1 Peter · chapter 2 · verse 20
1 Peter 2:20 in Hindi
क्योंकि यदि तुम ने अपराध करके घूसे खाए और धीरज धरा, तो उस में क्या बड़ाई की बात है? पर यदि भला काम करके दुख उठाते हो और धीरज धरते हो, तो यह परमेश्वर को भाता है।
Kyonki yadi tum ne aparaadh karake ghoose khaae aur dheeraj dharaa, to us mem kyaa badaaee kee baat hai? Par yadi bhalaa kaam karake dukh uthaate ho aur dheeraj dharate ho, to yah parameshvar ko bhaataa hai.
1 Peter 2:20 in English
- King James Version (KJV)
- For what glory [is it], if, when ye be buffeted for your faults, ye shall take it patiently? but if, when ye do well, and suffer [for it], ye take it patiently, this [is] acceptable with God.
- World English Bible (WEB)
- For what glory is it if, when you sin, you patiently endure beating? But if when you do well, you patiently endure suffering, this is commendable with God.
- American Standard Version (ASV)
- For what glory is it, if, when ye sin, and are buffeted [for it], ye shall take it patiently? but if, when ye do well, and suffer [for it], ye shall take it patiently, this is acceptable with God.
- Bible in Basic English (BBE)
- What credit is it if, when you have done evil, you take your punishment quietly? but if you are given punishment for doing right, and take it quietly, this is pleasing to God.
- Darby Translation (DBY)
- For what glory [is it], if sinning and being buffeted ye shall bear [it]? but if, doing good and suffering, ye shall bear [it], this is acceptable with God.
- Webster's Bible (WBS)
- For what glory [is it] , if, when ye are buffeted for your faults, ye bear it patiently? but if, when ye do well, and suffer [for it] , ye bear it patiently, this [is] acceptable with God.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for what renown [is it], if sinning and being buffeted, ye do endure [it]? but if, doing good and suffering [for it], ye do endure, this [is] gracious with God,
Read in context
- 18हे सेवकों, हर प्रकार के भय के साथ अपने स्वामियों के आधीन रहो, न केवल भलों और नम्रों के, पर कुटिलों के भी।
- 19क्योंकि यदि कोई परमेश्वर का विचार करके अन्याय से दुख उठाता हुआ क्लेश सहता है, तो यह सुहावना है।
- 20क्योंकि यदि तुम ने अपराध करके घूसे खाए और धीरज धरा, तो उस में क्या बड़ाई की बात है? पर यदि भला काम करके दुख उठाते हो और धीरज धरते हो, तो यह परमेश्वर को भाता है।
- 21और तुम इसी के लिये बुलाए भी गए हो क्योंकि मसीह भी तुम्हारे लिये दुख उठाकर, तुम्हें एक आदर्श दे गया है, कि तुम भी उसके चिन्ह पर चलो।
- 22न तो उस ने पाप किया, और न उसके मुंह से छल की कोई बात निकली।
Cross references
- 1 Peter 2:19 1 पतरस 2:19क्योंकि यदि कोई परमेश्वर का विचार करके अन्याय से दुख उठाता हुआ क्लेश सहता है, तो यह सुहावना है।
- 1 Peter 3:17 1 पतरस 3:17क्योंकि यदि परमेश्वर की यही इच्छा हो, कि तुम भलाई करने के कारण दुख उठाओ, तो यह बुराई करने के कारण दुख उठाने से उत्तम है।
- Matthew 5:10–12 मत्ती 5:10–12धन्य हो तुम, जब मनुष्य मेरे कारण झूठ बोल बोलकर तुम्हरो विरोध में सब प्रकार की बुरी बात कहें। आनन्दित और मगन होना क्योंकि तुम्हारे लिये स्वर्ग में बड़ा फल है इसलिये कि उन्हों ने उन भविष्यद्वक्ताओं को जो तुम से पहिले थे इसी रीति से सताया था।। तुम पृथ्वी के नमक हो; परन्तु यदि नमक का स्वाद बिगड़ जाए, तो वह फिर किस वस्तु से नमकीन किया जाएगा?
- 1 Peter 4:14–16 1 पतरस 4:14–16फिर यदि मसीह के नाम के लिये तुम्हारी निन्दा की जाती है, तो धन्य हो; क्योंकि महिमा का आत्मा, जो परमेश्वर का आत्मा है, तुम पर छाया करता है। तुम में से कोई व्यक्ति हत्यारा या चोर, या कुकर्मी होने, या पराए काम में हाथ डालने के कारण दुख न पाए। पर यदि मसीही होने के कारण दुख पाए, तो लज्जित न हो, पर इस बात के लिये परमेश्वर की महिमा करे।
- Luke 6:32 लूका 6:32यदि तुम अपने प्रेम रखनेवालों के साथ प्रेम रखो, तो तुम्हारी क्या बड़ाई? क्योंकि पापी भी अपने प्रेम रखनेवालों के साथ प्रेम रखते हैं।
- 1 Peter 3:14 1 पतरस 3:14और यदि तुम धर्म के कारण दुख भी उठाओ, तो धन्य हो; पर उन के डराने से मत डरो, और न घबराओ।
- Ephesians 5:10 इफिसियों 5:10और यह परखो, कि प्रभु को क्या भाता है?
- Matthew 5:47 मत्ती 5:47और यदि तुम केवल अपने भाइयों की को नमस्कार करो, तो कौन सा बड़ा काम करते हो? क्या अन्यजाति भी ऐसा नहीं करते?
- Matthew 26:67 मत्ती 26:67तब उन्हों ने उस से मुंह पर थूका, और उसे घूंसे मारे, औरों ने थप्पड़ मार के कहा।
- Mark 14:65 मरकुस 14:65तब कोई तो उस पर थूकने, और कोई उसका मुंह ढांपने और उसे घूसे मारने, और उस से कहने लगे, कि भविष्यद्वाणी कर: और प्यादों ने उसे लेकर थप्पड़ मारे।।
- 1 Corinthians 4:11 1 कुरिन्थियों 4:11हम इस घड़ी तक भूखे- प्यासे और नंगे हैं, और घूसे खाते हैं और मारे मारे फिरते हैं; और अपने ही हाथों के काम करके परिश्रम करते हैं।
Original words (Greek)
- For · G1063γάρ gár
- what · G4169ποῖος poîos
- glory · G2811κλέος kléos
- if · G1487εἰ ei
- when · G2532καί kaí
- buffeted · G2852κολαφίζω kolaphízō
- faults · G264ἁμαρτάνω hamartánō
- patiently · G5278ὑπομένω hypoménō
- but · G235ἀλλά allá
- if · G1487εἰ ei
- well · G15ἀγαθοποιέω agathopoiéō
- and · G2532καί kaí
- suffer · G3958πάσχω páschō
- patiently · G5278ὑπομένω hypoménō
- this · G5124τοῦτο toûto
- acceptable · G5485χάρις cháris
- with · G3844παρά pará
- God · G2316θεός theós