1 Corinthians · chapter 7 · verse 8
1 Corinthians 7:8 in Hindi
परन्तु मैं अविवाहितों और विधवाओं के विषय में कहता हूं, कि उन के लिये ऐसा ही रहना अच्छा है, जैसा मैं हूं।
Parantu maim avivaahitom aur vidhavaaom ke vishay mem kahataa hoom, ki un ke liye aisaa hee rahanaa achchhaa hai, jaisaa maim hoon.
1 Corinthians 7:8 in English
- King James Version (KJV)
- I say therefore to the unmarried and widows, It is good for them if they abide even as I.
- World English Bible (WEB)
- But I say to the unmarried and to widows, it is good for them if they remain even as I am.
- American Standard Version (ASV)
- But I say to the unmarried and to widows, It is good for them if they abide even as I.
- Bible in Basic English (BBE)
- But I say to the unmarried and to the widows, It is good for them to be even as I am.
- Darby Translation (DBY)
- But I say to the unmarried and to the widows, It is good for them that they remain even as I.
- Webster's Bible (WBS)
- I say therefore to the unmarried and widows, It is good for them if they remain even as I.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And I say to the unmarried and to the widows: it is good for them if they may remain even as I [am];
Read in context
- 6परन्तु मैं जो यह कहता हूं वह अनुमति है न कि आज्ञा।
- 7मैं यह चाहता हूं, कि जैसा मैं हूं, वैसा ही सब मनुष्य हों; परन्तु हर एक को परमेश्वर की ओर से विशेष विशेष बरदान मिले हैं; किसी को किसी प्रकार का, और किसी को किसी और प्रकार का।।
- 8परन्तु मैं अविवाहितों और विधवाओं के विषय में कहता हूं, कि उन के लिये ऐसा ही रहना अच्छा है, जैसा मैं हूं।
- 9परन्तु यदि वे संयम न कर सकें, तो विवाह करें; क्योंकि विवाह करना कामतुर रहने से भला है।
- 10जिन का ब्याह हो गया है, उन को मैं नहीं, बरन प्रभु आज्ञा देता है, कि पत्नी अपने पति से अलग न हो।
Cross references
- 1 Corinthians 7:32 1 कुरिन्थियों 7:32सो मैं यह चाहता हूं, कि तुम्हें चिन्ता न हो: अविवाहित पुरूष प्रभु की बातों की चिन्ता में रहता है, कि प्रभु को क्योंकर प्रसन्न रखे।
- 1 Corinthians 7:34–35 1 कुरिन्थियों 7:34–35विवाहिता और अविवाहिता में भी भेद है: अविवाहिता प्रभु की चिन्ता में रहती है, कि वह देह और आत्मा दोनों में पवित्रा हो, परन्तु विवाहिता संसार की चिन्ता में रहती है, कि अपने पति को प्रसन्न रखे। यह बात तुम्हारे ही लाभ के लिये कहता हूं, न कि तुम्हें फंसाने के लिये, बरन इसलिये कि जैसा सोहता है, वैसा ही किया जाए; कि तुम एक चित्त होकर प्रभु की सेवा में लगे रहो।
- 1 Corinthians 7:7 1 कुरिन्थियों 7:7मैं यह चाहता हूं, कि जैसा मैं हूं, वैसा ही सब मनुष्य हों; परन्तु हर एक को परमेश्वर की ओर से विशेष विशेष बरदान मिले हैं; किसी को किसी प्रकार का, और किसी को किसी और प्रकार का।।
- 1 Corinthians 7:26–27 1 कुरिन्थियों 7:26–27सो मेरी समझ में यह अच्छा है, कि आजकल क्लेश के कारण मनुष्य जैसा है, वैसा ही रहे। यदि तेरे पत्नी है, तो उस से अलग होने का यत्न न कर: और यदि तेरे पत्नी नहीं, तो पत्नी की खोज न कर:
- 1 Corinthians 7:1 1 कुरिन्थियों 7:1उन बातों के विषय में जो तुम ने लिखीं, यह अच्छा है, कि पुरूष स्त्री को न छुए।