1 Peter · chapter 1 · verse 6
1 Peter 1:6 in Hindi
और इस कारण तुम मगन होते हो, यद्यपि अवश्य है कि अब कुछ दिन तक नाना प्रकार की परीक्षाओं के कारण उदास हो।
Aur is kaaran tum magan hote ho, yadyapi avashy hai ki ab kuchh din tak naanaa prakaar kee pareekshaaom ke kaaran udaas ho.
1 Peter 1:6 in English
- King James Version (KJV)
- Wherein ye greatly rejoice, though now for a season, if need be, ye are in heaviness through manifold temptations:
- World English Bible (WEB)
- In this you greatly rejoice, though now for a little while, if need be, you have been grieved in various trials,
- American Standard Version (ASV)
- Wherein ye greatly rejoice, though now for a little while, if need be, ye have been put to grief in manifold trials,
- Bible in Basic English (BBE)
- You have cause for great joy in this, though it may have been necessary for you to be troubled for a little time, being tested in all sorts of ways,
- Darby Translation (DBY)
- Wherein ye exult, for a little while at present, if needed, put to grief by various trials,
- Webster's Bible (WBS)
- In which ye greatly rejoice, though now for a season (if need be) ye are in heaviness through manifold temptations:
- Young's Literal Translation (YLT)
- in which ye are glad, a little now, if it be necessary, being made to sorrow in manifold trials,
Read in context
- 4अर्थात एक अविनाशी और निर्मल, और अजर मीरास के लिये।
- 5जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी है, जिन की रक्षा परमेश्वर की सामर्थ से, विश्वास के द्वारा उस उद्धार के लिये, जो आने वाले समय में प्रगट होने वाली है, की जाती है।
- 6और इस कारण तुम मगन होते हो, यद्यपि अवश्य है कि अब कुछ दिन तक नाना प्रकार की परीक्षाओं के कारण उदास हो।
- 7और यह इसलिये है कि तुम्हारा परखा हुआ विश्वास, जो आग से ताए हुए नाशमान सोने से भी कहीं, अधिक बहुमूल्य है, यीशु मसीह के प्रगट होने पर प्रशंसा, और महिमा, और आदर का कारण ठहरे।
- 8उस से तुम बिन देखे प्रेम रखते हो, और अब तो उस पर बिन देखे भी विश्वास करके ऐसे आनन्दित और मगन होते हो, जो वर्णन से बाहर और महिमा से भरा हुआ है।
Cross references
- James 1:2 याकूब 1:2हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो
- 1 Peter 5:10 1 पतरस 5:10अब परमेश्वर जो सारे अनुग्रह का दाता है, जिस ने तुम्हें मसीह में अपनी अनन्त महिमा के लिये बुलाया, तुम्हारे थोड़ी देर तक दुख उठाने के बाद आप ही तुम्हें सिद्ध और स्थिर और बलवन्त करेगा।
- Romans 12:12 रोमियों 12:12आशा मे आनन्दित रहो; क्लेश मे स्थिर रहो; प्रार्थना मे नित्य लगे रहो।
- Romans 5:2 रोमियों 5:2जिस के द्वारा विश्वास के कारण उस अनुग्रह तक, जिस में हम बने हैं, हमारी पहुंच भी हुई, और परमेश्वर की महिमा की आशा पर घमण्ड करें।
- Matthew 5:12 मत्ती 5:12तुम पृथ्वी के नमक हो; परन्तु यदि नमक का स्वाद बिगड़ जाए, तो वह फिर किस वस्तु से नमकीन किया जाएगा?
- John 16:33 यूहन्ना 16:33मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्ति मिले; संसार में तुम्हें क्लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीत लिया है।।
- Isaiah 61:3 यशायाह 61:3और सिरयोन के विलाप करनेवालों के सिर पर की राख दूर करके सुन्दर पगड़ी बान्ध दूं, कि उनका विलाप दूर करके हर्ष का तेल लगाऊं और उनकी उदासी हटाकर यश का ओढ़ना ओढ़ाऊं; जिस से वे धर्म के बांजवृक्ष और यहोवा के लगाए हुए कहलाएं और जिस से उसकी महिमा प्रगट हो।
- John 16:22 यूहन्ना 16:22और तुम्हें भी अब तो शोक है, परन्तु मैं तुम से फिर मिलूंगा और तुम्हारे मन में आनन्द होगा; और तुम्हारा आनन्द कोई तुम से छीन न लेगा।
- 1 Peter 4:12–13 1 पतरस 4:12–13हे प्रियों, जो दुख रूपी अग्नि तुम्हारे परखने के लिये तुम में भड़की है, इस से यह समझकर अचम्भा न करो कि कोई अनोखी बात तुम पर बीत रही है। पर जैसे जैसे मसीह के दुखों में सहभागी होते हो, आनन्द करो, जिस से उसकी महिमा के प्रगट होते समय भी तुम आनन्दित और मगन हो।
- Psalm 34:19 भजन संहिता 34:19धर्मी पर बहुत सी विपत्तियां पड़ती तो हैं, परन्त यहोवा उसको उन सब से मुक्त करता है।
- Psalm 119:28 भजन संहिता 119:28मेरा जीवन उदासी के मारे गल चला है; तू अपने वचन के अनुसार मुझे सम्भल!
- Matthew 11:28 मत्ती 11:28हे सब परिश्रम करनेवालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा।