1 Kings · chapter 18 · verse 8
1 Kings 18:8 in Hindi
उस ने कहा हां मैं ही हूँ: जाकर अपने स्वामी से कह, कि एलिरयाह मिला है।
Us ne kahaa haam maim hee hoon: jaakar apane svaamee se kah, ki elirayaah milaa hai.
1 Kings 18:8 in English
- King James Version (KJV)
- And he answered him, I [am:] go, tell thy lord, Behold, Elijah [is here].
- World English Bible (WEB)
- He answered him, “It is I. Go, tell your lord, ‘Behold, Elijah is here!’”
- American Standard Version (ASV)
- And he answered him, It is I: go, tell thy lord, Behold, Elijah [is here].
- Bible in Basic English (BBE)
- And Elijah in answer said, It is I; now go and say to your lord, Elijah is here.
- Darby Translation (DBY)
- And he said to him, I [am he]: go, say to thy lord, Behold Elijah!
- Webster's Bible (WBS)
- And he answered him, I [am] : go, tell thy lord, Behold, Elijah [is here] .
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he saith to him, 'I [am]; go, say to thy lord, Lo, Elijah.'
Read in context
- 6और हमारे सब पशु न मर जाएं। और उन्हों ने आपस में देश बांटा कि उस में होकर चलें; एक ओर अहाब और दूसरी ओर ओबद्याह चला।
- 7ओबद्याह मार्ग में था, कि एलिरयाह उसको मिला; उसे चरन्ह कर वह मुंह के बल गिरा, और कहा, हे मेरे प्रभु एलिरयह, क्या तू है?
- 8उस ने कहा हां मैं ही हूँ: जाकर अपने स्वामी से कह, कि एलिरयाह मिला है।
- 9उस ने कहा, मैं ने ऐसा क्या पाप किया है कि तू मुझे मरवा डालने के लिये अहाब के हाथ करना चाहता है?
- 10तेरे परमेश्वर यहोवा के जीवन की शपथ कोई ऐसी जाति वा राज्य नहीं, जिस में मेरे स्वामी ने तुझे ढूंढ़ने को न भेजा हो, और जब उन लोगों ने कहा, कि वह यहां नहीं है, तब उस ने उस राज्य वा जाति को इसकी शपथ खिलाई कि एलिरयाह नहीं मिला।
Cross references
- 1 Kings 18:3 1 राजा 18:3इसलिये अहाब ने ओबद्याह को जो उसके घराने का दीवान था बुलवाया।
- Romans 13:7 रोमियों 13:7इसलिये हर एक का हक्क चुकाया करो, जिस कर चाहिए, उसे कर दो; जिसे महसूल चाहिए, उसे महसूल दो; जिस से डरना चाहिए, उस से डरो; जिस का आदर करना चाहिए उसका आदर करो।।
- 1 Peter 2:17–18 1 पतरस 2:17–18सब का आदर करो, भाइयों से प्रेम रखो, परमेश्वर से डरो, राजा का सम्मान करो।। हे सेवकों, हर प्रकार के भय के साथ अपने स्वामियों के आधीन रहो, न केवल भलों और नम्रों के, पर कुटिलों के भी।