1 Corinthians · chapter 7 · verse 29
1 Corinthians 7:29 in Hindi
हे भाइयो, मैं यह कहता हूं, कि समय कम किया गया है, इसलिये चाहिए कि जिन के पत्नी हों, वे ऐसे हों मानो उन के पत्नी नहीं।
He bhaaiyo, maim yah kahataa hoom, ki samay kam kiyaa gayaa hai, isaliye chaahie ki jin ke patnee hom, ve aise hom maano un ke patnee naheen.
1 Corinthians 7:29 in English
- King James Version (KJV)
- But this I say, brethren, the time [is] short: it remaineth, that both they that have wives be as though they had none;
- World English Bible (WEB)
- But I say this, brothers: the time is short. From now on, both those who have wives may be as though they had none;
- American Standard Version (ASV)
- But this I say, brethren, the time is shortened, that henceforth both those that have wives may be as though they had none;
- Bible in Basic English (BBE)
- But I say this, my brothers, the time is short; and from now it will be wise for those who have wives to be as if they had them not;
- Darby Translation (DBY)
- But this I say, brethren, the time is straitened. For the rest, that they who have wives, be as not having [any]:
- Webster's Bible (WBS)
- But this I say, brethren, The time [is] short. It remaineth, that both they that have wives, be as though they had none;
- Young's Literal Translation (YLT)
- And this I say, brethren, the time henceforth is having been shortened — that both those having wives may be as not having;
Read in context
- 27यदि तेरे पत्नी है, तो उस से अलग होने का यत्न न कर: और यदि तेरे पत्नी नहीं, तो पत्नी की खोज न कर:
- 28परन्तु यदि तू ब्याह भी करे, तो पाप नहीं; और यदि कुंवारी ब्याही जाए तो कोई पाप नहीं; परन्तु ऐसों को शारीरिक दुख होगा, और मैं बचाना चाहता हूं।
- 29हे भाइयो, मैं यह कहता हूं, कि समय कम किया गया है, इसलिये चाहिए कि जिन के पत्नी हों, वे ऐसे हों मानो उन के पत्नी नहीं।
- 30और रोनेवाले ऐसे हों, मानो रोते नहीं; और आनन्द करनेवाले ऐसे हों, मानो आनन्द नहीं करते; और मोल लेनेवाले एसे हों, कि मानो उन के पास कुछ है नहीं।
- 31और इस संसार के बरतनेवाले ऐसे हों, कि संसार ही के न हो लें; क्योंकि इस संसार की रीति और व्यवहार बदलते जाते हैं।
Cross references
- 1 John 2:17 1 यूहन्ना 2:17और संसार और उस की अभिलाषाएं दोनों मिटते जाते हैं, पर जो परमेश्वर की इच्छा पर चलता है, वह सर्वदा बना रहेगा।।
- 1 Corinthians 7:31 1 कुरिन्थियों 7:31और इस संसार के बरतनेवाले ऐसे हों, कि संसार ही के न हो लें; क्योंकि इस संसार की रीति और व्यवहार बदलते जाते हैं।
- Romans 13:11–12 रोमियों 13:11–12और समय को पहिचान कर ऐसा ही करो, इसलिये कि अब तुम्हारे लिये नींद से जाग उठने की घड़ी आ पहुंची है, क्योंकि जिस समय हम ने विश्वास किया था, उस समय के विचार से अब हमारा उद्धार निकट है। रात बहुत बीन गई है, और दिन निकलने पर है; इसलिये हम अन्धकार के कामों को तज कर ज्योति के हथियार बान्ध लें।
- James 4:13–16 याकूब 4:13–16तुम जो यह कहते हो, कि आज या कल हम किसी और नगर में जाकर वहां एक वर्ष बिताएंगे, और व्यापार करके लाभ उठाएंगे। और यह नहीं जानते कि कल क्या होगा: सुन तो लो, तुम्हारा जीवन है ही क्या? तुम तो मानो भाप समान हो, जो थोड़ी देर दिखाई देती है, फिर लोप हो जाती है। इस के विपरीत तुम्हें यह कहना चाहिए, कि यदि प्रभु चाहे तो हम जीवित रहेंगे, और यह या वह काम भी करेंगे। पर अब तुम अपनी ड़ींग पर घमण्ड करते हो; ऐसा सब घमण्ड बुरा होता है।
- Hebrews 13:13–14 इब्रानियों 13:13–14सो आओ उस की निन्दा अपने ऊपर लिए हुए छावनी के बाहर उसके पास निकल चलें। क्योंकि यहां हमारा कोई स्थिर रहनेवाला नगर नहीं, बरन हम एक आनेवाले नगर की खोज में हैं।
- 2 Peter 3:8–9 2 पतरस 3:8–9हे प्रियों, यह एक बात तुम से छिपी न रहे, कि प्रभु के यहां एक दिन हजार वर्ष के बराबर है, और हजार वर्ष एक दिन के बराबर हैं। प्रभु अपनी प्रतिज्ञा के विषय में देर नहीं करता, जैसी देर कितने लोग समझते हैं; पर तुम्हारे विषय में धीरज धरता है, और नहीं चाहता, कि कोई नाश हो; बरन यह कि सब को मन फिराव का अवसर मिले।
- Ecclesiastes 12:13–14 सभोपदेशक 12:13–14सब कुछ सुना गया; अन्त की बात यह है कि परमेश्वर का भय मान और उसकी आज्ञाओं का पालन कर; क्योंकि मनुष्य का सम्पूर्ण कर्त्तव्य यही है। क्योंकि परमेश्वर सब कामों और सब गुप्त बातों का, चाहे वे भली हों या बुरी, न्याय करेगा।।
- 1 Peter 4:7 1 पतरस 4:7सब बातों का अन्त तुरन्त होनेवाला है; इसलिये संयमी होकर प्रार्थना के लिये सचेत रहो।
- Psalm 103:15–16 भजन संहिता 103:15–16मनुष्य की आयु घास के समान होती है, वह मैदान के फूल की नाईं फूलता है, जो पवन लगते ही ठहर नहीं सकता, और न वह अपने स्थान में फिर मिलता है।
- 1 Peter 1:24 1 पतरस 1:24क्योंकि हर एक प्राणी घास की नाईं है, और उस की सारी शोभा घास के फूल की नाईं है: घास सूख जाती है, और फूल झड़ जाता है।
- Psalm 39:4–7 भजन संहिता 39:4–7हे यहोवा ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालुम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिस से मैं जान लूं कि कैसा अनित्य हूं! देख, तू ने मेरे आयु बालिश्त भर की रखी है, और मेरी अवस्था तेरी दृष्टि में कुछ है ही नहीं। सचमुच सब मनुष्य कैसे ही स्थिर क्यों न हों तौभी व्यर्थ ठहरे हैं। सचमुच मनुष्य छाया सा चलता फिरता है; सचमुच वे व्यर्थ घबराते हैं; वह धन का संचय तो करता है परन्तु नहीं जानता कि उसे कौन लेगा! और अब हे प्रभु, मैं किस बात की बाट जोहूं? मेरी आशा तो तेरी ओर लगी है।
- Ecclesiastes 12:7–8 सभोपदेशक 12:7–8जब मिट्टी ज्यों की त्यों मिट्टी में मिल जाएगी, और आत्मा परमेश्वर के पास जिस ने उसे दिया लौट जाएगी। उपदेशक कहता है, सब व्यर्थ ही व्यर्थ; सब कुछ व्यर्थ है।
Original words (Greek)
- But · G1161δέ dé
- this · G5124τοῦτο toûto
- say · G5346φημί phēmí
- brethren · G80ἀδελφός adelphós
- time · G4958συστέλλω systéllō
- short · G3588ὁ ho
- remaineth · G2076ἐστί estí
- that · G2532καί kaí
- both · G3588ὁ ho
- that · G2192ἔχω échō
- have · G1135γυνή gynḗ
- wives · G5613ὡς hōs
- as · G3361μή mḗ
- though · G5600ὦ ō
- had · G5600ὦ ō
- none · G2192ἔχω échō