1 Samuel · chapter 18 · verse 9
1 Samuel 18:9 in Hindi
तब उस दिन से भविष्य में शाऊल दाऊद की ताक में लगा रहा।।
Tab us din se bhavishy mem shaaool daaood kee taak mem lagaa rahaa..
1 Samuel 18:9 in English
- King James Version (KJV)
- And Saul eyed David from that day and forward.
- World English Bible (WEB)
- Saul watched David from that day and forward.
- American Standard Version (ASV)
- And Saul eyed David from that day and forward.
- Bible in Basic English (BBE)
- And from that day Saul was looking with envy on David.
- Darby Translation (DBY)
- And Saul eyed David from that day and forward.
- Webster's Bible (WBS)
- And Saul eyed David from that day and forward.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Saul is eyeing David from that day and thenceforth.
Read in context
- 7और वे स्त्रियां नाचती हुइ एक दूसरी के साथ यह गाती गईं, कि शाऊल ने तो हजारों को, परन्तु दाऊद ने लाखों को मारा है।।
- 8तब शाऊल अति क्रोधित हुआ, और यह बात उसको बुरी लगी; और वह कहने लगा, उन्हों ने दाऊद के लिये तो लाखों और मेरे लिये हजारों को ठहराया; इसलिये अब राज्य को छोड़ उसको अब क्या मिलना बाकी है?
- 9तब उस दिन से भविष्य में शाऊल दाऊद की ताक में लगा रहा।।
- 10दूसरे दिन परमेश्वर की ओर से ऐ दृष्ट आत्मा शाऊल पर बल से उतरा, और वह अपने घर के भीतर नबूवत करने लगा; दाऊद प्रति दिवस की नाईं अपने हाथ से बजा रहा था। और शाऊल अपने हाथ में अपना भाला लिए हुए था;
- 11तब शाऊल ने यह सोचकर, कि मैं ऐसा मारूंगा कि भाला दाऊद को बेधकर भीत में धंस जाए, भाले को चलाया, परन्तु दाऊद उसके साम्हने से दो बार हट गया।
Cross references
- Genesis 31:2 उत्पत्ति 31:2और याकूब ने लाबान के मुखड़े पर दृष्टि की और ताड़ लिया, कि वह उसके प्रति पहले के समान नहीं है।
- Ephesians 4:27 इफिसियों 4:27और न शैतान को अवसर दो।
- Mark 7:22 मरकुस 7:22चोरी, हत्या, परस्त्रीगमन, लोभ, दुष्टता, छल, लुचपन, कुदृष्टि, निन्दा, अभिमान, और मूर्खता निकलती हैं।
- Genesis 4:5–6 उत्पत्ति 4:5–6परन्तु कैन और उसकी भेंट को उस ने ग्रहण न किया। तब कैन अति क्रोधित हुआ, और उसके मुंह पर उदासी छा गई। तब यहोवा ने कैन से कहा, तू क्यों क्रोधित हुआ? और तेरे मुंह पर उदासी क्यों छा गई है?
- James 5:9 याकूब 5:9हे भाइयों, एक दूसरे पर दोष न लगाओ ताकि तुम दोषी न ठहरो, देखो, हाकिम द्वार पर खड़ा है।
- Matthew 20:15 मत्ती 20:15क्या उचित नहीं कि मं अपने माल से जो चाहूं सो करूं? क्या तू मेरे भले होने के कारण बुरी दृष्टि से देखता है?