1 Kings · chapter 8 · verse 32
1 Kings 8:32 in Hindi
तब तू स्वर्ग में सुन कर, अर्थात् अपने दासों का न्याय करके दुष्ट को दुष्ट ठहरा और उसकी चाल उसी के सिर लौटा दे, और निदष को निदष ठहराकर, उसके धर्म के अनुसार उसको फल देना।
Tab too svarg mem sun kar, arthaat apane daasom kaa nyaay karake dusht ko dusht thaharaa aur usakee chaal usee ke sir lautaa de, aur nidash ko nidash thaharaakar, usake dharm ke anusaar usako phal denaa.
1 Kings 8:32 in English
- King James Version (KJV)
- Then hear thou in heaven, and do, and judge thy servants, condemning the wicked, to bring his way upon his head; and justifying the righteous, to give him according to his righteousness.
- World English Bible (WEB)
- then hear in heaven, and act, and judge your servants, condemning the wicked, to bring his way on his own head, and justifying the righteous, to give him according to his righteousness.
- American Standard Version (ASV)
- then hear thou in heaven, and do, and judge thy servants, condemning the wicked, to bring his way upon his own head, and justifying the righteous, to give him according to his righteousness.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then let your ear be open in heaven, and be the judge of your servants, giving your decision against the wrongdoer, so that punishment for his sins may come on his head; and, by your decision, keeping from evil him who has done no wrong.
- Darby Translation (DBY)
- then hear thou in the heavens, and do, and judge thy servants, condemning the wicked, to bring his way upon his own head; and justifying the righteous, giving him according to his righteousness.
- Webster's Bible (WBS)
- Then hear thou in heaven, and do, and judge thy servants, condemning the wicked, to bring his way upon his head; and justifying the righteous, to give him according to his righteousness.
- Young's Literal Translation (YLT)
- then Thou dost hear in the heavens, and hast done, and hast judged Thy servants, to declare wicked the wicked, to put his way on his head, and to declare righteous the righteous, to give him according to his righteousness.
Read in context
- 30और तू अपने दास, और अपनी प्रजा इस्राएल की प्रार्थना जिसको वे इस स्थान की ओर गिड़गिड़ा के करें उसे सुनना, वरद स्वर्ग। में से जो तेरा निवासस्थान है सुन लेना, और सुनकर क्षमा करना।
- 31जब कोई किसी दूसरे का अपराध करे, और उसको शपथ खिलाई जाए, और वह आकर इस भवन में तेरी वेदी के साम्हने शपथ खाए,
- 32तब तू स्वर्ग में सुन कर, अर्थात् अपने दासों का न्याय करके दुष्ट को दुष्ट ठहरा और उसकी चाल उसी के सिर लौटा दे, और निदष को निदष ठहराकर, उसके धर्म के अनुसार उसको फल देना।
- 33फिर जब नेरी प्रजा इस्राएल तेरे विरूद्ध पाप करने के कारण अपने शत्रुओं से हार जाए, और तेरी ओर फिरकर तेरा नाम ले और इस भवन में तुझ से गिड़गिड़ाहट के साथ प्रार्थना करे,
- 34तब तू स्वर्ग में से सुनकर अपनी प्रजा इस्राएल का पाप क्षमा करना: और उन्हें इस देश में लौटा ले आना, जो तू ने उनके पुरूखाओं को दिया था।
Cross references
- Deuteronomy 25:1 व्यवस्थाविवरण 25:1यदि मनुष्यों के बीच कोई झगड़ा हो, और वे न्याय करवाने के लिये न्यायियों के पास जाएं, और वे उनका न्याय करें, तो निर्दोष को निर्दोष और दोषी को दोषी ठहराएं।
- Ezekiel 18:13 यहेजकेल 18:13ब्याज पर रूपया दिया हो, और बढ़ती ली हो, तो क्या वह जीवित रहेगा? वह जीवित न रहेगा; इसलिये कि उस ने ये सब घिनौने काम किए हैं वह निश्चय मरेगा और उसका खून उसी के सिर पड़ेगा।
- Exodus 34:7 निर्गमन 34:7हजारों पीढ़ियों तब निरन्तर करूणा करनेवाला, अधर्म और अपराध और पाप का क्षमा करनेवाला है, परन्तु दोषी को वह किसी प्रकार निर्दोष न ठहराएगा, वह पितरों के अधर्म का दण्ड उनके बेटों वरन पोतों और परपोतों को भी देनेवाला है।
- Romans 2:6–10 रोमियों 2:6–10वह हर एक को उसके कामों के अनुसार बदला देगा। जो सुकर्म में स्थिर रहकर महिमा, और आदर, और अमरता की खोज में है, उन्हें अनन्त जीवन देगा। पर जो विवादी हैं, और सत्य को नहीं मानते, बरन अधर्म को मानते हैं, उन पर क्रोध और कोप पड़ेगा। और क्लेश और संकट हर एक मनुष्य के प्राण पर जो बुरा करता है, पहिले यहूदी पर फिर यूनानी पर। पर महिमा और आदर ओर कल्याण हर एक को मिलेगा, जो भला करता है, पहिले यहूदी को फिर यूनानी को।
- Ezekiel 18:20 यहेजकेल 18:20जो प्राणी पाप करे वही मरेगा, न तो पुत्रा पिता के अधर्म का भार उठाएगा और न पिता पुत्रा का; धम को अपने ही धर्म का फल, और दुष्ट को अपनी ही दुष्टता का फल मिलेगा।
- Isaiah 3:10–11 यशायाह 3:10–11धर्मियों से कहो कि उनका भला होगा, क्योंकि उसके कामों का फल उसको मिलेगा। मेरी प्रजा पर बच्चे अंधेर करते और स्त्रियां उन पर प्रभुता करती हैं। हे मेरी प्रजा, तेरे अगुवे तुझे भटकाते हैं, और तेरे चलने का मार्ग भुता देते हैं।।
- Ezekiel 18:30 यहेजकेल 18:30प्रभु यहोवा की यह वाणी है, हे इस्राएल के घराने, मैं तुम में से हर एक मनुष्य का न्याय उसकी चालचलन के अनुसार ही करूंगा। पश्चात्ताप करो और अपने सब अपराधों को छोड़ो, तभी तुम्हारा अधर्म तुम्हारे ठोकर खाने का कारण न होगा।
- Proverbs 17:15 नीतिवचन 17:15जो दोषी को निर्दोष, और जो निर्दोष को दोषी ठहराता है, उन दोनों से यहोवा घृणा करता है।
- Proverbs 1:31 नीतिवचन 1:31इसलिये वे अपनी करनी का फल आप भोगेंगे, और अपनी युक्तियों के फल से अघा जाएंगे।
- Exodus 23:7 निर्गमन 23:7झूठे मुक मे से दूर रहना, और निर्दोष और धर्मी को घात न करना, क्योंकि मैं दुष्ट को निर्दोष न ठहराऊंगा।
- Numbers 5:27 गिनती 5:27और जब वह उसे वह जल पिला चुके, तब यदि वह अशुद्ध हुई हो और अपने पति का विश्वासघात किया हो, तो वह जल जो शाप का कारण होता है उस स्त्री के पेट में जाकर कडुवा हो जाएगा, और उसका पेट फूलेगा, और उसकी जांघ सड़ जाएगी, और उस स्त्री का नाम उसके लोगों के बीच स्रापित होगा।
- Romans 2:13 रोमियों 2:13(क्योंकि परमेश्वर के यहां व्यवस्था के सुननेवाले धर्मी नहीं, पर व्यवस्था पर चलनेवाले धर्मी ठहराए जाएंगे।
Original words (Hebrew)
- hear · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- heaven · H8064שָׁמַיִם shâmayim
- do · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- judge · H8199שָׁפַט shâphaṭ
- servants · H5650עֶבֶד ʻebed
- condemning · H7561רָשַׁע râshaʻ
- wicked · H7563רָשָׁע râshâʻ
- bring · H5414נָתַן nâthan
- way · H1870דֶּרֶךְ derek
- head · H7218רֹאשׁ rôʼsh
- justifying · H6663צָדַק tsâdaq
- righteous · H6662צַדִּיק tsaddîyq
- give · H5414נָתַן nâthan
- righteousness · H6666צְדָקָה tsᵉdâqâh