1 Peter · chapter 2 · verse 18
1 Peter 2:18 in Hindi
हे सेवकों, हर प्रकार के भय के साथ अपने स्वामियों के आधीन रहो, न केवल भलों और नम्रों के, पर कुटिलों के भी।
He sevakom, har prakaar ke bhay ke saath apane svaamiyom ke aadheen raho, na keval bhalom aur namrom ke, par kutilom ke bhee.
1 Peter 2:18 in English
- King James Version (KJV)
- Servants, [be] subject to [your] masters with all fear; not only to the good and gentle, but also to the froward.
- World English Bible (WEB)
- Servants, be in subjection to your masters with all respect, not only to the good and gentle, but also to the wicked.
- American Standard Version (ASV)
- Servants, [be] in subjection to your masters with all fear; not only to the good and gentle, but also to the froward.
- Bible in Basic English (BBE)
- Servants, take orders from your masters with all respect; not only if they are good and gentle, but even if they are bad-humoured.
- Darby Translation (DBY)
- Servants, [be] subject with all fear to your masters, not only to the good and gentle, but also to the ill-tempered.
- Webster's Bible (WBS)
- Servants, [be] subject to [your] masters with all fear; not only to the good and gentle, but also to the froward.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The domestics! be subjecting yourselves in all fear to the masters, not only to the good and gentle, but also to the cross;
Read in context
- 16और अपने आप को स्वतंत्रा जानो पर अपनी इस स्वतंत्राता को बुराई के लिये आड़ न बनाओ, परन्तु अपने आप को परमेश्वर के दास समझकर चलो।
- 17सब का आदर करो, भाइयों से प्रेम रखो, परमेश्वर से डरो, राजा का सम्मान करो।।
- 18हे सेवकों, हर प्रकार के भय के साथ अपने स्वामियों के आधीन रहो, न केवल भलों और नम्रों के, पर कुटिलों के भी।
- 19क्योंकि यदि कोई परमेश्वर का विचार करके अन्याय से दुख उठाता हुआ क्लेश सहता है, तो यह सुहावना है।
- 20क्योंकि यदि तुम ने अपराध करके घूसे खाए और धीरज धरा, तो उस में क्या बड़ाई की बात है? पर यदि भला काम करके दुख उठाते हो और धीरज धरते हो, तो यह परमेश्वर को भाता है।
Cross references
- Titus 2:9–10 तीतुस 2:9–10दासों को समझा, कि अपने अपने स्वामी के आधीन रहें, और सब बातों में उन्हें प्रसन्न रखें, और उलटकर जवाब न दें। चोरी चालाकी न करें; पर सब प्रकार से पूरे विश्वासी निकलें, कि वे सब बातों में हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर के उपदेश की शोभा दें।
- Ephesians 6:5–7 इफिसियों 6:5–7हे दासो, जो लोग शरीर के अनुसार तुम्हारे स्वामी हैं, अपने मन की सीधाई से डरते, और कांपते हुए, जैसे मसीह की, वैसे ही उन की भी आज्ञा मानो। और मनुष्यों को प्रसन्न करनेवालों की नाई दिखाने के लिये सेवा न करो, पर मसीह के दासों की नाई मन से परमेश्वर की इच्छा पर चलो। और उस सेवा को मनुष्यों की नहीं, परन्तु प्रभु की जानकर सुइच्छा से करो।
- Colossians 3:22–25 कुलुस्सियों 3:22–25हे सेवको, जो शरीर के अनुसार तुम्हारे स्वामी हैं, सब बातों में उन की आज्ञा का पालन करो, मनुष्यों को प्रसन्न करनेवालों की नाईं दिखाने के लिये नहीं, परन्तु मन की सीधाई और परमेश्वर के भय से। और जो कुछ तुम करते हो, तन मन से करो, यह समझकर कि मनुष्यों के लिये नहीं परन्तु प्रभु के लिये करते हो। क्योंकि तुम जानते हो कि तुम्हें इस के बदले प्रभु से मीरास मिलेगी: तुम प्रभु मसीह की सेवा करते हो। क्योंकि जो बुरा करता है, वह अपनी बुराई का फल पाएगा; वहां किसी का पक्षपात नहीं।
- 1 Timothy 6:1–3 1 तीमुथियुस 6:1–3जितने दास जूए के नीचे हैं, वे अपने अपने स्वामी को बड़े आदर के योग्य जानें, ताकि परमेश्वर के नाम और उपदेश की निन्दा न हो। और जिन के स्वामी विश्वासी हैं, इन्हें वे भाई होने के कारण तुच्छ न जानें; बरन उन की और भी सेवा करें, क्योंकि इस से लाभ उठाने वाले विश्वासी और प्रेमी हैं: इन बातों का उपदेश किया कर और समझाता रह।। यदि कोई और ही प्रकार का उपदेश देना है; और खरी बातों को, अर्थात् हमारे प्रभु यीशु मसीह की बातों को और उस उपदेश को नहीं मानता, जो भक्ति के अनुसार है।
- Proverbs 3:32 नीतिवचन 3:32क्योंकि यहोवा कुटिल से घृणा करता है, परन्तु वह अपना भेद सीधे लोगों पर खोलता है।।
- James 3:17 याकूब 3:17पर जो ज्ञान ऊपर से आता है वह पहिले तो पवित्रा होता है फिर मिलनसार, कोमल और मृदुभाव और दया, और अच्छे फलों से लदा हुआ और पक्षपात और कपट रहित होता है।
- Psalm 101:4 भजन संहिता 101:4टेढ़ा स्वभाव मुझ से दूर रहेगा; मैं बुराई को जानूंगा भी नहीं।।
- Proverbs 8:13 नीतिवचन 8:13यहोवा का भय मानना बुराई से बैर रखना है। घमण्ड, अंहकार, और बुरी चाल से, और उलट फेर की बात से भी मैं बैर रखती हूं।
- Galatians 5:22 गलातियों 5:22पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज,
- Titus 3:2 तीतुस 3:2किसी को बदनाम न करें; झगडालू न हों: पर कोमल स्वभाव के हों, और सब मनुष्यों के साथ बड़ी नम्रता के साथ रहें।
- Proverbs 11:20 नीतिवचन 11:20जो मन के टेढ़े है, उन से यहोवा को घृणा आती है, परन्तु वह खरी चालवालों से प्रसन्न रहता है।
- 2 Corinthians 10:1 2 कुरिन्थियों 10:1मैं वही पौलुस जो तुम्हारे साम्हने दीन हूं, परन्तु पीठ पीछे तुम्हारी ओर साहस करता हूं; तुम को मसीह की नम्रता, और कोमलता के कारण समझाता हूं।
Original words (Greek)
- Servants · G3610οἰκέτης oikétēs
- subject · G5293ὑποτάσσω hypotássō
- to · G1203δεσπότης despótēs
- masters · G1203δεσπότης despótēs
- with · G1722ἐν en
- all · G3956πᾶς pâs
- fear · G5401φόβος phóbos
- not · G3756οὐ ou
- only · G3440μόνον mónon
- good · G18ἀγαθός agathós
- and · G2532καί kaí
- gentle · G1933ἐπιεικής epieikḗs
- but · G235ἀλλά allá
- also · G2532καί kaí
- froward · G4646σκολιός skoliós