1 Kings · chapter 18 · verse 2
1 Kings 18:2 in Hindi
तब एलिरयाह अपने आप को अहाब को दिखाने गया। उस समय शोमरोन में अकाल भारी था।
Tab elirayaah apane aap ko ahaab ko dikhaane gayaa. Us samay shomaron mem akaal bhaaree thaa.
1 Kings 18:2 in English
- King James Version (KJV)
- And Elijah went to shew himself unto Ahab. And [there was] a sore famine in Samaria.
- World English Bible (WEB)
- Elijah went to show himself to Ahab. The famine was severe in Samaria.
- American Standard Version (ASV)
- And Elijah went to show himself unto Ahab. And the famine was sore in Samaria.
- Bible in Basic English (BBE)
- So Elijah went to let Ahab see him. Now there was no food to be had in Samaria.
- Darby Translation (DBY)
- And Elijah went to shew himself to Ahab. And the famine was severe in Samaria.
- Webster's Bible (WBS)
- And Elijah went to show himself to Ahab. And [there was] a grievous famine in Samaria.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Elijah goeth to appear unto Ahab. And the famine is severe in Samaria,
Read in context
- 1बहुत दिनों के बाद, तीसरे वर्ष में यहोवा का यह वचन एलिरयाह के पास पहुंचा, कि जाकर अपने अपप को अहाब को दिखा, और मैं भूमि पर मेंह बरसा दूंगा।
- 2तब एलिरयाह अपने आप को अहाब को दिखाने गया। उस समय शोमरोन में अकाल भारी था।
- 3इसलिये अहाब ने ओबद्याह को जो उसके घराने का दीवान था बुलवाया।
- 4ओबद्याह तो यहोवा का भय यहां तक मानता था कि जब ईज़ेबेल यहोवा के नबियों को नाश करती थी, तब ओबद्याह ने एक सौ नबियों को लेकर पचास- पचास करके गुफाओं में छिपा रखा; और अन्न जल देकर उनका पालन- पोषण करता रहा।
Cross references
- Proverbs 28:1 नीतिवचन 28:1दुष्ट लोग जब कोई पीछा नहीं करता तब भी भागते हैं, परन्तु धर्मी लोग जवान सिहों के समान निडर रहते हैं।
- Hebrews 13:5–6 इब्रानियों 13:5–6तुम्हारा स्वभाव लोभरहित हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उस ने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। इसलिये हम बेधड़क होकर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है।।
- Deuteronomy 28:23–24 व्यवस्थाविवरण 28:23–24और तेरे सिर के ऊपर आकाश पीतल का, और तेरे पांव के तले भूमि लोहे की हो जाएगी। यहोवा तेरे देश में पानी के बदले बालू और धूलि बरसाएगा; वह आकाश से तुझ पर यहां तक बरसेगी कि तू सत्यानाश हो जाएगा।
- Psalm 51:4 भजन संहिता 51:4मैं ने केवल तेरे ही विरूद्ध पाप किया, और जो तेरी दृष्टि में बुरा है, वही किया है, ताकि तू बोलने में धर्मी और न्याय करने में निष्कलंक ठहरे।
- Joel 1:15–20 योएल 1:15–20उस दिन के कारण हाय! क्योंकि यहोवा का दिन निकट है। वह सर्वशक्तिमान की ओर से सत्यानाश का दिन होकर आएगा। क्या भोजनवस्तुएं हमारे देखते नाश नहीं हुईं? क्या हमारे परमेश्वर के भवन का आनन्द और मगन जाता नहीं रहा? बीज ढेलों के नीचे झुलस गए, भण्डार सूने पड़े हैं; खत्ते गिर पड़े हैं, क्योंकि खेती मारी गई। पशु कैसे कराहते हैं? झुण्ड के झुण्ड गाय- बैल विकल हैं, क्योंकि उनके लिये चराई नहीं रही; और झुण्ड के झुण्ड भेड़- बकरियां पाप का फल भोग रही हैं।। हे यहोवा, मैं तेरी दोहाई देता हूं, क्योंकि जंगल की चराइयां आग का कौर हो गईं, और मैदान के सब वृक्ष ज्वाला से जल गए। वन- पशु भी तेरे लिये हांफते हैं, क्योंकि जल के सोते सूख गए, और जंगल की चराइयां आग का कौर हो गईं।।
- Isaiah 51:12 यशायाह 51:12मैं, मैं ही तेरा शान्तिदाता हूं; तू कौन है जो मरनेवाले मनुष्य से, और घास के समान मुर्झानेवाले आदमी से डरता है,
- Psalm 27:1 भजन संहिता 27:1यहोवा परमेश्वर मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है; मैं किस से डरूं? यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ ठहरा है, मैं किस का भय खाऊं?
- Leviticus 26:26 लैव्यव्यवस्था 26:26और जब मैं तुम्हारे लिये अन्न के आधार को दूर कर डालूंगा, तब दस स्त्रियां तुम्हारी रोटी एक ही तंदूर में पकाकर तौल तौलकर बांट देंगी; और तुम खाकर भी तृप्त न होगे।।
- 2 Kings 6:25 2 राजा 6:25तब शोमरोन में बड़ा अकाल पड़ा और वह ऐसा घिरा रहा, कि अन्त में एक गदहे का सिर चान्दी के अस्सी टुकड़ों में और कब की चौथाई भर कबूतर की बीट पांच टुकड़े चान्दी तक बिकने लगी।
- Jeremiah 14:18 यिर्मयाह 14:18यदि मैं मैदान में जाऊं, तो देखो, तलवार के मारे हुए पड़े हैं! और यदि मैं नगर के भीतर आऊं, तो देखो, भूख से अध्मूए पड़े हैं! क्योंकि भविष्यद्वक्ता और याजक देश में कमाई करते फिरते और समझ नहीं रखते हैं।
- Jeremiah 14:2–6 यिर्मयाह 14:2–6यहूदा विलाप करता और फाटकों में लोग शोक का पहिरावा पहिने हुए भूमि पर उदास बैठे हैं; और यरूशलेम की चिल्लाहट आकाश तक पहुंच गई है। और उनके बड़े लोग उनके छोटे लोगों को पानी के लिये भेजते हैं; वे गड़हों पर आकर पानी नहीं पाते इसलिये छूछे बर्तन लिए हुए घर लौट जाते हैं; वे लज्जित और निराश होकर सिर ढांप लेते हैं। देश में पानी न बरसने से भूमि में दरार पड़ गए हैं, इस कारण किसान लोग निराश होकर सिर ढांप लेते हैं। हरिणी भी मैदान में बच्चा जनकर छोड़ जाती है क्योंकि हरी घास नहीं मिलती। जंगली गदहे भी मुंडे टीलों पर खड़े हुए गीदड़ों की नाई हांफते हैं; उनकी आंखें धुंधला जाती हैं क्योंकि हरियाली कुछ भी नहीं है।