Psalms · chapter 130 · verse 3
Psalm 130:3 in Hindi
हे याह, यदि तू अधर्म के कामों का लेखा ले, तो हे प्रभु कौन खड़ा रह सकेगा?
He yaah, yadi too adharm ke kaamom kaa lekhaa le, to he prabhu kaun khadaa rah sakegaa?
Psalm 130:3 in English
- King James Version (KJV)
- If thou, LORD, shouldest mark iniquities, O Lord, who shall stand?
- World English Bible (WEB)
- If you, LORD, kept a record of sins, Lord, who could stand?
- American Standard Version (ASV)
- If thou, Jehovah, shouldest mark iniquities, O Lord, who could stand?
- Bible in Basic English (BBE)
- O Jah, if you took note of every sin, who would go free?
- Darby Translation (DBY)
- If thou, Jah, shouldest mark iniquities, Lord, who shall stand?
- Webster's Bible (WBS)
- If thou, LORD, shouldest mark iniquities, O LORD, who shall stand?
- Young's Literal Translation (YLT)
- If iniquities Thou dost observe, O Lord, who doth stand?
Read in context
- 1हे यहोवा, मैं ने गहिरे स्थानों में से तुझ को पुकारा है!
- 2हे प्रभु, मेरी सुन! तेरे कान मेरे गिड़गिड़ाने की ओर ध्यान से लगे रहें!
- 3हे याह, यदि तू अधर्म के कामों का लेखा ले, तो हे प्रभु कौन खड़ा रह सकेगा?
- 4परन्तु तू क्षमा करनेवाला है? जिस से तेरा भय माना जाए।
- 5मैं यहोवा की बाट जोहता हूं, मैं जी से उसकी बाट जोहता हूं, और मेरी आशा उसके वचन पर है;
Cross references
- Psalm 143:2 भजन संहिता 143:2और अपने दास से मुक मा न चला! क्योंकि कोई प्राणी तेरी दृष्टि में निर्दोष नहीं ठहर सकता।।
- Psalm 76:7 भजन संहिता 76:7केवल तू ही भययोग्य है; और जब तू क्रोध करने लगे, तब तेरे साम्हने कौन खड़ा रह सकेगा?
- Romans 3:20–24 रोमियों 3:20–24क्योंकि व्यवस्था के कामों से कोई प्राणी उसके साम्हने धर्मी नहीं ठहरेगा, इसलिये कि व्यवस्था के द्वारा पाप की पहिचान होती है। पर अब बिना व्यवस्था परमेश्वर की धार्मिकता प्रगट हुई है, जिस की गवाही व्यवस्था और भविष्यद्वक्ता देते हैं। अर्थात् परमेश्वर की वह धार्मिकता, जो यीशु मसीह पर विश्वास करने से सब विश्वास करनेवालों के लिये है; क्योंकि कुछ भेद नहीं। इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित है। परन्तु उसके अनुग्रह से उस छुटकारे के द्वारा जो मसीह यीशु में है, सेंत मेंत धर्मी ठहराए जाते हैं।
- John 8:7–9 यूहन्ना 8:7–9जब वे उस से पूछते रहे, तो उस ने सीधे होकर उन से कहा, कि तूुम में जो निष्पाप हो, वही पहिले उसको पत्थर मारे। और फिर झुककर भूमि पर उंगली से लिखने लगा। परन्तु वे यह सुनकर बड़ों से लेकर छोटों तक एक एक करके निकल गए, और यीशु अकेला रह गया, और स्त्री वहीं बीच में खड़ी रह गई।
- Revelation 6:17 प्रकाशितवाक्य 6:17क्योंकि उन के प्रकोप का भयानक दिन आ पहुंचा है, अब कौन ठहर सकता है?
- Job 10:14 अय्यूब 10:14जो मैं पाप करूं, तो तू उसका लेखा लेगा; और अधर्म करने पर मुझे निदष न ठहराएगा।
- Nahum 1:6 नहूम 1:6उसके क्रोध का साम्हना कौन कर सकता है? और जब उसका क्रोध भड़कता है, तब कौन ठहर सकता है? उसकी जलजलाहट आग की नाईं भड़क जाती है, और चट्टानें उसकी शक्ति से फट फटकर गिरती हैं।
- Malachi 3:2 मलाकी 3:2परन्तु उसके आने के दिन की कौन सह सकेगा? और जब वह दिखाई दे, तब कौन खड़ा रह सकेगा? क्योंकि वह सोनार की आग और धोबी के साबुन के समान है।
- Job 15:14 अय्यूब 15:14मनुष्य है क्या कि वह निष्कलंक हो? और जो स्त्री से उत्पन्न हुआ वह है क्या कि निदष हो सके?
- Isaiah 53:6 यशायाह 53:6हम तो सब के सब भेड़ों की नाईं भटक गए थे; हम में से हर एक ने अपना अपना मार्ग लिया; और यहोवा ने हम सभों के अधर्म का बोझ उसी पर लाद दिया।।
- Job 9:20 अय्यूब 9:20चाहे मैं निदष ही क्यों न हूँ, परन्तु अपने ही मुंह से दोषी ठहरूंगा; खरा होने पर भी वह मुझे कुटिल ठहराएगा।
- Job 9:2–3 अय्यूब 9:2–3मैं निश्चय जानता हूं, कि बात ऐसी ही है; परन्तु मनुष्य ईश्वर की दृष्टि में क्योंकर धम ठहर सकता है? चाहे वह उस से मुक़ मा लड़ना भी चाहे तौभी मनुष्य हजार बातों में से एक का भी उत्तर न दे सकेगा।