1 Kings · chapter 18 · verse 4
1 Kings 18:4 in Hindi
ओबद्याह तो यहोवा का भय यहां तक मानता था कि जब ईज़ेबेल यहोवा के नबियों को नाश करती थी, तब ओबद्याह ने एक सौ नबियों को लेकर पचास- पचास करके गुफाओं में छिपा रखा; और अन्न जल देकर उनका पालन- पोषण करता रहा।
Obadyaah to yahovaa kaa bhay yahaam tak maanataa thaa ki jab eejebel yahovaa ke nabiyom ko naash karatee thee, tab obadyaah ne ek sau nabiyom ko lekar pachaasa- pachaas karake guphaaom mem chhipaa rakhaa; aur ann jal dekar unakaa paalana- poshan karataa rahaa.
1 Kings 18:4 in English
- King James Version (KJV)
- For it was [so], when Jezebel cut off the prophets of the LORD, that Obadiah took an hundred prophets, and hid them by fifty in a cave, and fed them with bread and water.)
- World English Bible (WEB)
- for when Jezebel cut off the LORD’s prophets, Obadiah took one hundred prophets, and hid them fifty to a cave, and fed them with bread and water.)
- American Standard Version (ASV)
- for it was so, when Jezebel cut off the prophets of Jehovah, that Obadiah took a hundred prophets, and hid them by fifty in a cave, and fed them with bread and water.)
- Bible in Basic English (BBE)
- For when Jezebel was cutting off the prophets of the Lord, Obadiah took a hundred of them, and kept them secretly in a hole in the rock, fifty at a time, and gave them bread and water.)
- Darby Translation (DBY)
- and it was so, when Jezebel cut off the prophets of Jehovah, that Obadiah took a hundred prophets, and hid them by fifty in a cave, and maintained them with bread and water);
- Webster's Bible (WBS)
- For it was [so] , when Jezebel cut off the prophets of the LORD, that Obadiah took a hundred prophets, and hid them by fifty in a cave, and fed them with bread and water.)
- Young's Literal Translation (YLT)
- and it cometh to pass, in Jezebel's cutting off the prophets of Jehovah, that Obadiah taketh a hundred prophets, and hideth them, fifty men in a cave, and hath sustained them with bread and water —
Read in context
- 2तब एलिरयाह अपने आप को अहाब को दिखाने गया। उस समय शोमरोन में अकाल भारी था।
- 3इसलिये अहाब ने ओबद्याह को जो उसके घराने का दीवान था बुलवाया।
- 4ओबद्याह तो यहोवा का भय यहां तक मानता था कि जब ईज़ेबेल यहोवा के नबियों को नाश करती थी, तब ओबद्याह ने एक सौ नबियों को लेकर पचास- पचास करके गुफाओं में छिपा रखा; और अन्न जल देकर उनका पालन- पोषण करता रहा।
- 5और अहाब ने ओबद्याह से कहा, कि देश में जल के सब सोतों और सब नदियों के पास जा, कदाचित इतनी घास मिले कि हम घेड़ों और खच्चरों को जीवित बचा सकें,
- 6और हमारे सब पशु न मर जाएं। और उन्हों ने आपस में देश बांटा कि उस में होकर चलें; एक ओर अहाब और दूसरी ओर ओबद्याह चला।
Cross references
- 1 Kings 18:13 1 राजा 18:13क्या मेरे प्रभु को यह नहीं बताया गया, कि जब ईज़ेबेल यहोवा के नबियों को घात करती थी तब मैं ने क्या किया? कि यहोवा के नबियों में से एक सौ लेकर पचाय- पचाय करके गुफाओं में छिपा रखा, और उन्हें अन्न जल देकर पालता रहा।
- Matthew 10:40–42 मत्ती 10:40–42जो तुम्हें ग्रहण करता है, वह मुझे ग्रहण करता है; और जो मुझे ग्रहण करता है, वह मेरे भेजनेवाले को ग्रहण करता है। जो भविष्यद्वक्ता को भविष्यद्वक्ता जानकर ग्रहण करे, वह भविष्यद्वक्ता का बदला पाएगा; और जो धर्मी जानकर धर्मी को ग्रहण करे, वह धर्मी का बदला पाएगा। जो कोई इन छोटों में से एक को चेला जानकर केवल एक कटोरा ठंडा पानी पिलाए, मैं तुम से सच कहता हूं, वह किसी रीति से अपना प्रतिफल न खोएगा।।
- Matthew 25:40 मत्ती 25:40तब राजा उन्हें उत्तर देगा; मैं तुम से सच कहता हूं, कि तुम ने जो मेरे इन छोटे से छोटे भाइयों में से किसी एक के साथ किया, वह मेरे ही साथ किया।
- Matthew 25:35 मत्ती 25:35कयोंकि मै। भूखा था, और तुम ने मुझे खाने को दिया; मैं पियासा था, और तुम ने मुझे पानी पिलाया, मैं परदेशी था, तुम ने मुझे अपने घर में ठहराया।
- Nehemiah 9:26 नहेमायाह 9:26परन्तु वे तुझ से फिरकर बलवा करनेवाले बन गए और तेरी व्यवस्था को त्याग दिया, और तेरे जो नबी तेरी ओर उन्हें फेरने के लिये उनको चिताते रहे उनको उन्हों ने घात किया, और तेरा बहुत तिरस्कार किया।
- Revelation 17:4–6 प्रकाशितवाक्य 17:4–6यह स्त्री बैंजनी, और किरमिजी, कपड़े पहिने थी, और सोने और बहुमोल मणियों और मोतियों से सजी हुई थी, और उसके हाथ में एक सोने का कटोरा था जो घृणित वस्तुओं से और उसके व्यभिचार की अशुद्ध वस्तुओं से भरा हुआ था। और उसके माथे पर यह नाम लिखा था, "भेद बड़ा बाबुल पृथ्वी की वेश्याओं और घृणित वस्तुओं की माता।" और मैं ने उस स्त्री को पवित्रा लोगों के लोहू और यीशु के गवाहों के लोहू पीने से मतवाली देखा और उसे देखकर मैं चकित हो गया।
- Hebrews 11:38 इब्रानियों 11:38और जंगलों, और पहाड़ों, और गुफाओं में, और पृथ्वी की दरारों में भटकते फिरे।
- Matthew 21:35 मत्ती 21:35पर किसानों ने उसके दासों को पकड़ के, किसी को पीटा, और किसी को मार डाला; और किसी को पत्थरवाह किया।
- 1 Kings 13:16 1 राजा 13:16उस ने उस से कहा, मैं न तो तेरे संग लौट सकता, और न तेरे संग घर में जा सकता हूँ और न मैं इस स्थान में तेरे संग रोटी खाऊंगा, वा पानी पीऊंगा।
- 2 Kings 6:22–23 2 राजा 6:22–23उस ने उत्तर दिया, मत मार। क्या तू उनको मार दिया करता है, जिनको तू तलवार और धनुष से बन्धुआ बना लेता है? तू उनको अन्न जल दे, कि खा पीकर अपने स्वामी के पास चले जाएं। तब उस ने उनके लिये बड़ी जेवनार की, और जब वे खा पी चुके, तब उस ने उन्हें बिदा किया, और वे अपने स्वामी के पास चले गए। इसके बाद अराम के दल इस्राएल के देश में फिर न आए।
- 1 Kings 13:8–9 1 राजा 13:8–9परमेश्वर के जन ने राजा से कहा, चाहे नू मुझे अपना आधा घर भी दे, तौभी तेरे घर न चलूंगा; और इस स्थन में मैं न तो रोटी खाऊंगा और न पानी पीऊंगा। क्योंकि यहोवा के वचन के द्वारा मुझे यों आज्ञा मिली है, कि न तो रोटी खाना, और न पानी पीना, और न उस मार्ग से लौटना जिस से तू जाएगा।
Original words (Hebrew)
- Jezebel · H348אִיזֶבֶל ʼÎyzebel
- off · H3772כָּרַת kârath
- prophets · H5030נָבִיא nâbîyʼ
- Obadiah · H5662עֹבַדְיָה ʻÔbadyâh
- took · H3947לָקַח lâqach
- hundred · H3967מֵאָה mêʼâh
- prophets · H5030נָבִיא nâbîyʼ
- hid · H2244חָבָא châbâʼ
- fifty · H376אִישׁ ʼîysh
- cave · H4631מְעָרָה mᵉʻârâh
- fed · H3557כּוּל kûwl
- bread · H3899לֶחֶם lechem
- water · H4325מַיִם mayim