1 Kings · chapter 21 · verse 5
1 Kings 21:5 in Hindi
तब उसकी पत्नी ईज़ेबेल ने उसके पास आकर पूछा, तेरा मन क्यों ऐसा उदास है कि तू कुछ भोजन नहीं करता?
Tab usakee patnee eejebel ne usake paas aakar poochhaa, teraa man kyom aisaa udaas hai ki too kuchh bhojan naheem karataa?
1 Kings 21:5 in English
- King James Version (KJV)
- But Jezebel his wife came to him, and said unto him, Why is thy spirit so sad, that thou eatest no bread?
- World English Bible (WEB)
- But Jezebel his wife came to him, and said to him, “Why is your spirit so sad that you eat no bread?”
- American Standard Version (ASV)
- But Jezebel his wife came to him, and said unto him, Why is thy spirit so sad, that thou eatest no bread?
- Bible in Basic English (BBE)
- But Jezebel, his wife, came to him and said, Why is your spirit so bitter that you have no desire for food?
- Darby Translation (DBY)
- And Jezebel his wife came to him, and said to him, Why is thy spirit sullen, and thou eatest no bread?
- Webster's Bible (WBS)
- But Jezebel his wife came to him, and said to him, Why is thy spirit so sad, that thou eatest no bread?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Jezebel his wife cometh in unto him, and speaketh unto him, 'What [is] this? — thy spirit sulky, and thou art not eating bread!'
Read in context
- 3नाबोत ने यहाब से कहा, यहोवा न करे कि मैं अपने पुरखाओं का निज भाग तुझे दूं!
- 4यिज्रेली नाबोत के इस वचन के कारण कि मैं तुझे अपने पुरखाओं का निज भाग न दूंगा, अहाब उदास और अप्रसन्न होकर अपते घर गया, और बिछौने पर लेट गया और मुंह फेर लिया, और कुछ भेजन न किया।
- 5तब उसकी पत्नी ईज़ेबेल ने उसके पास आकर पूछा, तेरा मन क्यों ऐसा उदास है कि तू कुछ भोजन नहीं करता?
- 6उस ने कहा, कारण यह है, कि मैं ने यिज्रेली नाबोत से कहा कि रूपया लेकर मुझे अपनी दाख की बारी दे, नहीं तो यदि नू चाहे तो मैं उसकी सन्ती दूसरी दाख की बारी दूंगा; और उसने कहा, मैं अपनी दाख की बारी तुझे न दूंगा।
- 7उसकी पत्नी ईज़ेबेल ने उस से कहा, क्या तू इस्राएल पर राज्य करता है कि नहीं? उठकर भोजन कर; और तेरा मन आनन्दित हो; यिज्रेली नाबोत की दाख की बारी मैं तुझे दिलवा दूंगी।
Cross references
- Nehemiah 2:2 नहेमायाह 2:2तब राजा ने मुझ से पूछा, तू तो रेगी नहीं है, फिर तेरा मुंह क्यों उतरा है? यह तो मन ही की उदासी होगी।
- 1 Kings 18:4 1 राजा 18:4ओबद्याह तो यहोवा का भय यहां तक मानता था कि जब ईज़ेबेल यहोवा के नबियों को नाश करती थी, तब ओबद्याह ने एक सौ नबियों को लेकर पचास- पचास करके गुफाओं में छिपा रखा; और अन्न जल देकर उनका पालन- पोषण करता रहा।
- Esther 4:5 एस्तेर 4:5तब एस्तेर ने राजा के खोजों में से हताक को जिसे राजा ने उसके पास रहने को ठहराया था, बुलवाकर आज्ञा दी, कि मोर्दकै के पास जाकर मालूम कर ले, कि क्या बात है और इसका क्या कारण है।
- 1 Kings 16:31 1 राजा 16:31आकाश आनन्द करे और पृथ्वी मगन हो, और जाति जाति में लोग कहें, कि यहोवा राजा
- 1 Kings 19:2 1 राजा 19:2तब ईज़ेबेल ने एलिरयाह के पास एक दूत के द्वारा कहला भेजा, कि यदि मैं कल इसी समय तक तेरा प्राण उनका सा न कर डालूं तो देवता मेरे साथ वैसा ही वरन उस से भी अधिक करें।
- 1 Kings 21:25 1 राजा 21:25सचमुच अहाब के तुल्य और कोई न था जिसने अपनी पत्नी ईज़ेबेल के उसकाने पर वह काम करने को जो यहोवा की दृष्टि में बुरा है, अपने को बेच डाला था।
- 2 Samuel 13:4 2 शमूएल 13:4और उस ने अम्नोन से कहा, हे राजकुमार, क्या कारण है कि तू प्रति दिन ऐसा दुबला होता जाता है क्या तू मुझे न बताएगा? अम्नोन ने उस से कहा, मैं तो अपने भाई अबशालोम की बहिन तामार पर मोहित हूं।
- Genesis 3:6 उत्पत्ति 3:6सो जब स्त्री ने देखा कि उस वृक्ष का फल खाने में अच्छा, और देखने में मनभाऊ, और बुद्धि देने के लिये चाहने योग्य भी है, तब उस ने उस में से तोड़कर खाया; और अपने पति को भी दिया, और उस ने भी खाया।