1 John · chapter 2 · verse 8
1 John 2:8 in Hindi
फिर मैं तुम्हें नई आज्ञा लिखता हूं; और यह तो उस में और तुम में सच्ची ठहरती है; कयोंकि अन्धकार मिटता जाता है और सत्य की ज्योति अभी चमकने लगी है।
Phir maim tumhem naee aajnyaa likhataa hoom; aur yah to us mem aur tum mem sachchee thaharatee hai; kayonki andhakaar mitataa jaataa hai aur saty kee jyoti abhee chamakane lagee hai.
1 John 2:8 in English
- King James Version (KJV)
- Again, a new commandment I write unto you, which thing is true in him and in you: because the darkness is past, and the true light now shineth.
- World English Bible (WEB)
- Again, I write a new commandment to you, which is true in him and in you, because the darkness is passing away and the true light already shines.
- American Standard Version (ASV)
- Again, a new commandment write I unto you, which thing is true in him and in you; because the darkness is passing away, and the true light already shineth.
- Bible in Basic English (BBE)
- Again, I give you a new law, which is true in him and in you; for the night is near its end and the true light is even now shining out.
- Darby Translation (DBY)
- Again, I write a new commandment to you, which thing is true in him and in you, because the darkness is passing and the true light already shines.
- Webster's Bible (WBS)
- Again, a new commandment I write to you, which thing is true in him and in you: because the darkness is past, and the true light now shineth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- again, a new command I write to you, which thing is true in him and in you, because the darkness doth pass away, and the true light doth now shine;
Read in context
- 6सो कोई यह कहता है, कि मैं उस में बना रहता हूं, उसे चाहिए कि आप भी वैसा ही चले जैसा वह चलता था।
- 7हे प्रियों, मैं तुम्हें कोई नई आज्ञा नहीं लिखता, पर वही पुरानी आज्ञा जो आरम्भ से तुम्हें मिली है; यह पुरानी आज्ञा वह वचन है, जिसे तुम ने सुना है।
- 8फिर मैं तुम्हें नई आज्ञा लिखता हूं; और यह तो उस में और तुम में सच्ची ठहरती है; कयोंकि अन्धकार मिटता जाता है और सत्य की ज्योति अभी चमकने लगी है।
- 9जो कोई यह कहता है, कि मैं ज्योति में हूं; और अपने भाई से बैर रखता है, वह अब तक अन्धकार ही में है।
- 10जो कोई अपने भाई से प्रेम रखता है, वह ज्योति में रहता है, और ठोकर नहीं खा सकता।
Cross references
- Ephesians 5:8 इफिसियों 5:8क्योंकि तुम तो पहले अन्धकार थे परन्तु अब प्रभु में ज्योति हो, सो ज्योति की सन्तान की नाई चलो।
- Romans 13:12 रोमियों 13:12रात बहुत बीन गई है, और दिन निकलने पर है; इसलिये हम अन्धकार के कामों को तज कर ज्योति के हथियार बान्ध लें।
- John 13:34 यूहन्ना 13:34मैं तुम्हें एक नई आज्ञा देता हूं, कि एक दूसरे से प्रेम रखो: जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा है, वैसा ही तुम भी एक दुसरे से प्रेम रखो।
- John 8:12 यूहन्ना 8:12तब यीशु ने फिर लोगों से कहा, जगत की ज्योति मैं हूं; जो मेरे पीछे हो लेगा, वह अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा।
- 2 Corinthians 4:4–6 2 कुरिन्थियों 4:4–6और उन अविश्वासियों के लिये, जिन की बुद्धि को इस संसार के ईश्वर ने अन्धी कर दी है, ताकि मसीह जो परमेश्वर का प्रतिरूप है, उसके तेजोमय सुसमाचार का प्रकाश उन पर न चमके। क्योंकि हम अपने को नहीं, परन्तु मसीह यीशु को प्रचार करते हैं, कि वह प्रभु है; और उसके विषय में यह कहते हैं, कि हम यीशु के कारण तुम्हारे सेवक हैं। इसलिये कि परमेश्वर ही है, जिस ने कहा, कि अन्धकार में से ज्योति चमके; और वही हमारे हृदयों में चमका, कि परमेश्वर की महिमा की पहिचान की ज्योति यीशु मसीह के चेहरे से प्रकाशमान हो।।
- John 12:46 यूहन्ना 12:46मैं जगत में ज्योति होकर आया हूं ताकि जो कोई मुझ पर विश्वास करे, वह अन्धकार में ने रहे।
- John 1:9 यूहन्ना 1:9सच्ची ज्योति जो हर एक मनुष्य को प्रकाशित करती है, जगत में आनेवाली थी।
- John 1:4–5 यूहन्ना 1:4–5उस में जीवन था; और वह जीवन मुनष्यों की ज्योति थी। और ज्योति अन्धकार में चमकती है; और अन्धकार ने उसे ग्रहण न किया।
- 1 John 4:21 1 यूहन्ना 4:21और उस से हमें यह आज्ञा मिली है, कि जो कोई अपने परमेश्वर से प्रेम रखता है, वह अपने भाई से भी प्रेम रखे।।
- Malachi 4:2 मलाकी 4:2परन्तु तुम्हारे लिये जो मेरे नाम का भय मानते हो, धर्म का सूर्य उदय होगा, और उसकी किरणों के द्वारा तुम चंगे हो जाओगे; और तुम निकलकर पाले हुए बछड़ों की नाई कूदोगे और फांदोगे।
- 1 Thessalonians 5:4–8 1 थिस्सलुनीकियों 5:4–8पर हे भाइयों, तुम तो अन्धकार में नहीं हो, कि वह दिन तुम पर चोर की नाई आ पड़े। क्योंकि तुम सब ज्योति की सन्तान, और दिन की सन्तान हो, हम न रात के हैं, न अन्धकार के हैं। इसलिये हम औरों की नाई सोते न रहें, पर जागते और सावधान रहें। क्योंकि जो सोते हैं, वे रात ही को सोतें हैं, और जो मतवाले होते हैं, वे रात ही को मतवाले होते हैं। पर हम तो दिन के हैं, विश्वास और प्रेम की झिलम पहिनकर और उद्धार की टोप पहिनकर सावधान रहें।
- Acts 26:18 प्रेरितों के काम 26:18कि तू उन की आंखे खोले, कि वे अंधकार से ज्योति की ओर, और शैतान के अधिकार से परमेश्वर की ओर फिरें; कि पापों की क्षमा, और उन लोगों के साथ जो मुझ पर विश्वास करने से पवित्रा किए गए हैं, मीरास पाएं।
Original words (Greek)
- Again · G3825πάλιν pálin
- a · G1785ἐντολή entolḗ
- new · G2537καινός kainós
- commandment · G1785ἐντολή entolḗ
- write · G1125γράφω gráphō
- you · G5213ὑμῖν hymîn
- thing · G3739ὅς hós
- is · G2076ἐστί estí
- true · G227ἀληθής alēthḗs
- in · G1722ἐν en
- him · G846αὐτός autós
- and · G2532καί kaí
- in · G1722ἐν en
- you · G5213ὑμῖν hymîn
- because · G3754ὅτι hóti
- darkness · G4653σκοτία skotía
- past · G3855παράγω parágō
- and · G2532καί kaí
- the · G5457φῶς phōs
- true · G228ἀληθινός alēthinós
- light · G5457φῶς phōs
- now · G2235ἤδη ḗdē
- shineth · G5316φαίνω phaínō