1 Samuel · chapter 1 · verse 8
1 Samuel 1:8 in Hindi
इसलिये उसके पति एल्काना ने उस से कहा, हे हन्ना, तू क्यों रोती है? और खाना क्यों नहीं खाती? और मेरा मन क्यों उदास है? क्या तेरे लिये मैं दस बेटों से भी अच्छा नहीं हूं?
Isaliye usake pati elkaanaa ne us se kahaa, he hannaa, too kyom rotee hai? Aur khaanaa kyom naheem khaatee? Aur meraa man kyom udaas hai? Kyaa tere liye maim das betom se bhee achchhaa naheem hoom?
1 Samuel 1:8 in English
- King James Version (KJV)
- Then said Elkanah her husband to her, Hannah, why weepest thou? and why eatest thou not? and why is thy heart grieved? [am] not I better to thee than ten sons?
- World English Bible (WEB)
- Elkanah her husband said to her, “Hannah, why do you weep? Why don’t you eat? Why is your heart grieved? Am I not better to you than ten sons?”
- American Standard Version (ASV)
- And Elkanah her husband said unto her, Hannah, why weepest thou? and why eatest thou not? and why is thy heart grieved? am not I better to thee than ten sons?
- Bible in Basic English (BBE)
- Then her husband Elkanah said to her, Hannah, why are you weeping? and why are you taking no food? why is your heart troubled? am I not more to you than ten sons?
- Darby Translation (DBY)
- And Elkanah her husband said to her, Hannah, why weepest thou? and why eatest thou not? and why is thy heart grieved? Am not I better to thee than ten sons?
- Webster's Bible (WBS)
- Then said Elkanah her husband to her, Hannah, why weepest thou? and why eatest thou not? and why is thy heart grieved? [am] not I better to thee than ten sons?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Elkanah her husband saith to her, 'Hannah, why weepest thou? and why dost thou not eat? and why is thy heart afflicted? am I not better to thee than ten sons?'
Read in context
- 6परन्तु उसकी सौत इस कारण से, कि यहोवा ने उसकी कोख बन्द कर रखी थी, उसे अत्यन्त चिढ़ाकर कुढ़ाती रहती थीं।
- 7और वह तो प्रति वर्ष ऐसा ही करता था; और जब हन्ना यहोवा के भवन को जाती थी तब पनिन्ना उसको चिढ़ाती थी। इसलिये वह रोती और खाना न खाती थी।
- 8इसलिये उसके पति एल्काना ने उस से कहा, हे हन्ना, तू क्यों रोती है? और खाना क्यों नहीं खाती? और मेरा मन क्यों उदास है? क्या तेरे लिये मैं दस बेटों से भी अच्छा नहीं हूं?
- 9तब शीलो में खाने और पीने के बाद हन्ना उठी। और यहोवा के मन्दिर के चौखट के एक अलंग के पास एली याजक कुर्सी पर बैठा हुआ था।
- 10और यह मन में व्याकुल होकर यहोवा से प्रार्थना करने और बिलख बिलखकर रोने लगी।
Cross references
- Ruth 4:15 रूत 4:15और यह तेरे जी में जी ले आनेवाला और तेरा बुढ़ापे में पालनेवाला हो, क्योंकि तेरी बहू जो तुझ से प्रेम रखती और सात बेटों से भी तेरे लिये श्रेष्ठ है उसी का यह बेटा है।
- Job 6:14 अय्यूब 6:14जो पड़ोसी पर कृपा नहीं करता वह सर्वशक्तिमान का भय मानना छोड़ देता है।
- Isaiah 54:6 यशायाह 54:6क्योंकि यहोवा ने तुझे ऐसा बुलाया है, मानो तू छोड़ी हुई और मन की दुखिया और जवानी की त्यागी हुई स्त्री हो, तेरे परमेश्वर का यही वचन है।
- John 20:15 यूहन्ना 20:15यीशु ने उस से कहा, हे नारी तू क्यों रोती है? जिस को ढूंढ़ती है? उस ने माली समझकर उस से कहा, हे महाराज, यदि तू ने उसे उठा लिया है तो मुझ से कह कि उसे कहां रखा है और मैं उसे ले जाऊंगी।
- 1 Thessalonians 5:14 1 थिस्सलुनीकियों 5:14और हे भाइयों, हम तुम्हें समझाते हैं, कि जो ठीक चाल नहीं चलते, उन को समझाओ, कायरों को ढाढ़स दो, निर्बलों को संभालो, सब की ओर सहनशीलता दिखाओ।
- Psalm 43:4 भजन संहिता 43:4तब मैं परमेश्वर की वेदी के पास जाऊंगा, उस ईश्वर के पास जो मेरे अति आनन्द का कुण्ड है; और हे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर मैं वीणा बजा बजाकर तेरा धन्यवाद करूंगा।।
- John 20:13 यूहन्ना 20:13उन्हों ने उस से कहा, हे नारी, तू क्यों रोती है? उस ने उन से कहा, वे मरे प्रभु को उठा ले गए और मैं नहीं जानती कि उसे कहां रखा है।
- 2 Kings 8:12 2 राजा 8:12तब हजाएल ने पूछा, मेरा प्रभु क्यों रोता है? उस ने उत्तर दिया, इसलिये कि मुझे मालूम है कि नू इस्राएलियों पर क्या क्या उपद्रव करेगा; उनके गढ़वाले तगरों को तू फूंक देगा; उनके जवानों को तू तलवार से घात करेगा, उनके बालबच्चों को तू पटक देगा, और उनकी गर्भवती स्त्रियों को तू चीर डालेगा।
- Isaiah 54:1 यशायाह 54:1हे बांझ तू जो पुत्रहीन है जयजयकार कर; तू जिसे जन्माने की पीड़े नहीं हुई, गला खोल कर जयजयकार कर और पुकार! क्योंकि त्यागी हुई के लड़के सुहागिन के लड़कों से अधिक होंगे, यहोवा का यही वचन है।
- 2 Samuel 12:16–17 2 शमूएल 12:16–17और दाऊद उस लड़के के लिये परमेश्वर से बिनती करने लगा; और उपवास किया, और भीतर जाकर रात भर भूमि पर पड़ा रहा। तब उसके घराने के पुरनिये उठकर उसे भूमि पर से उठाने के लिये उसके पास गए; परन्तु उस ने न चाहा, और उनके संग रोठी न खाई।