1 Samuel · chapter 28 · verse 5
1 Samuel 28:5 in Hindi
पलिश्तियों की सेना को देखकर शाऊल डर गया, और उसका मन अत्यन्त भयभीत हो कांप उठा।
Palishtiyom kee senaa ko dekhakar shaaool dar gayaa, aur usakaa man atyant bhayabheet ho kaamp uthaa.
1 Samuel 28:5 in English
- King James Version (KJV)
- And when Saul saw the host of the Philistines, he was afraid, and his heart greatly trembled.
- World English Bible (WEB)
- When Saul saw the army of the Philistines, he was afraid, and his heart trembled greatly.
- American Standard Version (ASV)
- And when Saul saw the host of the Philistines, he was afraid, and his heart trembled greatly.
- Bible in Basic English (BBE)
- And when Saul saw the Philistine army he was troubled, and his heart was moved with fear.
- Darby Translation (DBY)
- And when Saul saw the camp of the Philistines, he was afraid, and his heart greatly trembled.
- Webster's Bible (WBS)
- And when Saul saw the host of the Philistines, he was afraid, and his heart greatly trembled.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Saul seeth the camp of the Philistines, and feareth, and his heart trembleth greatly,
Read in context
- 3शमूएल तो मर गया था, और समस्त इस्राएलियों ने उसके विषय छाती पीटी, और उसको उसके नगर रामा में मिट्टी दी थी। और शाऊल ने ओझों और भूतसिद्धि करनेवालों को देश से निकाल दिया था।।
- 4जब पलिश्ती इकट्ठे हुए और शूनेम में छावनी डाली, तो शाऊल ने सब इस्राएलियों को इकट्ठा किया, और उन्हों ने गिलबो में छावनी डाली।
- 5पलिश्तियों की सेना को देखकर शाऊल डर गया, और उसका मन अत्यन्त भयभीत हो कांप उठा।
- 6और जब शाऊल ने यहोवा से पूछा, तब यहोवा ने न तो स्वप्न के द्वारा उस उत्तर दिया, और न ऊरीम के द्वारा, और न भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा।
- 7तब शाऊल ने अपने कर्मचारियों से कहा, मेरे लिये किसी भूतसिद्धि करनेवाली को ढूंढो, कि मैं उसके पास जाकर उस से पूछूं। उसके कर्मचारियों ने उस से कहा, एन्दोर में एक भूतसिद्धि करनेवाली रहती है।
Cross references
- Isaiah 57:20–21 यशायाह 57:20–21परन्तु दुष्ट तो लहराते समुुद्र के समान है जो स्थिर नहीं रह सकता; और उसका जल मैल और कीच उछालता है। दुष्टों के लिये शान्ति नहीं है, मेरे परमेश्वर का यही वचन है।।
- Isaiah 21:3–4 यशायाह 21:3–4इस कारण मेरी कटि में कठिन पीड़ा है; मुझ को मानो जच्चा पीडें हो रही है; मैं ऐसे संकट में पडत्र गया हूं कि कुछ सुनाई नहीं देता, मैं एसा घबरा गया हूं कि कुछ दिखाई नहीं दंता। मेरा हृदय धड़कता है, मैं अत्यन्त भयभीत हूं, जिस सांझ की मैं बाट जोहता था उसे उस ने मेरी थरथराहट का कारण कर दिया है।
- Psalm 73:19 भजन संहिता 73:19अहा, वे क्षण भर में कैसे उजड़ गए हैं! वे मिट गए, वे घबराते घबराते नाश हो गए हैं।
- Isaiah 7:2 यशायाह 7:2जब दाऊद के घराने को यह समाचार मिला कि अरामियों ने एप्रैमियों से सन्धि की है, तब उसका और प्रजा का भी मन ऐसा कांप उठा जैसे वन के वृक्ष वायु चलने से कांप जाते हैं।
- Job 18:11 अय्यूब 18:11चारों ओर से डरावनी वस्तुएं उसे डराएंगी और उसके पीछे पड़कर उसको भगाएंगी।
- Daniel 5:6 दानिय्येल 5:6उसे देखकर राजा भयभीत हो गया, और वह अपने सोच में घबरा गया, और उसकी कटि के जोड़ ढ़ीले हो गए, और कांपते कांपते उसके घुटने एक दूसरे से लगने लगे।
- Psalm 48:5–6 भजन संहिता 48:5–6उन्हों ने आप ही देखा और देखते ही विस्मित हुए, वे घबराकर भाग गए। वहां कपकपी ने उनको आ पकड़ा, और जच्चा की सी पीड़ाएं उन्हें होने लगीं।
- Proverbs 10:24 नीतिवचन 10:24दुष्ट जन जिस विपत्ति से डरता है, वह उस पर आ पड़ती है, परन्तु धर्मियों की लालसा पूरी होती है।
- Job 15:21 अय्यूब 15:21उसके कान में डरावना शब्द गूंजता रहता है, कुशल के समय भी नाशक उस पर आ पड़ता है।