1 Corinthians · chapter 7 · verse 31
1 Corinthians 7:31 in Hindi
और इस संसार के बरतनेवाले ऐसे हों, कि संसार ही के न हो लें; क्योंकि इस संसार की रीति और व्यवहार बदलते जाते हैं।
Aur is sansaar ke baratanevaale aise hom, ki sansaar hee ke na ho lem; kyonki is sansaar kee reeti aur vyavahaar badalate jaate hain.
1 Corinthians 7:31 in English
- King James Version (KJV)
- And they that use this world, as not abusing [it]: for the fashion of this world passeth away.
- World English Bible (WEB)
- and those who use the world, as not using it to the fullest. For the mode of this world passes away.
- American Standard Version (ASV)
- and those that use the world, as not using it to the full: for the fashion of this world passeth away.
- Bible in Basic English (BBE)
- And for those who make use of the world, not to be using it fully; for this world's way of life will quickly come to an end.
- Darby Translation (DBY)
- and they that use the world, as not disposing of it as their own; for the fashion of this world passes.
- Webster's Bible (WBS)
- And they that use this world, as not abusing [it] . For the fashion of this world passeth away.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and those using this world, as not using [it] up; for passing away is the fashion of this world.
Read in context
- 29हे भाइयो, मैं यह कहता हूं, कि समय कम किया गया है, इसलिये चाहिए कि जिन के पत्नी हों, वे ऐसे हों मानो उन के पत्नी नहीं।
- 30और रोनेवाले ऐसे हों, मानो रोते नहीं; और आनन्द करनेवाले ऐसे हों, मानो आनन्द नहीं करते; और मोल लेनेवाले एसे हों, कि मानो उन के पास कुछ है नहीं।
- 31और इस संसार के बरतनेवाले ऐसे हों, कि संसार ही के न हो लें; क्योंकि इस संसार की रीति और व्यवहार बदलते जाते हैं।
- 32सो मैं यह चाहता हूं, कि तुम्हें चिन्ता न हो: अविवाहित पुरूष प्रभु की बातों की चिन्ता में रहता है, कि प्रभु को क्योंकर प्रसन्न रखे।
- 33परन्तु विवाहित मनुष्य संसार की बातों की चिन्ता में रहता है, कि अपनी पत्नी को किस रीति से प्रसन्न रखे।
Cross references
- 1 John 2:17 1 यूहन्ना 2:17और संसार और उस की अभिलाषाएं दोनों मिटते जाते हैं, पर जो परमेश्वर की इच्छा पर चलता है, वह सर्वदा बना रहेगा।।
- 1 Peter 4:7 1 पतरस 4:7सब बातों का अन्त तुरन्त होनेवाला है; इसलिये संयमी होकर प्रार्थना के लिये सचेत रहो।
- James 4:14 याकूब 4:14और यह नहीं जानते कि कल क्या होगा: सुन तो लो, तुम्हारा जीवन है ही क्या? तुम तो मानो भाप समान हो, जो थोड़ी देर दिखाई देती है, फिर लोप हो जाती है।
- Luke 21:34 लूका 21:34इसलिये सावधान रहो, ऐसा न हो कि तुम्हारे मन खुमार और मतवालेपन, और इस जीवन की चिन्ताओं से सुस्त हो जाएं, और वह दिन तुम पर फन्दे की नाई अचानक आ पड़े।
- 1 Peter 1:24 1 पतरस 1:24क्योंकि हर एक प्राणी घास की नाईं है, और उस की सारी शोभा घास के फूल की नाईं है: घास सूख जाती है, और फूल झड़ जाता है।
- Ecclesiastes 9:7–10 सभोपदेशक 9:7–10अपने मार्ग पर चला जा, अपनी रोटी आनन्द से खाया कर, और मन में सुख मानकर अपना दाखमधु पिया कर; क्योंकि परमेश्वर तेरे कामों से प्रसन्न हो चुका है।। तेरे वस्त्रा सदा उजले रहें, और तेरे सिर पर तेल की घटी न हो।। अपने व्यर्थ जीवन के सारे दिन जो उस ने सूर्य के नीचे तेरे लिये ठहराए हैं अपनी प्यारी पत्नी के संग में बिताना, क्योंकि तेरे जीवन और तेरे परिश्रम में जो तू सूर्य के नीचे करता है तेरा यही भाग है। जो काम तुझे मिले उसे अपनी शक्ति भर करना, क्योंकि अधोलोक में जहां तू जानेवाला है, न काम न युक्ति न ज्ञान और न बुद्धि है।।
- Ecclesiastes 3:12–13 सभोपदेशक 3:12–13मैं ने जान लिया है कि मनुष्यों के लिये आनन्द करने और जीवन भर भलाई करने के सियाव, और कुछ भी अच्छा नहीं; और यह भी परमेश्वर का दान है कि मनुष्य खाए- पीए और अपेन सब परिश्रम में सुखी रहे।
- Psalm 39:6 भजन संहिता 39:6सचमुच मनुष्य छाया सा चलता फिरता है; सचमुच वे व्यर्थ घबराते हैं; वह धन का संचय तो करता है परन्तु नहीं जानता कि उसे कौन लेगा!
- Ecclesiastes 2:24–25 सभोपदेशक 2:24–25मनुष्य के लिये खाने- पीने और परिश्रम करते हुए अपने जीव को सुखी रखने के सिवाय और कुछ भी अच्छा नहीं। मैं ने देखा कि यह भी परमेश्वर की ओर से मिलता है। क्योंकि खाने- पीने और सुख भोगने में मुझ से अधिक समर्थ कौन है?
- Ecclesiastes 1:4 सभोपदेशक 1:4एक पीढ़ी जाती है, और दूसरी पीढ़ी आती है, परन्तु पृथ्वी सर्वदा बनी रहती है।
- 1 Timothy 6:17–18 1 तीमुथियुस 6:17–18इस संसार के धनवानों को आज्ञा दे, कि वे अभिमानी न हों और चंचल धन पर आशा न रखें, परन्तु परमेश्वर पर जो हमारे सुख के लिये सब कुछ बहुतायत से देता है। और भलाई करें, और भले कामों में धनी बनें, और उदार और सहायता देने में तत्पर हों।
- Luke 16:1–2 लूका 16:1–2फिर उस ने चेलों से भी कहा; किसी धनवान का एक भण्डारी था, और लोगों ने उसके साम्हने उस पर यह दोष लगाया कि यह तेरी सब संपत्ति उड़ाए देता है। सो उस ने उसे बुलाकर कहा, यह क्या है जो मै तेरे विषय में सुन रहा हूं? अपने भण्डारीपन का लेखा दे; क्योंकि तू आगे को भण्डारी नहीं रह सकता।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- they · G3588ὁ ho
- use · G5530χράομαι chráomai
- this · G5129τούτῳ toútōi
- world · G2889κόσμος kósmos
- as · G5613ὡς hōs
- not · G3361μή mḗ
- abusing · G2710καταχράομαι katachráomai
- for · G1063γάρ gár
- fashion · G4976σχῆμα schēma
- this · G5127τούτου toútou
- world · G2889κόσμος kósmos
- away · G3855παράγω parágō