Titus · chapter 3 · verse 2
Titus 3:2 in Hindi
किसी को बदनाम न करें; झगडालू न हों: पर कोमल स्वभाव के हों, और सब मनुष्यों के साथ बड़ी नम्रता के साथ रहें।
Kisee ko badanaam na karem; jhagadaaloo na hom: par komal svabhaav ke hom, aur sab manushyom ke saath badee namrataa ke saath rahen.
Titus 3:2 in English
- King James Version (KJV)
- To speak evil of no man, to be no brawlers, [but] gentle, shewing all meekness unto all men.
- World English Bible (WEB)
- to speak evil of no one, not to be contentious, to be gentle, showing all humility toward all men.
- American Standard Version (ASV)
- to speak evil of no man, not to be contentious, to be gentle, showing all meekness toward all men.
- Bible in Basic English (BBE)
- To say no evil of any man, not to be fighters, to give way to others, to be gentle in behaviour to all men.
- Darby Translation (DBY)
- to speak evil of no one, not to be contentious, [to be] mild, shewing all meekness towards all men.
- Webster's Bible (WBS)
- To speak evil of no man, to be no brawlers, [but] gentle, showing all meekness to all men.
- Young's Literal Translation (YLT)
- of no one to speak evil, not to be quarrelsome — gentle, showing all meekness to all men,
Read in context
- 1लोगों को सुधि दिला, कि हाकिमों और अधिकारियों के आधीन रहें, और उन की आज्ञा मानें, और हर एक अच्छे काम के लिये तैयार रह।
- 2किसी को बदनाम न करें; झगडालू न हों: पर कोमल स्वभाव के हों, और सब मनुष्यों के साथ बड़ी नम्रता के साथ रहें।
- 3क्योंकि हम भी पहिले, निर्बुद्धि, और आज्ञा न माननेवाले, और भ्रम में पड़े हुए, और रंग रंग के अभिलाषाओं और सुखविलास के दासत्व में थे, और बैरभाव, और डाह करने में जीवन निर्वाह करते थे, और घृणित थे, और एक दूसरे से बैर रखते थे।
- 4पर जब हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर की कृपा, और मनुष्यों पर उसकी प्रीति प्रगट हुई।
Cross references
- Ephesians 4:31 इफिसियों 4:31सब प्रकार की कड़वाहट और प्रकोप और क्रोध, और कलह, और निन्दा सब बैरभाव समेत तुम से दूर की जाए।
- 2 Timothy 2:24–25 2 तीमुथियुस 2:24–25और प्रभु के दास को झगड़ालू होना न चाहिए, पर सब के साथ कोमल और शिक्षा में निपुण, और सहनशील हो। और विरोधियों को नम्रता से समझाए, क्या जाने परमेश्वर उन्हें मन फिराव का मन दे, कि वे भी सत्य को पहिचानें।
- Colossians 3:12–13 कुलुस्सियों 3:12–13इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्रा और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो।
- Ephesians 4:2 इफिसियों 4:2अर्थात् सारी दीनता और नम्रता सहित, और धीरज धरकर प्रेम से एक दूसरे को सह लो।
- 1 Timothy 3:3 1 तीमुथियुस 3:3पियक्कड़ या मारपीट करनेवाला न हो; बरन कोमल हो, और न झगड़ालू, और न लोभी हो।
- 1 Peter 3:10 1 पतरस 3:10क्योंकि जो कोई जीवन की इच्छा रखता है, और अच्छे दिन देखना चाहता है, वह अपनी जीभ को बुराई से, और अपने होंठों को छल की बातें करने से रोके रहे।
- 1 Peter 3:8 1 पतरस 3:8निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखनेवाले, और करूणामय, और नम्र बनो।
- Galatians 5:22 गलातियों 5:22पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज,
- Matthew 11:29 मत्ती 11:29मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो; और मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दी हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे।
- 1 Peter 2:17–18 1 पतरस 2:17–18सब का आदर करो, भाइयों से प्रेम रखो, परमेश्वर से डरो, राजा का सम्मान करो।। हे सेवकों, हर प्रकार के भय के साथ अपने स्वामियों के आधीन रहो, न केवल भलों और नम्रों के, पर कुटिलों के भी।
- Galatians 6:10 गलातियों 6:10इसलिये जहां तक अवसर मिले हम सब के साथ भलाई करें; विशेष करके विश्वासी भाइयों के साथ।।
- 1 Peter 2:1 1 पतरस 2:1इसलिये सब प्रकार का बैरभाव और छल और कपट और डाह और बदनामी को दूर करके।