1 Thessalonians · chapter 5 · verse 14
1 Thessalonians 5:14 in Hindi
और हे भाइयों, हम तुम्हें समझाते हैं, कि जो ठीक चाल नहीं चलते, उन को समझाओ, कायरों को ढाढ़स दो, निर्बलों को संभालो, सब की ओर सहनशीलता दिखाओ।
Aur he bhaaiyom, ham tumhem samajhaate haim, ki jo theek chaal naheem chalate, un ko samajhaao, kaayarom ko dhaadhas do, nirbalom ko sambhaalo, sab kee or sahanasheelataa dikhaao.
1 Thessalonians 5:14 in English
- King James Version (KJV)
- Now we exhort you, brethren, warn them that are unruly, comfort the feebleminded, support the weak, be patient toward all [men].
- World English Bible (WEB)
- We exhort you, brothers: Admonish the disorderly; encourage the faint-hearted; support the weak; be patient toward all.
- American Standard Version (ASV)
- And we exhort you, brethren, admonish the disorderly, encourage the fainthearted, support the weak, be longsuffering toward all.
- Bible in Basic English (BBE)
- And our desire is that you will keep control over those whose lives are not well ordered, giving comfort to the feeble-hearted, supporting those with little strength, and putting up with much from all.
- Darby Translation (DBY)
- But we exhort you, brethren, admonish the disorderly, comfort the faint-hearted, sustain the weak, be patient towards all.
- Webster's Bible (WBS)
- Now we exhort you, brethren, warn them that are disorderly, comfort the feeble-minded, support the weak, be patient towards all [men] .
- Young's Literal Translation (YLT)
- and we exhort you, brethren, admonish the disorderly, comfort the feeble-minded, support the infirm, be patient unto all;
Read in context
- 12और हे भाइयों, हम तुम से बिनती करते हैं, कि जो तुम में परिश्रम करते हैं, और प्रभु में तुम्हारे अगुवे हैं, और तुम्हें शिक्षा देते हैं, उन्हें मानो।
- 13और उन के काम के कारण प्रेम के साथ उन को बहुत ही आदर के योग्य समझो: आपस में मेल- मिलाप से रहो।
- 14और हे भाइयों, हम तुम्हें समझाते हैं, कि जो ठीक चाल नहीं चलते, उन को समझाओ, कायरों को ढाढ़स दो, निर्बलों को संभालो, सब की ओर सहनशीलता दिखाओ।
- 15सावधान! कोई किसी से बुराई के बदले बुराई न करे; पर सदा भलाई करने पर तत्पर रहो आपस में और सब से भी भलाई ही की चेष्टा करो।
- 16सदा आनन्दित रहो।
Cross references
- 2 Timothy 4:2 2 तीमुथियुस 4:2कि तू वचन को प्रचार कर; समय और असमय तैयार रह, सब प्रकार की सहनशीलता, और शिक्षा के साथ उलाहना दे, और डांट, और समझा।
- Romans 14:1 रोमियों 14:1जो विश्वास के निर्बल है, उसे अपनी संगति में ले लो; परन्तु उसी शंकाओं पर विवाद करने के लिये नहीं।
- Acts 20:35 प्रेरितों के काम 20:35मैं ने तुम्हें सब कुछ करके दिखाया, कि इस रीति से परिश्रम करते हुए निर्बलों को सम्भालना, और प्रभु यीशु की बातें स्मरण रखना अवश्य है, कि उस ने आप ही कहा है; कि लेने से देना धन्य है।।
- 2 Thessalonians 3:6–7 2 थिस्सलुनीकियों 3:6–7हे भाइयों, हम तुम्हें अपने प्रभु यीशु मसीह के नाम से आज्ञा देते हैं; कि हर एक ऐसे भाई से अलग रहो, जो अनुचित चाल चलता, और जो शिक्षा उस ने हम से पाई उसके अनुसार नहीं करता। क्योंकि तुम आप जानते हो, कि किस रीति से हमारी सी चाल चलनी चाहिए; क्योंकि हम तुम्हारे बीच में अनुचित चाल न चले।
- Isaiah 35:3–4 यशायाह 35:3–4ढीले हाथों को दृढ़ करो और थरथराते हुए घुटनों को स्थिर करो। घबरानेवालों से कहो, हियाव बान्धो, मत डरो! देखो, तुम्हारा परमेश्वर पलटा लेने और प्रतिफल देने को आ रहा है। हां, परमेश्वर आकर तुम्हारा उद्धार करेगा।।
- 2 Thessalonians 3:11–13 2 थिस्सलुनीकियों 3:11–13हम सुनते हैं, कि कितने लोग तुम्हारे बीच में अनुचित चाल चलते हैं; और कुछ काम नहीं करते, पर औरों के काम में हाथ डाला करते हैं। ऐसों को हम प्रभु यीशु मसीह में आज्ञा देते और समझाते हैं, कि चुपचाप काम करके अपनी ही रोटी खाया करें। और तुम, हे भाइयो, भलाई करने में हियाव न छोड़ो।
- Galatians 6:1–2 गलातियों 6:1–2हे भाइयों, यदि कोई मनुष्य किसी अपराध में पकड़ा जाए, तो तुम जो आत्मिक जो, नम्रता के साथ ऐसे को संभालो, और अपनी भी चौकसी रखो, कि तुम भी परीक्षा में न पड़ो। तुम एक दूसरे के भार उठाओ, और इस प्रकार मसीह की व्यवस्था को पूरी करो।
- 1 Corinthians 13:4–5 1 कुरिन्थियों 13:4–5प्रेम धीरजवन्त है, और कृपाल है; प्रेम डाल नहीं करता; प्रेम अपनी बड़ाई नहीं करता, और फूलता नहीं। वह अनरीति नहीं चलता, वह अपनी भलाई नहीं चाहता, झुंझलाता नहीं, बुरा नहीं मानता।
- Romans 15:1–3 रोमियों 15:1–3निदान हम बलवानों को चाहिए, कि निर्बलों की निर्बलताओं को सहें; न कि अपने आप को प्रसन्न करें। हम में से हर एक अपने पड़ोसी को उस की भलाई के लिये सुधारने के निमित्त प्रसन्न करे। क्योंकि मसीह ने अपने आप को प्रसन्न नहीं किया, पर जैसा लिखा है, कि तेरे निन्दकों की निन्दा मुझ पर आ पड़ी।
- 1 Timothy 6:11 1 तीमुथियुस 6:11पर हे परमेश्वर के जन, तू इन बातों से भाग; और धर्म, भक्ति, विश्वास, प्रेम, धीरज, और नम्रता का पीछा कर।
- 1 Corinthians 4:14 1 कुरिन्थियों 4:14मैं तुम्हें लज्जित करते के लिये ये बातें नहीं लिखता, परन्तु अपने प्रिय बालक जानकर उन्हें चितात हूं।
- 2 Timothy 2:24–25 2 तीमुथियुस 2:24–25और प्रभु के दास को झगड़ालू होना न चाहिए, पर सब के साथ कोमल और शिक्षा में निपुण, और सहनशील हो। और विरोधियों को नम्रता से समझाए, क्या जाने परमेश्वर उन्हें मन फिराव का मन दे, कि वे भी सत्य को पहिचानें।
Original words (Greek)
- Now · G1161δέ dé
- exhort · G3870παρακαλέω parakaléō
- you · G5209ὑμᾶς hymâs
- brethren · G80ἀδελφός adelphós
- warn · G3560νουθετέω nouthetéō
- are · G3588ὁ ho
- unruly · G813ἄτακτος átaktos
- comfort · G3888παραμυθέομαι paramythéomai
- feebleminded · G3642ὀλιγόψυχος oligópsychos
- support · G472ἀντέχομαι antéchomai
- weak · G772ἀσθενής asthenḗs
- patient · G3114μακροθυμέω makrothyméō
- toward · G4314πρός prós
- all · G3956πᾶς pâs