Hebrews · chapter 11 · verse 13
Hebrews 11:13 in Hindi
ये सब विश्वास ही की दशा में मरे; और उन्हों ने प्रतिज्ञा की हुई वस्तुएं नहीं पाई; पर उन्हें दूर से देखकर आनन्दित हुए और मान लिया, कि हम पृथ्वी पर परदेशी और बाहरी हैं।
Ye sab vishvaas hee kee dashaa mem mare; aur unhom ne pratijnyaa kee huee vastuem naheem paaee; par unhem door se dekhakar aanandit hue aur maan liyaa, ki ham pruthvee par paradeshee aur baaharee hain.
Hebrews 11:13 in English
- King James Version (KJV)
- These all died in faith, not having received the promises, but having seen them afar off, and were persuaded of [them], and embraced [them], and confessed that they were strangers and pilgrims on the earth.
- World English Bible (WEB)
- These all died in faith, not having received the promises, but having seen them and embraced them from afar, and having confessed that they were strangers and pilgrims on the earth.
- American Standard Version (ASV)
- These all died in faith, not having received the promises, but having seen them and greeted them from afar, and having confessed that they were strangers and pilgrims on the earth.
- Bible in Basic English (BBE)
- All these came to their end in faith, not having had the heritage; but having seen it with delight far away, they gave witness that they were wanderers and not of the earth.
- Darby Translation (DBY)
- All these died in faith, not having received the promises, but having seen them from afar off and embraced [them], and confessed that they were strangers and sojourners on the earth.
- Webster's Bible (WBS)
- These all died in faith, not having received the promises, but having seen them afar off, and were persuaded of [them] , and embraced [them] , and confessed that they were strangers and pilgrims on the earth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- In faith died all these, not having received the promises, but from afar having seen them, and having been persuaded, and having saluted [them], and having confessed that strangers and sojourners they are upon the earth,
Read in context
- 11विश्वास से सारा ने आप बूढ़ी होने पर भी गर्भ धारण करने की सामर्थ पाई; क्योंकि उस ने प्रतिज्ञा करनेवाले को सच्चा जाना था।
- 12इस कारण एक ही जन से जो मरा हुआ सा था, आकाश के तारों और समुद्र के तीर के बालू की नाईं, अनगिनित वंश उत्पन्न हुआ।।
- 13ये सब विश्वास ही की दशा में मरे; और उन्हों ने प्रतिज्ञा की हुई वस्तुएं नहीं पाई; पर उन्हें दूर से देखकर आनन्दित हुए और मान लिया, कि हम पृथ्वी पर परदेशी और बाहरी हैं।
- 14जो ऐसी ऐसी बातें कहते हैं, वे प्रगट करते हैं, कि स्वदेश की खोज में हैं।
- 15और जिस देश से वे निकल आए थे, यदि उस की सुधि करते तो उन्हें लौट जाने का अवसर था।
Cross references
- Psalm 39:12 भजन संहिता 39:12हे यहोवा, मेरी प्रार्थना सुन, और मेरी दोहाई पर कान लगा; मेरा रोना सुनकर शांत न रह! क्योंकि मैं तेरे संग एक परदेशी यात्री की नाई रहता हूं, और अपने सब पुरखाओं के समान परदेशी हूं।
- Genesis 23:4 उत्पत्ति 23:4मैं तुम्हारे बीच पाहुन और परदेशी हूं: मुझे अपने मध्य में कब्रिस्तान के लिये ऐसी भूमि दो जो मेरी निज की हो जाए, कि मैं अपने मुर्दे को गाड़के अपने आंख की ओट करूं।
- Hebrews 11:27 इब्रानियों 11:27विश्वास ही से राजा के क्रोध से न डरकर उस ने मिसर को छोड़ दिया, क्योंकि वह अनदेखे को मानों देखता हुआ दृढ़ रहा।
- Romans 8:24 रोमियों 8:24आशा के द्वारा तो हमारा उद्धार हुआ है परन्तु जिस वस्तु की आशा की जाती है जब वह देखने में आए, तो फिर आशा कहां रही? क्योकि जिस वस्तु को कोई देख रहा है उस की आशा क्या करेगा?
- Hebrews 11:39 इब्रानियों 11:39संसार उन के योगय न था: और विश्वास ही के द्वारा इन सब के विषय में अच्छी गवाही दी गई, तोभी उन्हें प्रतिज्ञा की हुई वस्तु न मिली।
- 1 Peter 2:11 1 पतरस 2:11हे प्रियों मैं तुम से बिनती करता हूं, कि तुम अपने आप को परदेशी और यात्री जानकर उस सांसारिक अभिलाषाओं से जो आत्मा से युद्ध करती हैं, बचे रहो।
- 1 Chronicles 29:14–15 1 इतिहास 29:14–15मैं क्या हूँ? और मेरी प्रजा क्या है? कि हम को इस रीति से अपनी इच्छा से तुझे भेंट देने की शक्ति मिले? तुझी से तो सब कुछ मिलता है, और हम ने तेरे हाथ से पाकर तुझे दिया है। तेरी दृष्टि में हम तो अपने सब पुरखाओं की नाईं पराए और परदेशी हैं; पृथ्वी पर हमारे दिन छाया की नाईं बीते जाते हैं, और हमारा कुछ ठिकाना नहीं।
- John 8:56 यूहन्ना 8:56तुम्हारा पिता इब्राहीम मेरा दिन देखने की आशा से बहुत मगन था; और उस ने देखा, और आनन्द किया।
- Ephesians 2:19 इफिसियों 2:19इसलिये तुम अब विदेशी और मुसाफिर नहीं रहे, परन्तु पवित्रा लोगों के संगी स्वदेशी और परमेश्वर के घराने के हो गए।
- 1 Peter 1:10–12 1 पतरस 1:10–12इसी उद्धार के विषय में उन भविष्यद्वक्ताओं ने बहुत ढूंढ़-ढांढ़ और जांच-पड़ताल की, जिन्हों ने उस अनुग्रह के विषय में जो तुम पर होने को था, भविष्यद्वाणी की थी। उन्होंने इस बात की खोज की कि मसीह का आत्मा जो उन में था, और पहिले ही से मसीह के दुखों की और उन के बाद होने वाली महिमा की गवाही देता था, वह कौन से और कैसे समय की ओर संकेत करता था। उन पर यह प्रगट किया गया, कि वे अपनी नहीं वरन तुम्हारी सेवा के लिये ये बातें कहा करते थे, जिन का समाचार अब तुम्हें उन के द्वारा मिला जिन्हों ने पवित्र आत्मा के द्वारा जो स्वर्ग से भेजा गया: तुम्हें सुसमाचार सुनाया, और इन बातों को स्वर्गदूत भी ध्यान से देखने की लालसा रखते हैं॥
- Genesis 49:18 उत्पत्ति 49:18हे यहोवा, मैं तुझी से उद्धार पाने की बाट जोहता आया हूं।।
- 1 Peter 1:17 1 पतरस 1:17और जब कि तुम, हे पिता, कह कर उस से प्रार्थना करते हो, जो बिना पक्षपात हर एक के काम के अनुसार न्याय करता है, तो अपने परदेशी होने का समय भय से बिताओ।
Original words (Greek)
- These · G3778οὗτος hoûtos
- all · G3956πᾶς pâs
- died · G599ἀποθνήσκω apothnḗskō
- in · G2596κατά katá
- faith · G4102πίστις pístis
- not · G3361μή mḗ
- received · G2983λαμβάνω lambánō
- promises · G1860ἐπαγγελία epangelía
- but · G235ἀλλά allá
- seen · G1492εἴδω eídō
- them · G846αὐτός autós
- off · G4207πόῤῥωθεν pórrhōthen
- and · G2532καί kaí
- of · G3982πείθω peíthō
- and · G2532καί kaí
- embraced · G782ἀσπάζομαι aspázomai
- and · G2532καί kaí
- confessed · G3670ὁμολογέω homologéō
- that · G3754ὅτι hóti
- were · G1526εἰσί eisí
- strangers · G3581ξένος xénos
- and · G2532καί kaí
- pilgrims · G3927παρεπίδημος parepídēmos
- on · G1909ἐπί epí
- earth · G1093γῆ gē