1 Peter · chapter 2 · verse 23
1 Peter 2:23 in Hindi
वह गाली सुनकर गाली नहीं देता था, और दुख उठाकर किसी को भी धमकी नहीं देता था, पर अपने आप को सच्चे न्यायी के हाथ में सौपता था।
Vah gaalee sunakar gaalee naheem detaa thaa, aur dukh uthaakar kisee ko bhee dhamakee naheem detaa thaa, par apane aap ko sachche nyaayee ke haath mem saupataa thaa.
1 Peter 2:23 in English
- King James Version (KJV)
- Who, when he was reviled, reviled not again; when he suffered, he threatened not; but committed [himself] to him that judgeth righteously:
- World English Bible (WEB)
- When he was cursed, he didn’t curse back. When he suffered, he didn’t threaten, but committed himself to him who judges righteously.
- American Standard Version (ASV)
- who, when he was reviled, reviled not again; when he suffered, threatened not; but committed [himself] to him that judgeth righteously:
- Bible in Basic English (BBE)
- To sharp words he gave no sharp answer; when he was undergoing pain, no angry word came from his lips; but he put himself into the hands of the judge of righteousness:
- Darby Translation (DBY)
- who, [when] reviled, reviled not again; [when] suffering, threatened not; but gave [himself] over into the hands of him who judges righteously;
- Webster's Bible (WBS)
- Who, when he was reviled, reviled not again; when he suffered, he threatened not; but committed [himself] to him that judgeth righteously:
- Young's Literal Translation (YLT)
- who being reviled — was not reviling again, suffering — was not threatening, and was committing himself to Him who is judging righteously,
Read in context
- 21और तुम इसी के लिये बुलाए भी गए हो क्योंकि मसीह भी तुम्हारे लिये दुख उठाकर, तुम्हें एक आदर्श दे गया है, कि तुम भी उसके चिन्ह पर चलो।
- 22न तो उस ने पाप किया, और न उसके मुंह से छल की कोई बात निकली।
- 23वह गाली सुनकर गाली नहीं देता था, और दुख उठाकर किसी को भी धमकी नहीं देता था, पर अपने आप को सच्चे न्यायी के हाथ में सौपता था।
- 24वह आप ही हमारे पापों को अपनी देह पर लिए हुए क्रूस पर चढ़ गया जिस से हम पापों के लिये मर करके धार्मिकता के लिये जीवन बिताएं: उसी के मार खाने से तुम चंगे हुए।
- 25क्योंकि तुम पहिले भटकी हुई भेड़ों की नाईं थे, पर अब अपने प्राणों के रखवाले और अध्यक्ष के पास फिर आ गए हो।
Cross references
- Isaiah 53:7 यशायाह 53:7वह सताया गया, तौभी वह सहता रहा और अपना मुंह न खोला; जिस प्रकार भेड़ वध होने के समय वा भेड़ी ऊन कतरने के समय चुपचाप शान्त रहती है, वैसे ही उस ने भी अपना मुंह न खोला।
- 1 Peter 4:19 1 पतरस 4:19इसलिये जो परमेश्वर की इच्छा के अनुसार दुख उठाते हैं, वे भलाई करते हुए, अपने अपने प्राण को विश्वासयोग्य सृजनहार के हाथ में सौंप दें।।
- Hebrews 12:3 इब्रानियों 12:3इसलिये उस पर ध्यान करो, जिस ने अपने विरोध में पापियों का इतना वाद- विवाद सह लिया कि तुम निराश होकर हियाव न छोड़ दो।
- Psalm 37:5 भजन संहिता 37:5अपने मार्ग की चिन्ता यहोवा पर छोड़; और उस पर भरोसा रख, वही पूरा करेगा।
- Acts 4:29 प्रेरितों के काम 4:29अब, हे प्रभु, उन की धमकियों को देख; और अपने दासों को यह बरदान दे, कि तेरा वचन बड़े हियाव से सुनाएं।
- 1 Peter 3:9 1 पतरस 3:9बुराई के बदले बुराई मत करो; और न गाली के बदले गाली दो; पर इस के विपरीत आशीष ही दो: क्योंकि तुम आशीष के वारिस होने के लिये बुलाए गए हो।
- Psalm 31:5 भजन संहिता 31:5मैं अपनी आत्मा को तेरे ही हाथ में सौंप देता हूं; हे यहोवा, हे सत्यवादी ईश्वर, तू ने मुझे मोल लेकर मुक्त किया है।।
- 2 Timothy 1:12 2 तीमुथियुस 1:12इस कारण मैं इन दुखों को भी उठाता हूं, पर लजाता नहीं, क्योंकि मैं उसे जिस की मैं ने प्रतीति की है, जानता हूं; और मुझे निश्चय है, कि वह मेरी थाती की उस दिन तक रखवाली कर सकता है।
- Acts 8:32–35 प्रेरितों के काम 8:32–35पवित्रा शास्त्रा का जो अध्याय वह पढ़ रहा था, वह यह था; कि वह भेड़ की नाईं वध होने को पहुंचाया गया, और जैसा मेम्ना अपने ऊन कतरनेवालों के साम्हने चुपचाप रहता है, वैसे ही उस ने भी अपना मुंह न खोला। उस की दीनता में उसका न्याय होने नहीं पाया, और उसके समय के लोगों का वर्णन कौन करेगा, क्योंकि पृथ्वी से उसका प्राण उठाया जाता है। इस पर खोजे ने फिलिप्पुस से पूछा; मैं तुझ से बिनती करता हूं, यह बता कि भविष्यद्वक्ता यह किस विषय में कहता है, अपने या किसी दूसरे के विषय में। तब फिलिप्पुस ने अपना मुंह खोला, और इसी शास्त्रा से आरम्भ करके उसे यीशु का सुसमाचार सुनाया।
- 2 Timothy 4:8 2 तीमुथियुस 4:8भविष्य में मेरे लिये धर्म का वह मुकुट रखा हुआ है, जिसे प्रभु, जो धर्मी, और न्यायी है, मुझे उस दिन देगा और मुझे ही नहीं, बरन उन सब को भी, जो उसके प्रगट होने को प्रिय जानते हैं।।
- Luke 23:46 लूका 23:46और यीशु ने बड़े शब्द से पुकार कर कहा; हे पिता, मैं अपनी आत्मा तेरे हाथों में सौंपता हूं: और यह कहकर प्राण छोड़ दिए।
- Psalm 10:14 भजन संहिता 10:14परमेश्वर को दुष्ट क्यों तुच्छ जानता है, और अपने मन में कहता है कि तू लेखा न लेगा?
Original words (Greek)
- Who · G3739ὅς hós
- reviled · G3058λοιδορέω loidoréō
- reviled · G486ἀντιλοιδορέω antiloidoréō
- not · G3756οὐ ou
- again · G486ἀντιλοιδορέω antiloidoréō
- suffered · G3958πάσχω páschō
- threatened · G546ἀπειλέω apeiléō
- not · G3756οὐ ou
- but · G1161δέ dé
- committed · G3860παραδίδωμι paradídōmi
- judgeth · G2919κρίνω krínō
- righteously · G1346δικαίως dikaíōs