1 John · chapter 2 · verse 7
1 John 2:7 in Hindi
हे प्रियों, मैं तुम्हें कोई नई आज्ञा नहीं लिखता, पर वही पुरानी आज्ञा जो आरम्भ से तुम्हें मिली है; यह पुरानी आज्ञा वह वचन है, जिसे तुम ने सुना है।
He priyom, maim tumhem koee naee aajnyaa naheem likhataa, par vahee puraanee aajnyaa jo aarambh se tumhem milee hai; yah puraanee aajnyaa vah vachan hai, jise tum ne sunaa hai.
1 John 2:7 in English
- King James Version (KJV)
- Brethren, I write no new commandment unto you, but an old commandment which ye had from the beginning. The old commandment is the word which ye have heard from the beginning.
- World English Bible (WEB)
- Brothers, I write no new commandment to you, but an old commandment which you had from the beginning. The old commandment is the word which you heard from the beginning.
- American Standard Version (ASV)
- Beloved, no new commandment write I unto you, but an old commandment which ye had from the beginning: the old commandment is the word which ye heard.
- Bible in Basic English (BBE)
- My loved ones, I do not give you a new law, but an old law which you had from the first; this old law is the word which came to your ears.
- Darby Translation (DBY)
- Beloved, I write no new commandment to you, but an old commandment, which ye have had from the beginning. The old commandment is the word which ye heard.
- Webster's Bible (WBS)
- Brethren, I write no new commandment to you, but an old commandment which ye had from the beginning: The old commandment is the word which ye have heard from the beginning.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Brethren, a new command I write not to you, but an old command, that ye had from the beginning — the old command is the word that ye heard from the beginning;
Read in context
- 5पर जो कोई उसके वचन पर चले, उस में सचमुच परमेश्वर का प्रेम सिद्ध हुआ है: हमें इसी से मालूम होता है, कि हम उस में हैं।
- 6सो कोई यह कहता है, कि मैं उस में बना रहता हूं, उसे चाहिए कि आप भी वैसा ही चले जैसा वह चलता था।
- 7हे प्रियों, मैं तुम्हें कोई नई आज्ञा नहीं लिखता, पर वही पुरानी आज्ञा जो आरम्भ से तुम्हें मिली है; यह पुरानी आज्ञा वह वचन है, जिसे तुम ने सुना है।
- 8फिर मैं तुम्हें नई आज्ञा लिखता हूं; और यह तो उस में और तुम में सच्ची ठहरती है; कयोंकि अन्धकार मिटता जाता है और सत्य की ज्योति अभी चमकने लगी है।
- 9जो कोई यह कहता है, कि मैं ज्योति में हूं; और अपने भाई से बैर रखता है, वह अब तक अन्धकार ही में है।
Cross references
- 1 John 3:11 1 यूहन्ना 3:11क्योंकि जो समाचार तुम ने आरम्भ से सुना, वह यह है, कि हम एक दूसरे से बैर रखे।
- Mark 12:29–34 मरकुस 12:29–34यीशु ने उसे उत्तर दिया, सब आज्ञाओं में से यह मुख्य है; हे इस्राएल सुन; प्रभु हमारा परमेश्वर एक ही प्रभु है। और तू प्रभु अपने परमेश्वर से अपने सारे मन से और अपने सारे प्राण से, और अपनी सारी बुद्धि से, और अपनी सारी शक्ति से प्रेम रखना। और दूसरी यह है, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना: इस से बड़ी और कोई आज्ञा नहीं। शास्त्री ने उस से कहा; हे गुरू, बहुत ठीक! तू ने सच कहा, कि वह एक ही है, और उसे छोड़ और कोई नहीं। और उस से सारे मन और सारी बुद्धि और सारे प्राण और सारी शक्ति के साथ प्रेम रखना और पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना, सारे होमों और बलिदानों से बढ़कर है। जब यीशु ने देखा कि उस ने समझ से उत्तर दिया, तो उस से कहा; तू परमेश्वर के राज्य से दूर नहीं: और किसी को फिर उस से कुछ पूछने का साहस न हुआ।।
- Leviticus 19:18 लैव्यव्यवस्था 19:18पलटा न लेना, और न अपने जाति भाइयों से बैर रखना, परन्तु एक दूसरे से अपने समान प्रेम रखना; मैं यहोवा हूं।
- 2 John 1:5–6 2 यूहन्ना 1:5–6अब हे श्रीमती, मैं तुझे कोई नई आज्ञा नहीं, पर वही जो आरम्भ से हमारे पास है, लिखता हूं; और तुझ से बिनती करता हूं, कि हम एक दूसरे से प्रेम रखें। और प्रेम यह है कि हम उस की आज्ञाओं के अनुसार चलें: यह वही आज्ञा है, जो तुम ने आरम्भ से सुनी है और तुम्हें इस पर चलना भी चाहिए।
- Galatians 5:13–14 गलातियों 5:13–14हे भाइयों, तुम स्वतंत्रा होने के लिये बुलाए गए हो परन्तु ऐसा न हो, कि यह स्वतंत्राता शारीरिक कामों के लिये अवसर बने, बरन प्र्रेम से एक दूसरे के दास बनो। क्योंकि सारी व्यवस्था इस एक ही बात में पूरी हो जाती है, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख।
- Romans 13:8–10 रोमियों 13:8–10आपस के प्रेम से छोड़ और किसी बात में किसी के कर्जदान न हो; क्योंकि जो दूसरे से प्रेम रखता है, उसी ने व्यवस्था पूरी की है। क्योंकि यह कि व्यभिचार न करना, हत्या न करना; चोरी न करना; लालच न करना; और इन को छोड़ और कोई भी आज्ञा हो तो सब का सारांश इस बात में पाया जाता है, कि अपने पड़ोसी से अपने समान प्र्रेम रख। प्रेम पड़ोसी की कुछ बुराई नहीं करता, इसलिये प्रेम रखना व्यवस्था को पूरा करना है।।
- Matthew 22:37–40 मत्ती 22:37–40उस ने उस से कहा, तू परमेश्वर अपने प्रभु से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख। बड़ी और मुख्य आज्ञा तो यही है। और उसी के समान यह दूसरी भी है, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख। ये ही दो आज्ञाएं सारी व्यवस्था और भविष्यद्वक्ताओं का आधार है।।
- Leviticus 19:34 लैव्यव्यवस्था 19:34जो परदेशी तुम्हारे संग रहे वह तुम्हारे लिये देशी के समान हो, और उस से अपने ही समान प्रेम रखना; क्योंकि तुम भी मि देश में परदेशी थे; मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।
- 1 John 3:23 1 यूहन्ना 3:23और उस की आज्ञा यह है कि हम उसके पुत्रा यीशु मसीह के नाम पर विश्वास करें और जैसा उस ने हमें आज्ञा दी है उसी के अनुसार आपस में प्रेम रखें।
- Deuteronomy 6:5 व्यवस्थाविवरण 6:5तू अपने परमेश्वर यहोवा से अपने सारे मन, और सारे जीव, और सारी शक्ति के साथ प्रेम रखना।
- 1 John 2:24 1 यूहन्ना 2:24जो कुछ तुम ने आरम्भ से सुना है वही तुम में बना रहे: जो तुम ने आरम्भ से सुना है, यदि वह तुम में बना रहे, तो तुम भी पुत्रा में, और पिता में बने रहोगे।
- James 2:8–12 याकूब 2:8–12तौभी यदि तुम पवित्रा शास्त्रा के इस वचन के अनुसार, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख, सचमुच उस राज्य व्यवस्था को पूरी करते हो, तो अच्छा करते हो। पर यदि तुम पक्षपात करते हो, तो पाप करते हो; और व्यवस्था तुम्हें अपराधी ठहराती है। क्योंकि जो कोई सारी व्यवस्था का पालन करता है परन्तु एक ही बात में चूक जाए तो वह सब बातों मे दोषी ठहरा। इसलिये कि जिस ने यह कहा, कि तू व्यभिचार न करना उसी ने यह भी कहा, कि तू हत्या न करना इसलिये यदि तू ने व्यभिचार तो नहीं किया, पर हत्या की तौभी तू व्यवस्था का उलंघन करने वाला ठहरा। तुम उन लोगों की नाई वचन बोलो, और काम भी करो, जिन का न्याय स्वतंत्राता की व्यवस्था के अनुसार होगा।
Original words (Greek)
- Brethren · G80ἀδελφός adelphós
- write · G1125γράφω gráphō
- no · G3756οὐ ou
- new · G2537καινός kainós
- commandment · G1785ἐντολή entolḗ
- you · G5213ὑμῖν hymîn
- but · G235ἀλλά allá
- an · G1785ἐντολή entolḗ
- old · G3820παλαιός palaiós
- commandment · G1785ἐντολή entolḗ
- which · G3739ὅς hós
- had · G2192ἔχω échō
- from · G575ἀπό apó
- beginning · G746ἀρχή archḗ
- The · G1785ἐντολή entolḗ
- old · G3820παλαιός palaiós
- commandment · G1785ἐντολή entolḗ
- is · G2076ἐστί estí
- word · G3056λόγος lógos
- which · G3739ὅς hós
- heard · G191ἀκούω akoúō
- from · G575ἀπό apó
- beginning · G746ἀρχή archḗ