Deuteronomy · chapter 28 · verse 23
Deuteronomy 28:23 in Hindi
और तेरे सिर के ऊपर आकाश पीतल का, और तेरे पांव के तले भूमि लोहे की हो जाएगी।
Aur tere sir ke oopar aakaash peetal kaa, aur tere paanv ke tale bhoomi lohe kee ho jaaegee.
Deuteronomy 28:23 in English
- King James Version (KJV)
- And thy heaven that [is] over thy head shall be brass, and the earth that is under thee [shall be] iron.
- World English Bible (WEB)
- Your sky that is over your head will be bronze, and the earth that is under you will be iron.
- American Standard Version (ASV)
- And thy heaven that is over thy head shall be brass, and the earth that is under thee shall be iron.
- Bible in Basic English (BBE)
- And the heaven over your heads will be brass, and the earth under you hard as iron.
- Darby Translation (DBY)
- And thy heavens which are over thy head shall be brass, and the earth which is under thee, iron.
- Webster's Bible (WBS)
- And thy heaven that [is] over thy head shall be brass, and the earth that [is] under thee [shall be] iron.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And thy heavens which [are] over thy head have been brass, and the earth which [is] under thee iron;
Read in context
- 21और यहोवा ऐसा करेगा कि मरी तुझ में फैलकर उस समय तक लगी रहेगी, जब तक जिस भूमि के अधिकारी होने के लिये तू जा रहा है उस से तेरा अन्त न हो जाए।
- 22यहोवा तुझ को क्षयरोग से, और ज्वर, और दाह, और बड़ी जलन से, और तलवार से, और झुलस, और गेरूई से मारेगा; और ये उस समय तक तेरा पीछा किये रहेंगे, तब तक तू सत्यानाश न हो जाए।
- 23और तेरे सिर के ऊपर आकाश पीतल का, और तेरे पांव के तले भूमि लोहे की हो जाएगी।
- 24यहोवा तेरे देश में पानी के बदले बालू और धूलि बरसाएगा; वह आकाश से तुझ पर यहां तक बरसेगी कि तू सत्यानाश हो जाएगा।
- 25यहोवा तुझ को शत्रुओं से हरवाएगा; और तू एक मार्ग से उनका साम्हना करने को जाएगा, परन्तु सात मार्ग से होकर उनके साम्हने से भाग जाएगा; और पृथ्वी के सब राज्यों में मारा मारा फिरेगा।
Cross references
- Leviticus 26:19 लैव्यव्यवस्था 26:19और मैं तुम्हारे बल का घमण्ड तोड़ डालूंगा, और तुम्हारे लिये आकाश को मानो लोहे का और भूमि को मानो पीतल की बना दूंगा;
- Jeremiah 14:1–6 यिर्मयाह 14:1–6यहोवा का वचन जो यिर्मयाह के पास सूखे वर्ष के विषय में पहुंचो यहूदा विलाप करता और फाटकों में लोग शोक का पहिरावा पहिने हुए भूमि पर उदास बैठे हैं; और यरूशलेम की चिल्लाहट आकाश तक पहुंच गई है। और उनके बड़े लोग उनके छोटे लोगों को पानी के लिये भेजते हैं; वे गड़हों पर आकर पानी नहीं पाते इसलिये छूछे बर्तन लिए हुए घर लौट जाते हैं; वे लज्जित और निराश होकर सिर ढांप लेते हैं। देश में पानी न बरसने से भूमि में दरार पड़ गए हैं, इस कारण किसान लोग निराश होकर सिर ढांप लेते हैं। हरिणी भी मैदान में बच्चा जनकर छोड़ जाती है क्योंकि हरी घास नहीं मिलती। जंगली गदहे भी मुंडे टीलों पर खड़े हुए गीदड़ों की नाई हांफते हैं; उनकी आंखें धुंधला जाती हैं क्योंकि हरियाली कुछ भी नहीं है।
- 1 Kings 18:2 1 राजा 18:2तब एलिरयाह अपने आप को अहाब को दिखाने गया। उस समय शोमरोन में अकाल भारी था।
- 1 Kings 17:1 1 राजा 17:1और तिशबी एलिरयाह जो गिलाद के पर:सियों में से था उस ने अहाब से कहा, इस्राएल का परमेश्वा यहोवा जिसके सम्मुख मैं उपस्थ्ति रहता हूँ, उसके जीवन की शपथ इन वष में मेरे बिना कहे, न तो मेंह बरसेगा, और न ओस पड़ेगी।
- Amos 4:7 आमोस 4:7और जब कटनी के तीन महीने रह गए, तब मैं ने तुम्हारे लिये वर्षा न की; मैं ने एक नगर में जल बरसाकर दूसरे में न बरसाया; एक खेत में जल बरसा, और दूसरा खेत जिस में न बरसा; वह सूख गया।