फूलता नहीं।
Cross references
- 1 John 4:8 1 यूहन्ना 4:8जो प्रेम नहीं रखता, वह परमेश्वर को नहीं जानता है, क्योंकि परमेश्वर प्रेम है।
- 1 Corinthians 13:3 1 कुरिन्थियों 13:3और यदि मैं अपनी सम्पूर्ण संपत्ति कंगालों को खिला दूं, या अपनी देह जलाने के लिये दे दूं, और प्रेम न रखूं, तो मुझे कुछ भी लाभ नहीं।
- 1 John 4:20–21 1 यूहन्ना 4:20–21यदि कोई कहे, कि मैं परमेश्वर से प्रेम रखता हूं; और अपने भाई से बैर रखे; तो वह झूठा है: क्योंकि जो अपने भाई से, जिस उस ने देखा है, प्रेम नहीं रखता, तो वह परमेश्वर से भी जिसे उस ने नहीं देखा, प्रेम नहीं रख सकता। और उस से हमें यह आज्ञा मिली है, कि जो कोई अपने परमेश्वर से प्रेम रखता है, वह अपने भाई से भी प्रेम रखे।।
- Matthew 17:20 मत्ती 17:20उस ने उन से कहा, अपने विश्वास की घटी के कारण: क्योंकि मैं तुम से सच कहता हूं, यदि तुम्हारा विश्वास राई के दाने के बराबर भी हो, तो इस पहाड़ से कह सकोगे, कि यहां से सरककर वहां चला जा, तो वह चला जाएगा; और कोई बात तुम्हारे लिये अन्होनी न होगी।
- Matthew 21:21 मत्ती 21:21यीशु ने उन को उत्तर दिया, कि मैं तुम से सच कहता हूं; यदि तुम विश्वास रखो, और सन्देह न करो; तो न केवल यह करोगे, जो इस अंजीर के पेड़ से किया गया है; परन्तु यदि इस पहाड़ से भी कहोगे, कि उखड़ जो; और समुद्र में जा पड़, तो यह हो जाएगा।
- 1 Corinthians 16:22 1 कुरिन्थियों 16:22हमारा प्रभु आनेवाला है।
- 1 Corinthians 12:8–10 1 कुरिन्थियों 12:8–10क्योंकि एक को आत्मा के द्वारा बुद्वि की बातें दी जाती हैं; और दूसरे को उसी आत्मा के अनुसार ज्ञान की बातें। और किसी को उसी आत्मा से विश्वास; और किसी को उसी एक आत्मा से चंगा करने का बरदान दिया जाता है। फिर किसी को सामर्थ के काम करने की शक्ति; और किसी को भविष्यद्वाणी की; और किसी को अनेक प्रकार की भाषा; और किसी को भाषाओं का अर्थ बताना।
- 1 Corinthians 14:1–2 1 कुरिन्थियों 14:1–2प्रेम का अनुकरण करो, और आत्मिक बरदानों की भी धुन में रहो विशेष करके यह, कि भविष्यद्वाणी करो। क्योंकि जो अन्यभाषा में बातें करता है; वह मनुष्यों से नहीं, परन्तु परमेश्वर से बातें करता है; इसलिये कि उस की कोई नहीं समझता; क्योंकि वह भेट की बातें आत्मा में होकर बोलता है।
- Ephesians 3:4 इफिसियों 3:4जिस से तुम पढ़कर जान सकते हो, कि मैं मसीह का वह भेद कहां तक समझता हूं।
- Galatians 5:16 गलातियों 5:16पर मैं कहता हूं, आत्मा के अनुसार चलो, तो तुम शरीर की लालसा किसी रीति से पूरी न करोगे।
- 1 Corinthians 13:1 1 कुरिन्थियों 13:1यदि मैं मनुष्यों, और सवर्गदूतों की बोलियां बोलूं, और प्रेम न रखूं, तो मैं ठनठनाता हुआ पीतल, और झंझनाती हुई झांझ हूं।
- Colossians 1:26 कुलुस्सियों 1:26अर्थात् उस भेद को समयों और पीढ़ियों से गुप्त रहा, परन्तु अब उसके उन पवित्रा लोगों पर प्रगट हुआ है।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- though · G1437ἐάν eán
- have · G2192ἔχω échō
- prophecy · G4394προφητεία prophēteía
- and · G2532καί kaí
- understand · G1492εἴδω eídō
- all · G3956πᾶς pâs
- mysteries · G3466μυστήριον mystḗrion
- and · G2532καί kaí
- all · G3956πᾶς pâs
- knowledge · G1108γνῶσις gnōsis
- and · G2532καί kaí
- though · G1437ἐάν eán
- have · G2192ἔχω échō
- all · G3956πᾶς pâs
- faith · G4102πίστις pístis
- that · G5620ὥστε hṓste
- remove · G3179μεθίστημι methístēmi
- mountains · G3735ὄρος óros
- and · G1161δέ dé
- have · G2192ἔχω échō
- not · G3361μή mḗ
- charity · G26ἀγάπη agápē
- am · G1510εἰμί eimí
- nothing · G3762οὐδείς oudeís