1 Samuel · chapter 25 · verse 27
1 Samuel 25:27 in Hindi
और अब यह भेंट जो तेरी दासी अपने प्रभु के पास लाई है, उन जवानों को दी जाए जो मेरे प्रभु के साथ चालते हैं।
Aur ab yah bhent jo teree daasee apane prabhu ke paas laaee hai, un javaanom ko dee jaae jo mere prabhu ke saath chaalate hain.
1 Samuel 25:27 in English
- King James Version (KJV)
- And now this blessing which thine handmaid hath brought unto my lord, let it even be given unto the young men that follow my lord.
- World English Bible (WEB)
- Now this present which your servant has brought to my lord, let it be given to the young men who follow my lord.
- American Standard Version (ASV)
- And now this present which thy servant hath brought unto my lord, let it be given unto the young men that follow my lord.
- Bible in Basic English (BBE)
- And let this offering, which your servant gives to my lord, be given to the young men who are with my lord.
- Darby Translation (DBY)
- And now this blessing which thy bondmaid has brought to my lord, let it be given to the young men that follow my lord.
- Webster's Bible (WBS)
- And now this blessing which thy handmaid hath brought to my lord, let it even be given to the young men that follow my lord.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And, now, this blessing which thy maid-servant hath brought to my lord — it hath been given to the young men who are going up and down at the feet of my lord.
Read in context
- 25मेरा प्रभु उस दुष्ट नाबाल पर चित्त न लगाए; क्योंकि जैसा उसका नाम है वैसा ही वह आप है; उसका नाम तो नाबाल है, और सचमुच उस में मूढ़ता पाई जाती है; परन्तु मुझ तेरी दासी ने अपने प्रभु के जवानों को जिन्हें तू ने भेजा था न देखा था।
- 26और अब, हे मेरे प्रभु, यहोवा के जीवन की शपथ और तेरे जीवन की शपथ, कि यहोवा ने जो तुझे खून से और अपने हाथ के द्वारा अपना पलटा लेने से रोक रखा है, इसलिये अब तेरे शत्रु और मेरे प्रभु की हाति के चाहनेवाले नाबाल ही के समान ठहरें।
- 27और अब यह भेंट जो तेरी दासी अपने प्रभु के पास लाई है, उन जवानों को दी जाए जो मेरे प्रभु के साथ चालते हैं।
- 28अपनी दासी का अपराध क्षमा कर; क्योंकि यहोवा निश्चय मेरे प्रभु का घर बसाएगा और स्थिर करेगा, इसलिये कि मेरा प्रभु यहोवा की ओर से लड़ता है; और जन्म भर तुझ में कोई बुराई नहीं पाई जाएगी।
- 29और यद्यपि एक मनुष्य तेरा पीछा करनेऔर तेरे प्राण का ग्राहक होने को उठा है, तौभी मेरे प्रभु का प्राण तेरे परमेश्वर यहोवा की जीवनरूपी गठरी में बन्धा रहेगा, और तेरे शत्रुओं के प्राणों को वह मानो गोफन में रखकर फेंक देगा।
Cross references
- 1 Samuel 30:26 1 शमूएल 30:26सिकलग में पहुंचकर दाऊद ने यहूदी पुरनियों के पास जो उसके मित्रा थे लूट के माल में से कुछ कुछ भेजा, और यह कहलाया, कि यहोवा के शत्रुओं से ली हुई लूट में से तुम्हारे लिये यह भेंट है।
- Genesis 33:11 उत्पत्ति 33:11सो यह भेंट, जो तुझे भेजी गई है, ग्रहण कर: क्योंकि परमेश्वर ने मुझ पर अनुग्रह किया है, और मेरे पास बहुत है।
- 2 Kings 5:15 2 राजा 5:15तब वह अपने सब दल बल समेत परमेश्वर के भक्त के यहां लौट आया, और उसके सम्मुख खड़ा होकर कहने लगा सुन, अब मैं ने जान लिया है, कि समस्त पृथ्वी में इस्राएल को छोड़ और कहीं परमेश्वर नहीं है। इसलिये अब अपने दास की भेंट ग्रहण कर।
- Judges 4:10 न्यायियों 4:10तब बाराक ने जबूलून और नप्ताली के लोगों को केदेश में बुलवा लिया; और उसके पीछे दस हजार पुरूष चढ़ गए; और दबोरा उसके संग चढ़ गई।
- 1 Samuel 25:42 1 शमूएल 25:42तब अबीगैल फुर्ती से उठी, और गदहे पर चढ़ी, और उसकी पांच सहेलियां उसके पीछे पीछे हो ली; और वह दाऊद के दूतों के पीछे पीछे गई; और उसकी पत्नी हो गई।
- 2 Samuel 16:2 2 शमूएल 16:2राजा ने सीबा से पूछा, इन से तेरा क्या प्रयोजन है? सीबा ने कहा, गदहे तो राजा के घराने की सवारी के लिये हैं, और रोटी और धूपकाल के फल जवानों के खाने के लिये हैं, और दाखमधु इसलिये है कि जो कोई जंगल में थक जाए वह उसे पीए।
- 2 Corinthians 9:5 2 कुरिन्थियों 9:5इसलिये मैं ने भाइयों से यह बिनती करना अवश्य समझा कि वे पहिले से तुम्हारे पास जाएं, और तुम्हारी उदारता का फल जिस के विषय में पहिले से वचन दिया गया था, तैयार कर रखें, कि यह दबाव से नहीं परन्तु उदारता के फल की नाई तैयार हो।।