1 Kings · chapter 6 · verse 30
1 Kings 6:30 in Hindi
और भवन के भीतर और बाहरवाले फर्श उस ने सोने से मढ़वाए।
Aur bhavan ke bheetar aur baaharavaale pharsh us ne sone se madhavaae.
1 Kings 6:30 in English
- King James Version (KJV)
- And the floor of the house he overlaid with gold, within and without.
- World English Bible (WEB)
- He overlaid the floor of the house with gold, inside and outside.
- American Standard Version (ASV)
- And the floor of the house he overlaid with gold, within and without.
- Bible in Basic English (BBE)
- And the floor of the house was covered with gold, inside and out.
- Darby Translation (DBY)
- And the floor of the house he overlaid with gold, within and without.
- Webster's Bible (WBS)
- And the floor of the house he overlaid with gold, within and without.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the floor of the house he hath overlaid with gold, within and without;
Read in context
- 28और करूबों को उस ने सोने से मढ़वाया।
- 29और उस ने भवन की भीतों में बाहर और भीतर चारों ओर करूब, खजूर और खिले हुए फूल खुदवाए।
- 30और भवन के भीतर और बाहरवाले फर्श उस ने सोने से मढ़वाए।
- 31और दर्शन- स्थान के द्वार पर उस ने जलपाई की लकड़ी के किवाड़ लगाए और चौखट के सिरहाने और बाजुओं की का पांचवां भाग थी।
- 32दोनों किवाड़ जलपाई की लकड़ी के थे, और उस ने उन में करूब, खजूर के वृक्ष और खिले हुए फूल खुदवाए और सोने से मढ़ा और करूबों और खजूरों के ऊपर सोना मढ़वा दिया गया।
Cross references
- Isaiah 54:11–12 यशायाह 54:11–12हे दु:खियारी, तू जो आंधी की सताई है और जिस को शान्ति नहीं मिली, सुन, मैं तेरे पत्थरों की पच्चीकारी कर के बैठाऊंगा, और तेरी नेव नीलमणि से डालूंगा। तेरे कलश मैं माणिकों, तेरे फाटक लालडिय़ोंसे और तेरे सब सिवानों को मनोहर रत्नों से बनाऊंगा।
- Isaiah 60:17 यशायाह 60:17मैं पीतल की सन्ती लोहा, लोहे की सन्ती चान्दी, लकड़ी की सन्ती पीतल और पत्थर की सन्ती लोहा लाऊंगा। मैं तेरे हाकिमों को मेल- मिलाप और चौधरियों को धार्मिकता ठहराऊंगा।
- Revelation 21:18–21 प्रकाशितवाक्य 21:18–21और उस की शहरपनाह की जुड़ाई यशब की थी, और नगर ऐसे चोखे सोने का था, जा स्वच्छ कांच के समान हो। और उस नगर की नेवें हर प्रकार के बहुमोल पत्थरों से संवारी हुई थी, पहिली नेव यशब की थी, दूसरी नीलमणि की, तीसरी लालड़ी की, चौथी मरकत की। पांचवी गोमेदक की, छठवीं माणिक्य की, सातवीं पीतमणि की, आठवीं पेरोज की, नवीं पुखराज की, दसवीं लहसनिए की, ग्यारहवीं धूम्रकान्त की, बारहवीं याकूत की। और बारहों फाटक, बारह मोतियों के थे; एक एक फाटक, एक एक मोती का बना था; और नगर की सड़क स्वच्छ कांच के समान चोखे सोने की थी।