1 Samuel · chapter 1 · verse 16
1 Samuel 1:16 in Hindi
अपनी दासी को ओछी स्त्री न जान जो कुछ मैं ने अब तक कहा है, वह बहुत ही शोकित होने और चिढ़ाई जाने के कारण कहा है।
Apanee daasee ko ochhee stree na jaan jo kuchh maim ne ab tak kahaa hai, vah bahut hee shokit hone aur chidhaaee jaane ke kaaran kahaa hai.
1 Samuel 1:16 in English
- King James Version (KJV)
- Count not thine handmaid for a daughter of Belial: for out of the abundance of my complaint and grief have I spoken hitherto.
- World English Bible (WEB)
- Don’t consider your servant a wicked woman; for I have been speaking out of the abundance of my complaint and my provocation.”
- American Standard Version (ASV)
- Count not thy handmaid for a wicked woman; for out of the abundance of my complaint and my provocation have I spoken hitherto.
- Bible in Basic English (BBE)
- Do not take your servant to be a good-for-nothing woman: for my words have come from my stored-up sorrow and pain.
- Darby Translation (DBY)
- Take not thy handmaid for a daughter of Belial: for out of the abundance of my grief and provocation have I spoken hitherto.
- Webster's Bible (WBS)
- Count not thy handmaid for a daughter of Belial: for out of the abundance of my complaint and grief have I spoken hitherto.
- Young's Literal Translation (YLT)
- put not thy handmaid before a daughter of worthlessness, for from the abundance of my meditation, and of my provocation, I have spoken hitherto.'
Read in context
- 14तब एली ने उस से कहा, तू कब तक नशे में रहेगी? अपना नशा उतार।
- 15हन्ना ने कहा, नहीं, हे मेरे प्रभु, मैं तो दु:खिया हूं; मैं ने न तो दाखमधु पिया है और न मदिरा, मैं ने अपने मन की बात खोलकर यहोवा से कही है।
- 16अपनी दासी को ओछी स्त्री न जान जो कुछ मैं ने अब तक कहा है, वह बहुत ही शोकित होने और चिढ़ाई जाने के कारण कहा है।
- 17एली ने कहा, कुशल से चली जा; इस्राएल का परमेश्वर तुझे मन चाहा वर दे।
- 18उसे ने कहा, तेरी दासी तेरी दृष्टि में अनुग्रह पाए। तब वह स्त्री चली गई और खाना खाया, और उसका मुंह फिर उदास न रहा।
Cross references
- 1 Samuel 2:12 1 शमूएल 2:12एली के पुत्रा तो लुच्चे थे; उन्हों ने यहोवा को न पहिचाना।
- Matthew 12:34–35 मत्ती 12:34–35हे सांप के बच्चों, तुम बुरे होकर क्योंकर अच्छी बातें कह सकते हो? क्योंकि जो मन में भरा है, वही मुंह पर आता है। भला, मनुष्य मन के भले भण्डार से भली बातें निकालता है; और बुरा मनुष्य बुरे भण्डार से बुरी बातें निकालता है।
- Deuteronomy 13:13 व्यवस्थाविवरण 13:13कि कितने अधम पुरूषों ने तेरे ही बीच में से निकलकर अपने नगर के निवासियों को यह कहकर बहका दिया है, कि आओ हम और देवताओं की जिन से अब तक अनजान रहे उपासना करें,
- Job 10:1–2 अय्यूब 10:1–2मेरा प्राण जीवित रहने से उकताता है; मैं स्वतंत्राता पूर्वक कुड़कुड़ाऊंगा; और मैं अपने मन की कड़वाहट के मारे बातें करूंगा। मै ईश्वर से कहूंगा, मुझे दोषी न ठहरा; मुझे बता दे, कि तू किस कारण मूझ से मुक़ मा लड़ता है?
- Job 6:2–3 अय्यूब 6:2–3भला होता कि मेरा खेद तौला जाता, और मेरी सारी विपत्ति तुला में धरी जाती! क्योंकि वह समुद्र की बालू से भी भारी ठहरती; इसी कारण मेरी बातें उतावली से हूई हैं।
- 1 Samuel 10:27 1 शमूएल 10:27परन्तु कई लुच्चे लोगों ने कहा, यह जन हमारा क्या उद्धार करेगा? और उन्हों ने उसको तुच्छ जाना, और उसके पास भेंट न लाए। तौभी वह सुनी अनसुनी करके चुप रहा।।
- 1 Samuel 25:25 1 शमूएल 25:25मेरा प्रभु उस दुष्ट नाबाल पर चित्त न लगाए; क्योंकि जैसा उसका नाम है वैसा ही वह आप है; उसका नाम तो नाबाल है, और सचमुच उस में मूढ़ता पाई जाती है; परन्तु मुझ तेरी दासी ने अपने प्रभु के जवानों को जिन्हें तू ने भेजा था न देखा था।