Genesis · chapter 3 · verse 6
Genesis 3:6 in Hindi
सो जब स्त्री ने देखा कि उस वृक्ष का फल खाने में अच्छा, और देखने में मनभाऊ, और बुद्धि देने के लिये चाहने योग्य भी है, तब उस ने उस में से तोड़कर खाया; और अपने पति को भी दिया, और उस ने भी खाया।
So jab stree ne dekhaa ki us vruksh kaa phal khaane mem achchhaa, aur dekhane mem manabhaaoo, aur buddhi dene ke liye chaahane yogy bhee hai, tab us ne us mem se todakar khaayaa; aur apane pati ko bhee diyaa, aur us ne bhee khaayaa.
Genesis 3:6 in English
- King James Version (KJV)
- And when the woman saw that the tree [was] good for food, and that it [was] pleasant to the eyes, and a tree to be desired to make [one] wise, she took of the fruit thereof, and did eat, and gave also unto her husband with her; and he did eat.
- World English Bible (WEB)
- When the woman saw that the tree was good for food, and that it was a delight to the eyes, and that the tree was to be desired to make one wise, she took some of its fruit, and ate. Then she gave some to her husband with her, and he ate it, too.
- American Standard Version (ASV)
- And when the woman saw that the tree was good for food, and that it was a delight to the eyes, and that the tree was to be desired to make one wise, she took of the fruit thereof, and did eat; and she gave also unto her husband with her, and he did eat.
- Bible in Basic English (BBE)
- And when the woman saw that the tree was good for food, and a delight to the eyes, and to be desired to make one wise, she took of its fruit, and gave it to her husband.
- Darby Translation (DBY)
- And the woman saw that the tree was good for food, and that it was a pleasure for the eyes, and the tree was to be desired to give intelligence; and she took of its fruit, and ate, and gave also to her husband with her, and he ate.
- Webster's Bible (WBS)
- And when the woman saw that the tree [was] good for food, and that it [was] pleasant to the eyes, and a tree to be desired to make [one] wise; she took of its fruit, and ate, and gave also to her husband with her, and he ate.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the woman seeth that the tree [is] good for food, and that it [is] pleasant to the eyes, and the tree is desirable to make [one] wise, and she taketh of its fruit and eateth, and giveth also to her husband with her, and he doth eat;
Read in context
- 4तब सर्प ने स्त्री से कहा, तुम निश्चय न मरोगे,
- 5वरन परमेश्वर आप जानता है, कि जिस दिन तुम उसका फल खाओगे उसी दिन तुम्हारी आंखे खुल जाएंगी, और तुम भले बुरे का ज्ञान पाकर परमेश्वर के तुल्य हो जाओगे।
- 6सो जब स्त्री ने देखा कि उस वृक्ष का फल खाने में अच्छा, और देखने में मनभाऊ, और बुद्धि देने के लिये चाहने योग्य भी है, तब उस ने उस में से तोड़कर खाया; और अपने पति को भी दिया, और उस ने भी खाया।
- 7तब उन दोनों की आंखे खुल गई, और उनको मालूम हुआ कि वे नंगे है; सो उन्हों ने अंजीर के पत्ते जोड़ जोड़ कर लंगोट बना लिये।
- 8तब यहोवा परमेश्वर जो दिन के ठंडे समय बाटिका में फिरता था उसका शब्द उनको सुनाई दिया। तब आदम और उसकी पत्नी बाटिका के वृक्षों के बीच यहोवा परमेश्वर से छिप गए।
Cross references
- 1 John 2:16 1 यूहन्ना 2:16क्योंकि जो कुछ संसार में है, अर्थात् शरीर की अभिलाषा, और आंखों की अभिलाषा और जीविका का घमण्ड, वह पिता की ओर से नहीं, परन्तु संसार ही की ओर से है।
- James 1:14–15 याकूब 1:14–15परन्तु प्रत्येक व्यक्ति अपनी ही अभिलाषा में खिंचकर, और फंसकर परीक्षा में पड़ता है। फिर अभिलाषा गर्भवती होकर पाप को जनता है और पाप बढ़ जाता है तो मृत्यु को उत्पन्न करता है।
- 1 Timothy 2:14 1 तीमुथियुस 2:14और आदम बहकाया न गया, पर स्त्री बहकाने में आकर अपराधिनी हुई।
- 2 Samuel 11:2 2 शमूएल 11:2सांझ के समय दाऊद पलंग पर से उठकर राजभवन की छत पर टहल रहा था, और छत पर से उसको एक स्त्री, जो अति सुन्दर थी, नहाती हुई देख पड़ी।
- Romans 5:12–19 रोमियों 5:12–19इसलिये जैसा एक मनुष्य के द्वारा पाप जगत में आया, और पाप के द्वारा मृत्यु आई, और इस रीति से मृत्यु सब मनुष्यों में फैल गई, इसलिये कि सब ने पाप किया। क्योंकि व्यवस्था के दिए जाने तक पाप जगत में तो था, परन्तु जहां व्यवस्था नहीं, वहां पाप गिना नहीं जाता। तौभी आदम से लेकर मूसा तक मृत्यु ने उन लोगों पर भी राज्य किया, जिन्हों ने उस आदम के अपराध की नाईं जो उस आनेवाले का चिन्ह है, पाप न किया। पर जैसा अपराध की दशा है, वैसी अनुग्रह के बरदान की नहीं, क्योंकि जब एक मनुष्य के अपराध से बहुत लोग मरे, तो परमेश्वर का अनुग्रह और उसका जो दान एक मनुष्य के, अर्थात् यीशु मसीह के अनुग्रह से हुआ बहुतेरे लागों पर अवश्य ही अधिकाई से हुआ। और जैसा एक मनुष्य के पाप करने का फल हुआ, वैसा ही दान की दशा नहीं, क्योंकि एक ही के कारण दण्ड की आज्ञा का फैसला हुअ, परन्तु बहुतेरे अपराधों से ऐसा बरदान उत्पन्न हुआ, कि लोग धर्मी ठहरे। क्योंकि जब एक मनुष्य के अपराध के कराण मृत्यु ने उस एक ही के द्वारा राज्य किया, तो जो लोग अनुग्रह और धर्मरूमी बरदान बहुतायत से पाते हैं वे एक मनुष्य के, अर्थात् यीशु मसीह के द्वारा अवश्य ही अनन्त जीवन में राज्य करेंगे। इसलिये जैसा एक अपराध सब मनुष्यों के लिये दण्ड की आज्ञा का कारण हुआ, वेसा ही एक धर्म का काम भी सब मनुष्यों के लिये जीवन के निमित्त धर्मी ठहराए जाने का कारण हुआ। क्योंकि जैसा एक मनुष्य के आज्ञा न मानने से बहुत लोग पापी ठहरे, वैसे ही एक मनुष्य के आज्ञा मानने से बहुत लोग धर्मी ठहरेंगे।
- Joshua 7:21 यहोशू 7:21कि जब मुझे लूट में शिनार देश का एक सुन्दर ओढ़ना, और दो सौ शेकेल चांदी, और पचास शेकेल सोने की एक ईट देख पड़ी, तब मैं ने उनका लालच करके उन्हें रख लिया; वे मेरे डेरे के भीतर भूमि में गड़े हैं, और सब के नीचे चांदी है।
- Hosea 6:7 होशे 6:7परन्तु उन लोगों ने आदम की नाई वाचा को तोड़ दिया; उन्हों ने वहां मुझ से विश्वासघात किया है।
- Genesis 6:2 उत्पत्ति 6:2तब परमेश्वर के पुत्रों ने मनुष्य की पुत्रियों को देखा, कि वे सुन्दर हैं; सो उन्हों ने जिस जिसको चाहा उन से ब्याह कर लिया।
- Ezekiel 24:25 यहेजकेल 24:25और हे मनुष्य के सन्तान, क्या यह सच नहीं, कि जिस दिन मैं उनका दृढ़ गढ़, उनकी शोभा, और हर्ष का कारण, और उनके बेटे- बेटियां जो उनकी शोभा, उनकी आंखों का आनन्द, और मन की चाह हैं, उनको मैं उन से ले लूंगा,
- Ezekiel 24:16 यहेजकेल 24:16हे मनुष्य के सन्तान, देख, मैं तेरी आंखों की प्रिय को मारकर तेरे पास से ले लेने पर हूँ; परन्तु न तू रोना- पीटना और न आंसू बहाना।
- Genesis 3:12 उत्पत्ति 3:12आदम ने कहा जिस स्त्री को तू ने मेरे संग रहने को दिया है उसी ने उस वृक्ष का फल मुझे दिया, और मै ने खाया।
- Genesis 3:17 उत्पत्ति 3:17और आदम से उस ने कहा, तू ने जो अपनी पत्नी की बात सुनी, और जिस वृक्ष के फल के विषय मै ने तुझे आज्ञा दी थी कि तू उसे न खाना उसको तू ने खाया है, इसलिये भूमि तेरे कारण शापित है: तू उसकी उपज जीवन भर दु:ख के साथ खाया करेगा:
Original words (Hebrew)
- woman · H802אִשָּׁה ʼishshâh
- saw · H7200רָאָה râʼâh
- tree · H6086עֵץ ʻêts
- good · H2896טוֹב ṭôwb
- food · H3978מַאֲכָל maʼăkâl
- it · H1931הוּא hûwʼ
- pleasant · H8378תַּאֲוָה taʼăvâh
- eyes · H5869עַיִן ʻayin
- tree · H6086עֵץ ʻêts
- desired · H2530חָמַד châmad
- wise · H7919שָׂכַל sâkal
- took · H3947לָקַח lâqach
- thereof · H6529פְּרִי pᵉrîy
- eat · H398אָכַל ʼâkal
- gave · H5414נָתַן nâthan
- also · H1571גַּם gam
- husband · H376אִישׁ ʼîysh
- eat · H398אָכַל ʼâkal