1 Kings · chapter 19 · verse 13
1 Kings 19:13 in Hindi
यह सुनते ही एलिरयाह ने अपना मुंह च र से ढांपा, और बाहर जाकर गुफा के द्वार पर खड़ा हुआ। फिर एक शब्द उसे सुनाई दिया, कि हे एलिरयाह तेरा यहां क्या काम?
Yah sunate hee elirayaah ne apanaa munh cha ra se dhaampaa, aur baahar jaakar guphaa ke dvaar par khadaa huaa. Phir ek shabd use sunaaee diyaa, ki he elirayaah teraa yahaam kyaa kaam?
1 Kings 19:13 in English
- King James Version (KJV)
- And it was [so], when Elijah heard [it], that he wrapped his face in his mantle, and went out, and stood in the entering in of the cave. And, behold, [there came] a voice unto him, and said, What doest thou here, Elijah?
- World English Bible (WEB)
- When Elijah heard it, he wrapped his face in his mantle, went out, and stood in the entrance of the cave. Behold, a voice came to him, and said, “What are you doing here, Elijah?”
- American Standard Version (ASV)
- And it was so, when Elijah heard it, that he wrapped his face in his mantle, and went out, and stood in the entrance of the cave. And, behold, there came a voice unto him, and said, What doest thou here, Elijah?
- Bible in Basic English (BBE)
- And Elijah, hearing it, went out, covering his face with his robe, and took his place in the opening of the hole. And there a voice came to him saying, What are you doing here, Elijah?
- Darby Translation (DBY)
- And it came to pass, when Elijah heard it, that he wrapped his face in his mantle, and went out, and stood in the entrance of the cave. And behold, a voice [came] to him and said, What doest thou here, Elijah?
- Webster's Bible (WBS)
- And it was [so] , when Elijah heard [it] , that he wrapped his face in his mantle, and went out, and stood in the entrance of the cave. And behold, [there came] a voice to him, and said, What doest thou here, Elijah?
- Young's Literal Translation (YLT)
- and it cometh to pass, at Elijah's hearing [it], that he wrappeth his face in his robe, and goeth out, and standeth at the opening of the cave, and lo, unto him [is] a voice, and it saith, 'What — to thee, here, Elijah?'
Read in context
- 11उस ने कहा, निकलकर यहोवा के सम्मुख पर्वत पर खड़ा हो। और यहोवा पास से होकर चला, और यहोवा के साम्हने एक बड़ी प्रचणड आन्धी से पहाड़ फटने और चट्टानें टूटने लगीं, तौभी यहोवा उस आन्धी में न था; फिर आन्धी के बाद भूंईडोल हूआ, तौभी यहोवा उस भूंईडोल में न था।
- 12फिर भूंईडोल के बाद आग दिखाई दी, तौभी यहोवा उस आग में न था; फिर आग के बाद एक दबा हुआ धीमा शब्द सुनाई दिया।
- 13यह सुनते ही एलिरयाह ने अपना मुंह च र से ढांपा, और बाहर जाकर गुफा के द्वार पर खड़ा हुआ। फिर एक शब्द उसे सुनाई दिया, कि हे एलिरयाह तेरा यहां क्या काम?
- 14उस ने कहा, मुझे सेनाऔं के परमेश्वर यहोवा के निमित्त बड़ी जलन हुई, क्योंकि इस्राएलियों ने तेरी वाचा टाल दी, और तेरी वेदियों को गिरा दिया है और तेरे नबियों को तलवार से घात किया है; और मैं ही अकेला रह गया हूँ; और वे मेरे प्राणों के भी खोजी हैं।
- 15यहोवा ने उस से कहा, लौटकर दमिश्क के जंगल को जा, और वहां पहुंचकर अराम का राजा होने के लिये हजाएल का,
Cross references
- 1 Kings 19:9 1 राजा 19:9वहां वह एक गुफा में जाकर टिका और यहोवा का यह वचन उसके पास पहुंचा, कि हे एलिरयाह तेरा यहां क्या काम?
- John 21:15–17 यूहन्ना 21:15–17भोजन करने के बाद यीशु ने शमौन पतरस से कहा, हे शमौन, यूहन्ना के पुत्रा, क्या तू इन से बढ़कर मुझ से प्रेम रखता है? उस ने उस से कहा, हां प्रभु तू तो जानता है, कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं: उस ने उस से कहा, मेरे मेमनों को चरा। उस ने फिर दूसरी बार उस से कहा, हे शमौन यूहन्ना के पुत्रा, क्या तू मुझ से प्रेम रखता है? उस ने उन से कहा, हां, प्रभु तू जानता है, कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं: उस ने उस से कहा, मेरी भेड़ों की रखवाली कर। उस ने तीसरी बार उस से कहा, हे शमौन, यूहन्ना के पुत्रा, क्या तू मुझ से प्रीति रखता है? पतरस उदास हुआ, कि उस ने उसे तीसरी बार ऐसा कहा; कि क्या तू मुझ से प्रीति रखता है? और उस से कहा, हे प्रभु, तू तो सब कुछ जानता है: तू यह जानता है कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं: यीशु ने उस से कहा, मेरी भेड़ों को चरा।
- Genesis 16:8 उत्पत्ति 16:8हे सारै की लौंडी हाजिरा, तू कहां से आती और कहां को जाती है? उस ने कहा, मैं अपनी स्वामिनी सारै के साम्हने से भग आई हूं।
- Isaiah 6:2 यशायाह 6:2उस से ऊंचे पर साराप दिखाई दिए; उनके छ: छ: पंख थे; दो पंखों से वे अपने मुंह को ढांपे थे और दो से अपने पांवों को, और दो से उड़ रहे थे।
- Exodus 33:23 निर्गमन 33:23फिर मैं अपना हाथ उठा लूंगा, तब तू मेरी पीठ का तो दर्शन पाएगा, परन्तु मेरे मुख का दर्शन नहीं मिलेगा।।
- 1 Kings 18:42 1 राजा 18:42तब अहाब खाने पीने चला गया, और एलिरयाह कर्म्मेल की चोटी पर चढ़ गया, और भूमि पर गिर कर अपना मुंह घुटनों के बीच किया।
- Isaiah 6:5 यशायाह 6:5तब मैं ने कहा, हाय! हाय! मैं नाश हूआ; क्योंकि मैं अशुद्ध होंठवाला मनुष्य हूं, और अशुद्ध होंठवाले मनुष्यों के बीच में रहता हूं; क्योंकि मैं ने सेनाओं के यहोवा महाराजाधिराज को अपनी आंखों से देखा है!
- Exodus 3:5–6 निर्गमन 3:5–6उस ने कहा इधर पास मत आ, और अपने पांवों से जूतियों को उतार दे, क्योंकि जिस स्थान पर तू खड़ा है वह पवित्रा भूमि है। फिर उस ने कहा, मैं तेरे पिता का परमेश्वर, और इब्राहीम का परमेश्वर, इसहाक का परमेश्वर, और याकूब का परमेश्वर हूं। तब मूसा ने जो परमेश्वर की ओर निहारने से डरता था अपना मुंह ढ़ाप लिया।
Original words (Hebrew)
- Elijah · H452אֵלִיָּה ʼÊlîyâh
- heard · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- wrapped · H3874לוּט lûwṭ
- face · H6440פָּנִים pânîym
- mantle · H155אַדֶּרֶת ʼaddereth
- out · H3318יָצָא yâtsâʼ
- stood · H5975עָמַד ʻâmad
- in · H6607פֶּתַח pethach
- cave · H4631מְעָרָה mᵉʻârâh
- voice · H6963קוֹל qôwl
- said · H559אָמַר ʼâmar
- Elijah · H452אֵלִיָּה ʼÊlîyâh