1 Kings · chapter 8 · verse 30
1 Kings 8:30 in Hindi
और तू अपने दास, और अपनी प्रजा इस्राएल की प्रार्थना जिसको वे इस स्थान की ओर गिड़गिड़ा के करें उसे सुनना, वरद स्वर्ग। में से जो तेरा निवासस्थान है सुन लेना, और सुनकर क्षमा करना।
Aur too apane daas, aur apanee prajaa israael kee praarthanaa jisako ve is sthaan kee or gidagidaa ke karem use sunanaa, varad svarg. Mem se jo teraa nivaasasthaan hai sun lenaa, aur sunakar kshamaa karanaa.
1 Kings 8:30 in English
- King James Version (KJV)
- And hearken thou to the supplication of thy servant, and of thy people Israel, when they shall pray toward this place: and hear thou in heaven thy dwelling place: and when thou hearest, forgive.
- World English Bible (WEB)
- Listen to the supplication of your servant, and of your people Israel, when they pray toward this place. Yes, hear in heaven, your dwelling place; and when you hear, forgive.
- American Standard Version (ASV)
- And hearken thou to the supplication of thy servant, and of thy people Israel, when they shall pray toward this place: yea, hear thou in heaven thy dwelling-place; and when thou hearest, forgive.
- Bible in Basic English (BBE)
- Give ear to the prayers of your servant, and the prayers of your people Israel, when they make their prayers, turning to this place; give ear in heaven your living-place, and hearing, have mercy.
- Darby Translation (DBY)
- And hearken unto the supplication of thy servant, and of thy people Israel, when they shall pray toward this place, and hear thou in thy dwelling-place, in the heavens, and when thou hearest, forgive.
- Webster's Bible (WBS)
- And hearken thou to the supplication of thy servant, and of thy people Israel, when they shall pray towards this place: and hear thou in heaven thy dwelling-place: and when thou hearest, forgive.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Then Thou hast hearkened unto the supplication of Thy servant, and of Thy people Israel, which they pray towards this place; yea, Thou dost hearken in the place of Thy dwelling, in the heavens — and Thou hast hearkened, and hast forgiven,
Read in context
- 28तौभी हे मेरे परमेश्वर यहोवा! अपने दास की प्रार्थना और गिड़गिड़ाहट की ओर कान लगाकर, मेरी चिल्लाहट और यह प्रार्थना सुन! जो मैं आज तेरे साम्हने कर रहा हूँ्र;
- 29कि तेरी आंख इस भवन की ओर अर्थात् इसी स्थान की ओर जिसके विषय तू ने कहा है, कि मेरा नाम वहां रहेगा, रात दिन खुली रहें: और जो प्रार्थना तेरा दास इस स्थान की ओर करे, उसे तू सुन ले।
- 30और तू अपने दास, और अपनी प्रजा इस्राएल की प्रार्थना जिसको वे इस स्थान की ओर गिड़गिड़ा के करें उसे सुनना, वरद स्वर्ग। में से जो तेरा निवासस्थान है सुन लेना, और सुनकर क्षमा करना।
- 31जब कोई किसी दूसरे का अपराध करे, और उसको शपथ खिलाई जाए, और वह आकर इस भवन में तेरी वेदी के साम्हने शपथ खाए,
- 32तब तू स्वर्ग में सुन कर, अर्थात् अपने दासों का न्याय करके दुष्ट को दुष्ट ठहरा और उसकी चाल उसी के सिर लौटा दे, और निदष को निदष ठहराकर, उसके धर्म के अनुसार उसको फल देना।
Cross references
- 1 Kings 8:36 1 राजा 8:36और अपने दासों, अपनी प्रजा इस्राएल के पाप को क्ष्मा करना; तू जो उनको वह भला मार्ग दिखाता है, जिस पर उन्हें चलना चाहिये, इसलिये अपने इस देश पर, जो तू ने अपनी प्रजा का भाग कर दिया है, पानी बरसा देना।
- 1 Kings 8:34 1 राजा 8:34तब तू स्वर्ग में से सुनकर अपनी प्रजा इस्राएल का पाप क्षमा करना: और उन्हें इस देश में लौटा ले आना, जो तू ने उनके पुरूखाओं को दिया था।
- 1 Kings 8:39 1 राजा 8:39तो तू अपने स्वग य निवासस्थान में से सुनकर क्षमा करूना, और ऐसा करना, कि एक एक के मन को जानकर उसकी समस्त चाल के अनुसार उसको फल देना: तू ही तो सब आदमियों के मन के भेदों का जानने वाला है।
- Daniel 9:19 दानिय्येल 9:19हे प्रभु, सुन ले; हे प्रभु, पाप क्षमा कर; हे प्रभु, ध्यान देकर जो करता है उसे कर, विलम्ब न कर; हे मेरे परमेश्वर, तेरा नगर और तेरी प्रजा तेरी ही कहलाती है; इसलिये अपने नाम के निमित्त ऐसा ही कर।।
- Isaiah 57:15 यशायाह 57:15क्योंकि जो महान और उत्तम और सदैव स्थिर रहता, और जिसका नाम पवित्रा है, वह यों कहता है, मैं ऊंचे पर और पवित्रा स्थान में निवास करता हूं, और उसके संग भी रहता हूं, जो खेदित और नम्र हैं, कि, नम्र लोगों के हृदय और खेदित लोगों के मन को हर्षित करूं।
- Psalm 130:3–4 भजन संहिता 130:3–4हे याह, यदि तू अधर्म के कामों का लेखा ले, तो हे प्रभु कौन खड़ा रह सकेगा? परन्तु तू क्षमा करनेवाला है? जिस से तेरा भय माना जाए।
- Ecclesiastes 5:2 सभोपदेशक 5:2बातें करने में उतावली न करना, और न अपने मन से कोई बात उतावली से परमेश्वर के साम्हने निकालना, क्योंकि परमेश्वर स्वर्ग में हैं और तू पृथ्वी पर है; इसलिये तेरे वचन थोड़े ही हों।।
- 1 Kings 8:43 1 राजा 8:43तब तू अपने स्वग य निवासस्थान में से सुन, और जिस बात के लिये ऐसा परदेशी तुझे पुकारे, उसी के अनुसार व्यवहार करना जिस से पृथ्वी के सब देशों के लोग तेरा नाम जानकर तेरी प्रजा इस्राएल की नाई तेरा भय मानें, और निश्चय जानें, कि यह भवन जिसे मैं ने बनाया है, वह तेरा ही कहलाता है।
- Psalm 85:2 भजन संहिता 85:2तू ने अपनी प्रजा के अधर्म को क्षमा किया है; और उसके सब पापों को ढांप दिया है।
- Matthew 6:9 मत्ती 6:9सो तुम इस रीति से प्रार्थना किया करो; "हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में हैं; तेरा नाम पवित्रा माना जाए।
- Psalm 123:1 भजन संहिता 123:1हे स्वर्ग में विराजमान मैं अपनी आंखें तेरी ओर लगाता हूं!
- 1 Kings 8:49 1 राजा 8:49तो तू अपने स्वग य निवासस्थान में से उनकी प्रार्थना और गिड़गिड़ाहट सुनना; और उनका न्याय करना,
Original words (Hebrew)
- hearken · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- supplication · H8467תְּחִנָּה tᵉchinnâh
- servant · H5650עֶבֶד ʻebed
- people · H5971עַם ʻam
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- pray · H6419פָּלַל pâlal
- place · H4725מָקוֹם mâqôwm
- hear · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- heaven · H8064שָׁמַיִם shâmayim
- dwelling · H3427יָשַׁב yâshab
- place · H4725מָקוֹם mâqôwm
- hearest · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- forgive · H5545סָלַח çâlach