1 John · chapter 3 · verse 19
1 John 3:19 in Hindi
इसी से हम जानेंगे, कि हम सत्य के हैं; और जिस बात में हमारा मन हमें दोष देगा, उसे विषय में हम उसके साम्हने अपने अपने मन को ढाढ़स दे सकेंगे।
Isee se ham jaanenge, ki ham saty ke haim; aur jis baat mem hamaaraa man hamem dosh degaa, use vishay mem ham usake saamhane apane apane man ko dhaadhas de sakenge.
1 John 3:19 in English
- King James Version (KJV)
- And hereby we know that we are of the truth, and shall assure our hearts before him.
- World English Bible (WEB)
- And by this we know that we are of the truth and persuade our hearts before him,
- American Standard Version (ASV)
- Hereby shall we know that we are of the truth, and shall assure our heart before him:
- Bible in Basic English (BBE)
- In this way we may be certain that we are true, and may give our heart comfort before him,
- Darby Translation (DBY)
- And hereby we shall know that we are of the truth, and shall persuade our hearts before him —
- Webster's Bible (WBS)
- And by this we know that we are of the truth, and shall assure our hearts before him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and in this we know that of the truth we are, and before Him we shall assure our hearts,
Read in context
- 17पर जिस किसी के पास संसार की संपत्ति हो और वह अपने भाई को कंगाल देखकर उस पर तरस न खाना चाहे, तो उस में परमेश्वर का प्रेम क्योंकर बना रह सकता है?
- 18हे बालको, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें।
- 19इसी से हम जानेंगे, कि हम सत्य के हैं; और जिस बात में हमारा मन हमें दोष देगा, उसे विषय में हम उसके साम्हने अपने अपने मन को ढाढ़स दे सकेंगे।
- 20क्योंकि परमेश्वर हमारे मन से बड़ा है; और सब कुछ जानता है।
- 21हे प्रियो, यदि हमारा मन हमें दोष न दे, तो हमें परमेश्वर के साम्हने हियाव होता है।
Cross references
- Hebrews 10:22 इब्रानियों 10:22तो आओ; हम सच्चे मन, और पूरे विश्वास के साथ, और विवेक को दोष दूर करने के लिये हृदय पर छिड़काव लेकर, और देह को शुद्ध जल से धुलवाकर परमेश्वर के समीप जाएं।
- 1 John 3:21 1 यूहन्ना 3:21हे प्रियो, यदि हमारा मन हमें दोष न दे, तो हमें परमेश्वर के साम्हने हियाव होता है।
- Isaiah 32:17 यशायाह 32:17और धर्म का फल शांति और उसका परिणाम सदा का चैन और निश्चिन्त रहना होगा।
- Hebrews 6:10–11 इब्रानियों 6:10–11क्योंकि परमेश्वर अन्यायी नहीं, कि तुम्हारे काम, और उस प्रेम को भूल जाए, जो तुम ने उनके नाम के लिये इस रीति से दिखाया, कि पवित्रा लोगों की सेवा की, और कर रहे हो। पर हम बहुत चाहते हैं, कि तुम में से हर एक जन अन्त तक पूरी आशा के लिये ऐसा ही प्रयत्न करता रहे।
- John 18:37 यूहन्ना 18:37पीलातुस ने उस से कहा, कि तू कहता है, क्योंकि मैं राजा हूं; मैं ने इसलिये जन्म लिया, और इसलिये जगत में आया हूं कि सत्य पर गवाही दूं जो कोई सत्य का है, वह मेरा शब्द सुनता है।
- 2 Timothy 1:12 2 तीमुथियुस 1:12इस कारण मैं इन दुखों को भी उठाता हूं, पर लजाता नहीं, क्योंकि मैं उसे जिस की मैं ने प्रतीति की है, जानता हूं; और मुझे निश्चय है, कि वह मेरी थाती की उस दिन तक रखवाली कर सकता है।
- Romans 4:21 रोमियों 4:21और निश्चय जाना, कि जिस बात की उस ने प्रतिज्ञा की है, वह उसे पूरी करने को भी सामर्थी है।
- 1 John 1:8 1 यूहन्ना 1:8यदि हम कहें, कि हम में कुछ भी पाप नहीं, तो अपने आप को धोखा देते हैं: और हम में सत्य नहीं।
- John 13:35 यूहन्ना 13:35यदि आपस में प्रेम रखोगे तो इसी से सब जानेंगे, कि तुम मेरे चेले हो।।
- 1 John 3:14 1 यूहन्ना 3:14हम जानते हैं, कि हम मृत्यु से पार होकर जीवन में पहुंचे हैं; क्योंकि हम भाइयों से प्रेम रखते हैं: जो प्रेम नहीं रखता, वह मृत्यु की दशा में रहता है।
- Hebrews 11:13 इब्रानियों 11:13ये सब विश्वास ही की दशा में मरे; और उन्हों ने प्रतिज्ञा की हुई वस्तुएं नहीं पाई; पर उन्हें दूर से देखकर आनन्दित हुए और मान लिया, कि हम पृथ्वी पर परदेशी और बाहरी हैं।
- Romans 8:38 रोमियों 8:38क्योंकि मैं निश्चय जानता हूं, कि न मृत्यु, न जीवन, न स्वर्गदूत, न प्रधानताएं, न वर्तमान, न भविष्य, न सामर्थ, न ऊंचाई,