1 Corinthians · chapter 13 · verse 4
1 Corinthians 13:4 in Hindi
प्रेम धीरजवन्त है, और कृपाल है; प्रेम डाल नहीं करता; प्रेम अपनी बड़ाई नहीं करता, और फूलता नहीं।
Prem dheerajavant hai, aur krupaal hai; prem daal naheem karataa; prem apanee badaaee naheem karataa, aur phoolataa naheen.
1 Corinthians 13:4 in English
- King James Version (KJV)
- Charity suffereth long, [and] is kind; charity envieth not; charity vaunteth not itself, is not puffed up,
- World English Bible (WEB)
- Love is patient and is kind. Love doesn’t envy. Love doesn’t brag, is not proud,
- American Standard Version (ASV)
- Love suffereth long, [and] is kind; love envieth not; love vaunteth not itself, is not puffed up,
- Bible in Basic English (BBE)
- Love is never tired of waiting; love is kind; love has no envy; love has no high opinion of itself, love has no pride;
- Darby Translation (DBY)
- Love has long patience, is kind; love is not emulous [of others]; love is not insolent and rash, is not puffed up,
- Webster's Bible (WBS)
- Charity suffereth long, [and] is kind; charity envieth not; charity vaunteth not itself, is not puffed up,
- Young's Literal Translation (YLT)
- The love is long-suffering, it is kind, the love doth not envy, the love doth not vaunt itself, is not puffed up,
Read in context
- 2और यदि मैं भविष्यद्वाणी कर सकूं, और सब भेदों और सब प्रकार के ज्ञान को समझूं, और मुझे यहां तक पूरा विश्वास हो, कि मैं पहाड़ों को हटा दूं, परन्तु प्रेम न रखूं, तो मैं कुछ भी नहीं।
- 3और यदि मैं अपनी सम्पूर्ण संपत्ति कंगालों को खिला दूं, या अपनी देह जलाने के लिये दे दूं, और प्रेम न रखूं, तो मुझे कुछ भी लाभ नहीं।
- 4प्रेम धीरजवन्त है, और कृपाल है; प्रेम डाल नहीं करता; प्रेम अपनी बड़ाई नहीं करता, और फूलता नहीं।
- 5वह अनरीति नहीं चलता, वह अपनी भलाई नहीं चाहता, झुंझलाता नहीं, बुरा नहीं मानता।
- 6कुकर्म से आनन्दित नहीं होता, परन्तु सन्य से आनन्दित होता है।
Cross references
- 1 Peter 4:8 1 पतरस 4:8और सब में श्रेष्ठ बात यह है कि एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो; क्योंकि प्रेम अनेक पापों को ढ़ाप देता है।
- Ephesians 4:32 इफिसियों 4:32और एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो।।
- Galatians 5:21–22 गलातियों 5:21–22डाह, मलवालापन, लीलाक्रीड़ा, और इन के ऐसे और और काम हैं, इन के विषय में मैं तुम को पहिले से कह देता हूं जैसा पहिले कह भी चुका हूं, कि ऐसे ऐसे काम करनेवाले परमेश्वर के राज्य के वारिस न होंगे। पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज,
- Proverbs 10:12 नीतिवचन 10:12बैर से तो झगड़े उत्पन्न होते हैं, परन्तु प्रेम से सब अपराध ढंप जाते हैं।
- Colossians 3:12 कुलुस्सियों 3:12इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्रा और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो।
- 1 John 4:11 1 यूहन्ना 4:11हे प्रियों, जब परमेश्वर ने हम से ऐसा प्रेम किया, तो हम को भी आपस में प्रेम रखना चाहिए।
- Proverbs 17:9 नीतिवचन 17:9जो दूसरे के अपराध को ढांप देता, वह प्रेम का खोजी ठहरता है, परन्तु जो बात की चर्चा बार बार करता है, वह परम मित्रों में भी फूट करा देता है।
- James 3:14–17 याकूब 3:14–17पर यदि तुम अपने अपने मन में कड़वी डाह और विरोध रखते हो, तो सत्य के विरोध में घमण्ड न करना, और न तो झूठ बोलना। यह ज्ञान वह नहीं, जो ऊपर से उतरता है बरन सांसारिक, और शारीरिक, और शैतानी है। इसलिये कि जहां डाह और विरोध होता है, वहां बखेड़ा और हर प्रकार का दुष्कर्म भी होता है। पर जो ज्ञान ऊपर से आता है वह पहिले तो पवित्रा होता है फिर मिलनसार, कोमल और मृदुभाव और दया, और अच्छे फलों से लदा हुआ और पक्षपात और कपट रहित होता है।
- 1 John 3:16–18 1 यूहन्ना 3:16–18हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उस ने हमारे अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए। पर जिस किसी के पास संसार की संपत्ति हो और वह अपने भाई को कंगाल देखकर उस पर तरस न खाना चाहे, तो उस में परमेश्वर का प्रेम क्योंकर बना रह सकता है? हे बालको, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें।
- 1 Peter 3:8 1 पतरस 3:8निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखनेवाले, और करूणामय, और नम्र बनो।
- 2 Peter 1:7 2 पतरस 1:7और भक्ति पर भाईचारे की प्रीति, और भाईचारे की प्रीति पर प्रेम बढ़ाते जाओ।
- Luke 6:35–36 लूका 6:35–36बरन अपने शत्रुओं से प्रेम रखो, और भलाई करो: और फिर पाने की आस न रखकर उधार दो; और तुम्हारे लिये बड़ा फल होगा; और तुम परमप्रधान के सन्तान ठहरोगे, क्योंकि वह उन पर जो धन्यवाद नहीं करते और बुरों पर भी कृपालु है। जैसा तुम्हारा पिता दयावन्त है, वैसे ही तुम भी दयावन्त बनो।
Original words (Greek)
- Charity · G26ἀγάπη agápē
- long · G3114μακροθυμέω makrothyméō
- kind · G5541χρηστεύομαι chrēsteúomai
- charity · G26ἀγάπη agápē
- envieth · G2206ζηλόω zēlóō
- not · G3756οὐ ou
- charity · G26ἀγάπη agápē
- vaunteth · G4068περπερεύομαι perpereúomai
- not · G3756οὐ ou
- itself · G4068περπερεύομαι perpereúomai
- is · G5448φυσιόω physióō
- not · G3756οὐ ou
- up · G5448φυσιόω physióō