Acts · chapter 4 · verse 29
Acts 4:29 in Hindi
अब, हे प्रभु, उन की धमकियों को देख; और अपने दासों को यह बरदान दे, कि तेरा वचन बड़े हियाव से सुनाएं।
Ab, he prabhu, un kee dhamakiyom ko dekh; aur apane daasom ko yah baradaan de, ki teraa vachan bade hiyaav se sunaaen.
Acts 4:29 in English
- King James Version (KJV)
- And now, Lord, behold their threatenings: and grant unto thy servants, that with all boldness they may speak thy word,
- World English Bible (WEB)
- Now, Lord, look at their threats, and grant to your servants to speak your word with all boldness,
- American Standard Version (ASV)
- And now, Lord, look upon their threatenings: and grant unto thy servants to speak thy word with all boldness,
- Bible in Basic English (BBE)
- And now, Lord, take note of their cruel words, and give your servants power to be preachers of your word without fear,
- Darby Translation (DBY)
- And now, Lord, look upon their threatenings, and give to thy bondmen with all boldness to speak thy word,
- Webster's Bible (WBS)
- And now, Lord, behold their threatenings: and grant to thy servants, that with all boldness they may speak thy word,
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And now, Lord, look upon their threatenings, and grant to Thy servants with all freedom to speak Thy word,
Read in context
- 27क्योंकि सचमुच तेरे सेवक यीशु के विरोध में, जिस तू ने अभिषेक किया, हेरोदेस और पुन्तियुस पीलातुस भी अन्य जातियों और इस्त्राएलियों के साथ इस नगर में इकट्ठे हुए।
- 28कि जो कुछ पहिले से तेरी सामर्थ और मति से ठहरा था वही करें।
- 29अब, हे प्रभु, उन की धमकियों को देख; और अपने दासों को यह बरदान दे, कि तेरा वचन बड़े हियाव से सुनाएं।
- 30और चंगा करने के लिये तू अपना हाथ बढ़ा; कि चिन्ह और अद्भुत काम तेरे पवित्रा सेवक यीशु के नाम से किए जाएं।
- 31जब वे प्रार्थना कर चुके, तो वह स्थान जहां वे इकट्ठे थे हिल गया, और वे सब पवित्रा आत्मा से परिपूर्ण हो गए, और परमेश्वर का वचन हियाव से सुनाते रहे।।
Cross references
- Acts 4:13 प्रेरितों के काम 4:13जब उन्हों ने पतरस और यूहन्ना का हियाव देखा, ओर यह जाना कि ये अनपढ़ और साधारण मनुष्य हैं, तो अचम्भा किया; फिर उन को पहचाना, कि ये यीशु के साथ रहे हैं।
- Acts 14:3 प्रेरितों के काम 14:3और वे बहुत दिन तक वहां रहे, और प्रभु के भरोसे पर हियाव से बातें करते थे: और वह उन के हाथों से चिन्ह और अद्भुत काम करवाकर अपने अनुग्रह के वचन पर गवाही देता था।
- Philippians 1:14 फिलिप्पियों 1:14और प्रभु में जो भाई हैं, उन में से बहुधा मेरे कैद होने के कारण, हियाव बान्ध कर, परमेश्वर का वचन निधड़क सुनाने का और भी हियाव करते हैं।
- Acts 28:31 प्रेरितों के काम 28:31और जो उसके पास आते थे, उन सब से मिलता रहा और बिना रोक टोक बहुत निडर होकर परमेश्वर के राज्य का प्रचार करता और प्रभु यीशु मसीह की बातें सिखाता रहा।।
- 2 Timothy 4:17 2 तीमुथियुस 4:17परन्तु प्रभु मेरा सहायक रहा, और मुझे सामर्थ दी: ताकि मेरे द्वारा पूरा पूरा प्रचार हो, और सब अन्यजाति सुन ले; और मैं तो सिंह के मुंह से छुड़ाया गया।
- Acts 4:31 प्रेरितों के काम 4:31जब वे प्रार्थना कर चुके, तो वह स्थान जहां वे इकट्ठे थे हिल गया, और वे सब पवित्रा आत्मा से परिपूर्ण हो गए, और परमेश्वर का वचन हियाव से सुनाते रहे।।
- Acts 9:27 प्रेरितों के काम 9:27परन्तु बरनबा उसे अपने साथ प्रेरितों के पास ले जाकर उन से कहा, कि इस ने किस रीति से मार्ग में प्रभु को देखा, और इस ने इस से बातें कीं; फिर दमिश्क में इस ने कैसे हियाव से यीशु के नाम का प्रचार किया।
- Acts 13:46 प्रेरितों के काम 13:46तब पोलुस और बरनबास ने निडर होकर कहा, अवश्य था, कि परमेश्वर का वचन पहिले तुम्हें सुनाया जाता: परन्तु जब कि तुम उसे दूर करते हो, और अपने को अनन्त जीवन के योग्य नहीं ठहराते, तो देखो, हम अन्यजातियों की ओर फिरते हैं।
- Acts 4:17–18 प्रेरितों के काम 4:17–18परन्तु इसलिये कि यह बात लोगों में और अधिक फैल न जाए, हम उन्हें धमकाएं, कि वे इस नाम से फिर किसी मनुष्य से बातें न करें। तब उन्हें बुलाया और चितौनी देकर यह कहा, कि यीशु के नाम से कुछ भी न बोलना और न सिखलाना।
- Acts 19:8 प्रेरितों के काम 19:8और वह आराधनालय में जाकर तीन महीने तक निडर होकर बोलता रहा, और परमेश्वर के राज्य के विषय में विवाद करता और समझाता रहा।
- Ephesians 6:18–20 इफिसियों 6:18–20और हर समय और हर प्रकार से आत्मा में प्रार्थना, और बिनती करते रहो, और इसी लिये जागते रहो, कि सब पवित्रा लोगों के लिये लगातार बिनती किया करो। और मेरे लिये भी, कि मुझे बोलने के समय ऐसा प्रबल वचन दिया जाए, कि मैं हियाव से सुसमाचार का भेद बता सकूं जिस के लिये मैं जंजीर से जकड़ा हुआ राजदूत हूं। और यह भी कि मैं उस के विषय में जैसा मुझे चाहिए हियाव से बोलूं।।
- 2 Timothy 1:7–8 2 तीमुथियुस 1:7–8क्योंकि परमेश्वर ने हमें भय की नहीं पर सामर्थ, और प्रेम, और संयम की आत्मा दी है। इसलिये हमारे प्रभु की गवाही से, और मुझ से जो उसका कैदी हूं, लज्जित न हो, पर उस परमेश्वर की सामर्थ के अनुसार सुसमाचार के लिये मेरे साथ दुख उठा।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- now · G3568νῦν nŷn
- Lord · G2962κύριος kýrios
- behold · G1896ἐπεῖδον epeîdon
- their · G846αὐτός autós
- threatenings · G547ἀπειλή apeilḗ
- and · G2532καί kaí
- grant · G1325δίδωμι dídōmi
- unto · G1401δοῦλος doûlos
- thy · G4675σοῦ soû
- servants · G1401δοῦλος doûlos
- with · G3326μετά metá
- all · G3956πᾶς pâs
- boldness · G3954παῤῥησία parrhēsía
- speak · G2980λαλέω laléō
- thy · G4675σοῦ soû
- word · G3056λόγος lógos