1 Corinthians · chapter 7 · verse 35
1 Corinthians 7:35 in Hindi
यह बात तुम्हारे ही लाभ के लिये कहता हूं, न कि तुम्हें फंसाने के लिये, बरन इसलिये कि जैसा सोहता है, वैसा ही किया जाए; कि तुम एक चित्त होकर प्रभु की सेवा में लगे रहो।
Yah baat tumhaare hee laabh ke liye kahataa hoom, na ki tumhem phansaane ke liye, baran isaliye ki jaisaa sohataa hai, vaisaa hee kiyaa jaae; ki tum ek chitt hokar prabhu kee sevaa mem lage raho.
1 Corinthians 7:35 in English
- King James Version (KJV)
- And this I speak for your own profit; not that I may cast a snare upon you, but for that which is comely, and that ye may attend upon the Lord without distraction.
- World English Bible (WEB)
- This I say for your own benefit, not that I may ensnare you, but for that which is appropriate, and that you may attend to the Lord without distraction.
- American Standard Version (ASV)
- And this I say for your own profit; not that I may cast a snare upon you, but for that which is seemly, and that ye may attend upon the Lord without distraction.
- Bible in Basic English (BBE)
- Now I say this for your profit; not to make things hard for you, but because of what is right, and so that you may be able to give all your attention to the things of the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- But I say this for your own profit; not that I may set a snare before you, but for what [is] seemly, and waiting on the Lord without distraction.
- Webster's Bible (WBS)
- And this I speak for your own profit; not that I may cast a snare upon you, but for that which is comely, and that ye may attend upon the Lord without distraction.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And this for your own profit I say: not that I may cast a noose upon you, but for the seemliness and devotedness to the Lord, undistractedly,
Read in context
- 33परन्तु विवाहित मनुष्य संसार की बातों की चिन्ता में रहता है, कि अपनी पत्नी को किस रीति से प्रसन्न रखे।
- 34विवाहिता और अविवाहिता में भी भेद है: अविवाहिता प्रभु की चिन्ता में रहती है, कि वह देह और आत्मा दोनों में पवित्रा हो, परन्तु विवाहिता संसार की चिन्ता में रहती है, कि अपने पति को प्रसन्न रखे।
- 35यह बात तुम्हारे ही लाभ के लिये कहता हूं, न कि तुम्हें फंसाने के लिये, बरन इसलिये कि जैसा सोहता है, वैसा ही किया जाए; कि तुम एक चित्त होकर प्रभु की सेवा में लगे रहो।
- 36और यदि कोई यह समझे, कि मैं अपनी उस कुंवारी का हक्क मान रहा हूं, जिस की जवानी ढल चली है, और प्रयोजन भी होए, तो जैसा चाहे, वैसा करे, इस में पाप नहीं, वह उसका ब्याह होने दे।
- 37परन्तु जो मन में दृढ़ रहता है, और उस को प्रयोजन न हो, बरन अपनी इच्छा पूरी करने में अधिकार रखता हो, और अपने मन में यह बात ठान ली हो, कि मैं अपनी कुंवारी लड़की को बिन ब्याही रखूंगा, वह अच्छा करता है।
Cross references
- 1 Corinthians 7:33–34 1 कुरिन्थियों 7:33–34परन्तु विवाहित मनुष्य संसार की बातों की चिन्ता में रहता है, कि अपनी पत्नी को किस रीति से प्रसन्न रखे। विवाहिता और अविवाहिता में भी भेद है: अविवाहिता प्रभु की चिन्ता में रहती है, कि वह देह और आत्मा दोनों में पवित्रा हो, परन्तु विवाहिता संसार की चिन्ता में रहती है, कि अपने पति को प्रसन्न रखे।
- 1 Corinthians 7:36 1 कुरिन्थियों 7:36और यदि कोई यह समझे, कि मैं अपनी उस कुंवारी का हक्क मान रहा हूं, जिस की जवानी ढल चली है, और प्रयोजन भी होए, तो जैसा चाहे, वैसा करे, इस में पाप नहीं, वह उसका ब्याह होने दे।
- Luke 8:14 लूका 8:14जो झाड़ियों में गिरा, सो वे हैं, जो सुनते हैं, पर होते होते चिन्ता और धन और जीवन के सुख विलास में फंस जाते हैं, और उन का फल नहीं पकता।
- Philippians 4:8 फिलिप्पियों 4:8निदान, हे भाइयों, जो जो बातें सत्य हैं, और जो जो बातें आदरनीय हैं, और जो जो बातें उचित हैं, और जो जो बातें पवित्रा हैं, और जो जो बातें सुहावनी हैं, और जो जो बातें मनभावनी हैं, निदान, जो जो सदगुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्हीं पर ध्यान लगया करो।
- 1 Corinthians 7:2 1 कुरिन्थियों 7:2परन्तु व्यभिचार के डर से हर एक पुरूष की पत्नी, और हर एक सत्री का पति हो।
- Luke 21:34 लूका 21:34इसलिये सावधान रहो, ऐसा न हो कि तुम्हारे मन खुमार और मतवालेपन, और इस जीवन की चिन्ताओं से सुस्त हो जाएं, और वह दिन तुम पर फन्दे की नाई अचानक आ पड़े।
- Matthew 19:12 मत्ती 19:12क्योंकि कुछ नपुंसक ऐसे हैं जो माता के गर्भ ही से ऐसे जन्में; और कुछ नंपुसक ऐसे हैं, जिन्हें मनुष्य ने नपुंसक बनाया: और कुछ नपुंसक एसे हैं, जिन्हों ने स्वर्ग के राज्य के लिये अपने आप को नपुंसक बनाया है, जो इस को ग्रहण कर सकता है, वह ग्रहण करे।
- Luke 10:40–42 लूका 10:40–42पर मार्था सेवा करते करते घबरा गई और उसके पास आकर कहने लगी; हे प्रभु, क्या तुझे कुछ भी सोच नहीं कि मेरी बहिन ने मुझे सेवा करने के लिये अकेली ही छोड़ दिया है? सो उस से कह, कि मेरी सहायता करे। प्रभु ने उसे उत्तर दिया, मार्था, हे मार्था; तू बहुत बातों के लिये चिन्ता करती और घबराती है। परन्तु एक बात अवश्य है, और उस उत्तम भाग को मरियम ने चुन लिया है: जो उस से छीना न जाएगा।।
- 1 Corinthians 7:5–9 1 कुरिन्थियों 7:5–9तुम एक दूसरे से अलग न रहो; परन्तु केवल कुछ समय तक आपस की सम्मति से कि प्रार्थना के लिये अवकाश मिले, और फिर एक साथ रहो, ऐसा न हो, कि तुम्हारे असंयम के कारण शैतान तुम्हें परखे। परन्तु मैं जो यह कहता हूं वह अनुमति है न कि आज्ञा। मैं यह चाहता हूं, कि जैसा मैं हूं, वैसा ही सब मनुष्य हों; परन्तु हर एक को परमेश्वर की ओर से विशेष विशेष बरदान मिले हैं; किसी को किसी प्रकार का, और किसी को किसी और प्रकार का।। परन्तु मैं अविवाहितों और विधवाओं के विषय में कहता हूं, कि उन के लिये ऐसा ही रहना अच्छा है, जैसा मैं हूं। परन्तु यदि वे संयम न कर सकें, तो विवाह करें; क्योंकि विवाह करना कामतुर रहने से भला है।
- Titus 2:3 तीतुस 2:3इसी प्रकार बूढ़ी स्त्रियों का चाल चलन पवित्रा लोगों सा हो, दोष लगानेवाली और पियक्कड़ नहीं; पर अच्छी बातें सिखानेवाली हों।
- 1 Corinthians 7:28 1 कुरिन्थियों 7:28परन्तु यदि तू ब्याह भी करे, तो पाप नहीं; और यदि कुंवारी ब्याही जाए तो कोई पाप नहीं; परन्तु ऐसों को शारीरिक दुख होगा, और मैं बचाना चाहता हूं।
- Ephesians 5:3 इफिसियों 5:3और जैसा पवित्रा लागों के योग्य है, वैसा तु में व्यभिचार, और किसी प्रकार अशुद्ध काम, या लोभ की चर्चा तक न हो।
Original words (Greek)
- And · G1161δέ dé
- this · G5124τοῦτο toûto
- speak · G3004λέγω légō
- for · G4314πρός prós
- your · G5216ὑμῶν hymōn
- own · G846αὐτός autós
- profit · G4851συμφέρω symphérō
- not · G3756οὐ ou
- that · G2443ἵνα hína
- cast · G1911ἐπιβάλλω epibállō
- snare · G1029βρόχος bróchos
- you · G5213ὑμῖν hymîn
- but · G235ἀλλά allá
- for · G4314πρός prós
- comely · G2158εὐσχήμων euschḗmōn
- and · G2532καί kaí
- upon · G2145εὐπρόσεδρος euprósedros
- Lord · G2962κύριος kýrios
- distraction · G563ἀπερισπάστως aperispástōs